"प्रोटेस्टेंट संप्रदाय" के अवतरणों में अंतर

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== लुथरन ==
[[चित्र:Protestant branches.svg|frame|प्रोटेस्टैंट के अन्दर विभिन्न सम्प्रदाय एवं आन्दोलन]]
16वीं शताब्दी के प्रारंभ में [[लूथर]] के विद्रोह के फलस्वरूप प्रोटेस्टैंट शाखा का प्रादुर्भाव हुआ था ।था। लूथर के अनुयायी '''लूथरन''' कहलाते हैं; प्रोटेस्टैंट धर्मावलंबियों में उनकी संख्या सर्वाधिक है ।है।
[[File:Major branches within Christianity.PNG|800px|thumb|center|Non-denominational Christian-centered genealogy]]
 
== कैलविनिस्ट ==
[[जोहन कैलविन]] (1509-1564 ई.) फ्रांस के निवसी थे। सन 1532 ई. में प्रोटेस्टैंट बनकर वह [[स्विट्जरलैंड]] में बस गए जहाँ उन्होंने लूथर के सिद्धांतों के विकास तथा प्रोटेस्टैंट धर्म के संगठन के कार्य में असाधारण प्रतिभा प्रदर्शित की। [[बाइबिल]] के पूर्वार्ध को अपेक्षाकृत अधिक महत्व देने के अतिरिक्त उनकी शिक्षा की सबसे बड़ी विशेषता है, उनका पूर्वविधान (प्रीडेस्टिनेशन) नामक सिद्धांत। इस सिद्धांत के अनुसार ईश्वर ने अनादि काल से मनुष्यों को दो वर्गों में विभक्त किया है, एक वर्ग मुक्ति पाता है और दूसरा नरक जाता है ।है। कैलविन के अनुयायी '''कैलविनिस्ट''' कहलाते हैं, वे विशेष रूप से स्विट्जरलैंड, हंगरी, चेकोस्लोवाकिया, स्कॉटलैंड, फ्रांस तथा अमेरिका में पाए जाते हैं, उनकी संख्या लगभग पाँच करोड़ है। ये सब समुदाय एक [[वर्ल्ड प्रेसविटरीय एलाइंस]] (World Presbyterian Alliance) के सदस्य हैं, जिसका केंद्र [[जेनोवा]] में है।
 
== एंग्लिकन ==
 
== पेंतकोस्तल ==
पेंतकोस्तल नामक अनेक संप्रदाय 20वीं शताब्दी में प्रारंभ हुए हैं। कुल मिलाकर उनकी सदस्यता लगभग एक करोड़ बताई जाती है। पेंतकोस्त पर्व के नाम पर उन संप्रदायों का नाम रखा गया है ।है। भावुकता तथा पवित्र आत्मा के वरदानों का महत्व उन संप्रदायों की प्रधान विशेषता है।
 
== वाह्य सूत्र ==