"फ़िलिस्तीनी राज्यक्षेत्र" के अवतरणों में अंतर

छो
अल्प चिह्न सुधार
(Reverted 1 edit by 106.76.123.21 (talk): कॉपी पेस्ट की गई सामग्री . (TW))
छो (अल्प चिह्न सुधार)
 
== नाम और क्षेत्र ==
अगर आज के फिलस्तीन-इसरायल संघर्ष और विवाद को छोड़ दें तो मध्यपूर्व में भूमध्यसागर और जॉर्डन नदी के बीच की भूमि को फलीस्तीन कहा जाता था ।था। बाइबल में फिलीस्तीन को कैन्नन कहा गया है और उससे पहले ग्रीक इसे फलस्तिया कहते थे ।थे। रोमन इस क्षेत्र को जुडया प्रांत के रूप में जानते थे ।थे।
 
== इतिहास ==
तीसरी सहस्ताब्दि में यह प्रदेश [[बेबीलोन]] और [[मिस्र]] के बीच व्यापार के लिहाज से एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बनकर उभरा ।उभरा। फिलीस्तीन क्षेत्र पर दूसरी सहस्त्राब्दि में मिस्रियों तथा हिक्सोसों का राज्यथा ।राज्यथा। लगभग इसा पूर्व १२०० में हजरत मूसा ने यहूदियों को अपने नेतृत्व में लेकर मिस्र से फिलीस्तीन की तरफ़ कूच किया ।किया। हिब्रू (यहूदी) लोगों पर फिलिस्तीनियों का राज था ।था। पर सन् १००० में इब्रानियों (हिब्रू, यहूदी) ने दो राज्यों की स्थापना की (अधिक जानकारी के लिए देखें - [[यहूदी इतिहास]]) - इसरायल और जुडाया ।जुडाया। ईसापूर्व ७०० तक इनपर बेबीलोन क्षेत्र के राज्यों का अधिकार हो गया ।गया। इस दौरान यहूदियों को यहाँ से बाहर भेजा गया ।गया। ईसापूर्व ५५० के आसपास जब यहाँ फ़ारस के हख़ामनी शासकों का अधिकार हो गया तो उन्होंने यहूदियों को वापस अपने प्रदेशों में लौटने की इजाजत दे दी ।दी। इस दौरान यहूदी धर्म पर जरदोश्त के धर्म का प्रभाव पड़ा ।पड़ा।
 
सिकन्दरके आक्रमण (३३२ ईसापूर्व) तक तो स्थिति शांतिपूर्ण रही पर उसके बाद रोमनों के शासन में यहाँ दो विद्रोह हुए - सन् ६६ और सन् १३२ में ।में। दोनों विद्रोहों को दबा दिया गया ।गया। अरबों का शासन सन् ६३६ में आया ।आया। इसके बाद यहाँ अरबों का प्रभुत्व बढ़ता गया ।गया। इस क्षेत्र में यहूदी, मुस्लिम और ईसाई तीनों आबादी रहती थी ।थी। १५१७ में तुर्कों का शासन
 
== पार्सि शासन (५३८ ई.पू.) ==