"कामन्दकीय नीतिसार" के अवतरणों में अंतर

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== रचनाकाल ==
इसके रचनाकाल के विषय में कोई स्पष्ट प्रमाण उपलब्ध नहीं है। [[विंटरनित्स]] के मतानुसार किसी कश्मीरी कवि ने इसकी रचना ईस्वी ७००-७५० के बीच की। डा.डॉ॰ [[राजेन्द्रलाल मित्र]] का अनुमान है कि ईसा के जन्मकाल के लगभग [[बाली द्वीप]] जानेवाले आर्य इसे [[भारत]] से बाहर ले गए जहाँ इसका '[[कवि भाषा]]' में अनुवाद हुआ। बाद में यह ग्रंथ [[जावा]] द्वीप में भी पहुँचा। छठी शताब्दी के कवि [[दण्डी]] ने अपने '[[दशकुमारचरित]]' के प्रथम उच्छ्वास के अंत में 'कामंदकीय' का उल्लेख किया है।
 
इसके कर्ता कामंदकि या कामंदक कब और कहाँ हुए, इसका भी कोई पक्का प्रमाण नहीं मिलता। इतना अवश्य ज्ञात होता है कि ईसा की सातवीं शताब्दी के प्रसिद्ध [[नाटक]]कार [[भवभूति]] से पूर्व इस ग्रंथ का रचयिता हुआ था, क्योंकि भवभूति ने अपने [[नाटक]] '[[मालतीमाधव]]' में नीतिप्रयोगनिपुणा एक परिव्राजिका का 'कामंदकी' नाम दिया है। संभवत: नीतिसारकर्ता 'कामंदक' नाम से रूढ़ हो गया है तथा नीतिसारनिष्णात व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होने लगा था।