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[[हिन्दू काल गणना]] के अनुसार मास में ३० तिथियाँ होतीं हैं, जो दो पक्षों में बंटीं होती हैं। चन्द्र मास एक अमावस्या के अन्त से शुरु होकर दूसरे अमावस्या के अन्त तक रहता है.है। अमावस्या के दिन सूर्य और चन्द्र का भौगांश बराबर होता है.है। इन दोनों ग्रहों के भोंगाश में अन्तर का बढना ही तिथि को जन्म देता है.है। तिथि की गणना निम्न प्रकार से की जाती है.है।
 
तिथि = चन्द्र का भोगांश - सूर्य का भोगांश / ( Divide) 12.