"स्पार्टा" के अवतरणों में अंतर

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लासदेमोनिया Lacedaemonia (Λακεδαιμονία) के रूप में, इन नामों का प्रयोग साधारणतया होमर और एथेनियन इतिहासकारों हेरोडोटस (Herodotus) एवं थुसाईडाईड्स (थुसाइडाइड्स) की रचनाओं में किया गया है. हेरोडोटस ने केवल पहले वाले का ही प्रयोग किया है और कुछ परिच्छेदों में तो ऐसा लगता है कि स्पार्टा शहर के निचले हिस्से के विपरीत, थेरापन के मैसिनियन ग्रीक दुर्ग को ही उद्धृत करने के लिए ही किया गया है. स्पार्टा नगर के काफी करीबी अंचल में, टैगेटॉस (Taygetos) पहाड़ों के पूर्वी पठार को, आमतौर पर लेकोनिया (Λακωνία) के रूप में उल्लेख किया जाता था. किसी समय इस शब्द का साधारणतया स्पार्टन के सीधे नियंत्रण वाले सभी क्षेत्रों (अंचलों) के लिए प्रयोग किया जाता था, जिसमें मेसेनिया भी शामिल था. लैसेडेमॉन (Lacedaemon) के सन्दर्भ में शुरूआती शब्द माइसेनेइयन ग्रीक (Mycenaean Greek) रा-के-डा-मी-नि-जो (ra-ke-da-mi-ni-jo) था, जिसका शाब्दिक अनुवाद "लैंसी डेमोनियन" हुआ जिसे आक्षरिक लिपि में रैखिक बी (Linear B) के रूप में लिखा जाता था.
 
यूनानी मिथकशास्त्र में (पौराणिक कथाओं में), लैसिडेमॉन सुंदरी अप्सरा टाय्गेट से जन्मा जीयस (यूनानी देवराज) का बेटा था. उसने स्पार्टा से शादी की, जिससे वह एमिक्लास (Amyclas), युरिडाईस (Eurydice), और एसिन (Asine) का पिता बना. वह देश का राजा बना जिसका नामकरण उसने अपने ही नाम पर, और राजधानी का नामकरण अपनी पत्नी के नाम पर किया. ऐसा मानना है कि उसने ही चैरेटिज़ के अभयारण्य का निर्माण किया था, जो स्पार्टा और एमिक्ले (Amyclae) के मध्य अवस्थित था, तथा क्लेटा (Cleta) एवं फेन्ना (Phaenna) नामक दो देवताओं को प्रदान कर दिया गया था. थेरापन (Therapne) के पड़ोस में ही एक पवित्र समाधि-स्थल का निर्माण किया गया.
 
आधुनिक यूनान में लैकोनियन के प्रशाशक के एक प्रांत का अब नया नाम लैसिडेमॉन (Lacedaemon) है.
 
=== मध्यकालीन और आधुनिक स्पार्टा ===
बाइजेंटाइन के सूत्रों के हवाले, लैकोनियन क्षेत्र के कुछ हिस्से 10वीं सदी ई.पू. तक बुत-परस्त ही बने रहे, और डोरिक भाषा-भाषी आबादी आज भी जकोनिया से बरकरार हैं. मध्य युग में, लैकोनिया का राजनीतिक और सांस्कृतिक केंद्र पड़ोस में ही बसे मिस्त्रास में स्थानांतरित कर दिया गया. यूनान के राजा ओट्टो (King Otto) के एक फरमान के अनुसार, वर्ष 1834 में आधुनिक स्पर्ती की पुनर्स्थापना की गई.
 
== सांस्कृतिक स्पार्ती समाज की संरचना ==
इस बारे में दो अपवाद थे. ट्रोफिमोई (Trophimoi) या "पोस्य-पुत्रों" को जो विदेशी छात्रों को अध्ययन के लिए आमंत्रित किया जाता था. उदाहरण के लिए, एथेनियन सेनापति जेनोफोन ने, अपने दो बेटों को ट्रोफिमोई के रूप में स्पार्टा भेजा. एक दूसरा अपवाद यह भी था कि कृषिदासों के बेटों को सिंट्रोफॉस के रूप में नामांकित किया जा सकता था बशर्ते कोई स्पार्ती परिवार ने उसे गोद लिया हो और उसका व्यय अपने तरीके वहन किया हो. अगर एक सिंट्रोफॉस अपने प्रशिक्षण में असाधारण तरीके से अच्छा प्रदर्शन करता था, तो उसे स्पर्ती होने के लिए प्रायोजित कर लिया जाता था.
 
राज्य में अन्य नागरिकों के पेरिओइकोइ (पेरीओइकोई) थे, जो स्पार्टन के अधिकार क्षेत्र के स्वतंत्र निवासी थे लेकिन गैर-नागरिक, एवं बंधुआ दास (हेलोट्स), राज्य के स्वामित्व वाले कृषि-दास थे. गैर-स्पर्ती नागरिकों के उत्तराधिकारी शारीरिक-सामरिक शिक्षा के काबिल नहीं थे तथा ऐसे स्पार्टन जो एगौग के प्रशिक्षण का व्यय वहन नहीं कर सकते थे उनकी नागरिकता समाप्त हो सकती थी. इन कानूनों का मतलब था कि स्पार्टा युद्ध में खोए नागरिकों के बदले में तत्काल ही किसी और को प्रतिस्थापित नहीं कर सकता था, अथवा अन्यथा एवं अंततः राज्य की निरंतरता के लिए यह घातक प्रमाणित हो सकता था चूंकि राज्य के नागरिकों की संख्या को गैर-नागरिकों की संख्या से कम हो जाती, और भी अधिक खतरनाक, हेलोट की संख्या बढ़ जा सकती थी.
 
=== हेलोट्स एवं पेरिओइकोइ ===
424 ईसा पूर्व के आसपास स्पार्तियों ने एक सुचिन्तित योजनाबद्ध मंचस्थ अनुष्ठान में 2000 हेलोट्स की हत्या कर दी. थूसाइडाइड्स के विवरण के अनुसार:
<blockquote>
"एक घोषणा के तहत हेलोट्स को आमंत्रित करते हुए कहा गया कि वे अपनी आबादी में से उन लोगों को ही चुने जो अपने आपको दुश्मन के खिलाफ सबसे अधिक जाने-पहचाने (प्रतिष्ठित) होने का दावा करते हैं, ताकि वे भी आजादी के हकदार हो सके; मकसद केवल उनकी जांच करनी थी, चूंकि यह सोच लिया गया था कि आजादी का दावा करने वाला सबसे पहला व्यक्ति ही सबसे ज्यादा साहसी बहादुर और सबसे योग्य विद्रोही मान लिया जाएगा. तदनुसार, लगभग दो हज़ार लोग चुने गए, जिन लोगों ने खुद को ताज पहनाया और नई आजादी का जश्न मनाते हुए, देवलयों की परिक्रमा करने लगे. हालांकि, स्पर्तियों ने, शीघ्र ही उनके साथ वही किया जो उन्हें करना था, और किसी ने यह नहीं जाना कि उनमें से कितने लोग नष्ट हो गए.
</blockquote>
 
कानून के जरिए स्पार्ती नागरिकों को व्यापार अथवा विनिर्माण से वंचित कर दिया गया था, फलस्वरूप पेरिओइकोइ के हाथों में यह कार्य-भार आ गया, एवं (सैद्धांतिक रूप से) सोने या चांदी रखने निषिद्ध (वर्जित) हो गया था. स्पार्ती मुद्रा में लोहे की सलाखें होती थी, इस प्रकार चोरी और विदेशी वाणिज्य बहुत ही मुश्किल एवं धान-संचय के मामले में निराशाजनक था. कम से कम सैद्धांतिक रूप से संपत्ति सम्पूर्ण रूप से जमीनी जायदाद से ही अर्जित होती थी एवं हेलोट्स द्वारा भुगतान किए जाने वाले वार्षिक प्रतिफल के अनुसार होता था, जो स्पार्ती नागरिकों को आवंटित भू-खण्डों की खेती करते थे. लेकिन जायदाद को इस प्रकार से एक सामान बराबर करने की कोशिश नाकाम साबित हुई: शुरूआती दौर से ही, राज्य में संपत्ति के उल्लेखनीय अंतर थे, एवं ये एपिटेडियश के कानून के बाद और भी अधिक गंभीर हो गए, जो पेलोपोनेसियन युद्ध के समय लागू किए गए थे, जिसने उपहार अथवा जमीन की वसीयत पर से विधि-निषेध हटा दिया.
 
किसी भी प्रकार के आर्थिक कार्य-कलापों से उन्मुक्त, पूर्ण नागरिकों को,एक भू-खण्ड दे दिया जाता था जिसकी खेतीबारी का काम हेलोट्स किया करते थे. जैसे-जैसे समय गुजरता गया जमीन का एक बड़ा हिस्सा बड़े जमींदारों के हाथों में संक्रेंदित होता गया, लेकिन पूर्ण नागरिकों की संख्या कम होती गई. 5वीं सदी ईसापूर्व के आरंभ में नागरिकों की संख्या 10,000 थी लेकिन अरस्तू के समय (384–322 ईसापूर्व) में यह घटकर 1000 से भी कम हो गई, और आगे चलकर 244 ईसापूर्व में एगिस IV के राज्यारोहण के समय यह घटकर 700 हो गई. नए कानून बनाकर इस स्थिति से निपटने की कोशिशें की गई. जो अविवाहित ही रह गए अथवा जिन्होंने देर से विवाह किया उनपर अब दंड भी लगाए गए. हालांकि, इस कानूनों के लागू किए जाने में काफी देर हो चुकी थी और चली आ रही प्रकृति का पलटने में अप्रभावी थे.
 
== प्राचीन स्पार्टा में जीवन शैली ==
=== जन्म और मृत्यु ===
स्पार्टा सर्वोपरि सैन्यवादी राज्य था, और जन्म के समय से ही सैन्य फिटनेस पर विशेष जोर देना वस्तुतः जन्म से ही आरंभ हो जाता था. जन्म के फौरन बाद ही, मां बच्चे को शराब से नेहला देती थी सिर्फ यह देखने के लिए कि नवजात शिशु मजबूत है या नहीं. अगर बच्चा बच जाता था तो उसके पिता उसे गेरौसिया के पास ले जाता था. तब गेरौसिया इस बात का फैसला करता था कि उसका लालन-पालन किया जाय या नहीं. अगर वे उसे "ठिंगना और बेडौल" मां लेते थे, तो शिशु को माउंट टेंगिटॉस शिल्ट्भाषा में एपोथिताए (ग्रीक में ἀποθέτας, "जमा") की एक गहरी खाई में फेंक दिया जाता था. दरसल यह, सुज़ननिकी (यूजेनाइक) के आदिम रूप काम प्रभाव था.
 
एथेंस सहित अन्य यूनानी क्षेत्रों में अवांछित बच्चों को उजागर (खुलासा) करने की प्रचलित प्रथा के कुछ साक्ष्य उपलब्ध हैं.
जब पुरुष स्पार्टन्स सात वर्ष की उम्र से ही सैन्य प्रशिक्षण शुरू कर देता था, उन्हें एगौग प्रणाली में प्रविष्ट होना पड़ता था. अनुशासन और शारीरिक सुदृढ़ता को प्रोत्साहित करने के लिए तथा स्पार्टन राज्य के महत्त्व को प्रमुखता प्रदान करने के लिए ही एगौग की रूप रेखा डिजाइने की गई थी. लड़के सामुदायिक मेसों में रहते थे और उन्हें जानबूझ कर अल्पाहार दिया जाता था ताकि उन्हें भोजन चुराने की कला में महारत हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए. शारीरिक और शास्त्र शिक्षा के अलावे, लड़कों को पठन, लेखन, संगीत और नृत्य का अध्ययन करना पड़ता था. अगर लड़के पर्याप्त "लैकोनिक" तरीके से (अर्थात संक्षेप में तथा हजारिजवाबी के साथ) सवालों के जवाब देने में नाकामयाब हो जाते थे तो उनके लिए विशेष दण्ड-विधान लागू किया जाते थे. बारह की उम्र में, एगौग स्पार्टन लड़के को एक व्यस्त पुरुष गुरु आमतौर पर अविवाहित युवक के पास जाने को मजबूर करता था. व्यस्कव्यक्ति से यह उम्मीद की जाती थी कि वह वैकल्पिक पिता के रूप में काम करे और अपने कानिस्ट सहयोगी के लिए रोड मॉडल (आदर्श-चरित्र) की भूमिका निभाए, हालांकि, यह निविर्दादित कारणों से यह निश्चित था कि उनके बीच यौन संबंध थे. (हालांकि स्पर्ती व्यस्क व्यक्ति और किशोर के बीच यौन-संसर्ग की सटीक प्रवृति अस्पष्ट है).
 
अठारह वर्ष की उम्र में, स्पर्ती लड़के स्पार्टन सेना के आरक्षित सदस्य बन जाते थे. एगौग छोड़ देने के बाद, उन्हें विभिन्न समूहों में वर्गीकृत कर दिया जाता था, जिनमें से कुछ को देहातों में केवल एक छूरी देकर भेज दिया जाता था ताकि वे अपनी बुद्धि और चालाकी के सहारे जबरदस्ती जीने के लिए मजबूर रहें. इसे क्रिप्तिया कहा जाता था, और इसका तत्काल उद्देश्य किसी भी हेलोट्स की तलाश करना और मार देना था और यह हेलोट्स आबादी को आंतकित करने और डराने के व्यापक कार्यक्रम का केवल एक हिस्सा था.
 
स्पर्ती लड़कियों की शिक्षा-दीक्षा के बारे में कम जानकारी उपलब्द्ध है, लेकिन ऐसा लगता है कि उन्हें काफी हद तक व्यापक औपचारिक शैक्षणिक चक्र से गुजरना पड़ता था, मोटे तौर पर लड़कों जैसे ही लेकिन सैन्य प्रशिक्षण पर कम महत्त्व दिया जाता था. इस मामले में प्राचीन यूनान में सांस्कृतिक स्पार्टा बेजोड़ था. किसी भी नगर राज्य में महिलाएं किसी भी प्रकार की औपचारिक शिक्षा नहीं पाती थी.
सभ्य लोगों का न कि पशुओं का एक मान्य स्तर होना चाहिए, जिसे ध्यान में अवश्य रखना चाहिए, चूंकि ये जानवर नहीं बल्कि अच्छे लोग हैं, जो सचमुच के साहस के लिए सक्षम हैं. स्पार्तियों की तरह ही वे लोग जो किसी एक पर अपना ध्यान केन्द्रित करते हैं और दूसरे की शिक्षा में उपेक्षा करते हैं, वे मनुष्यों को मशीन में बदल देते हैं और नगरी जीवन के किसी एक पहलू पर ही अपने आप को समर्पित कर देते हैं, ऐसे में भी वे उन्हें निम्नतर बनाकर ही छोड़ते हैं.</blockquote>
 
यहां तक कि माताओं ने भी सैन्यवादी जीवन-शैली लागू की जैसा कि स्पार्ती पुरुष दृढ़ता के साथ जीते थे. स्पार्ती योद्धा की एक पौराणिक कथा है जो लड़ाई से भागकर अपनी मां के पास वापस चला गया था. हालांकि अपनी मां से उसने बचाव की उम्मीद की थी, लेकिन उसकी मां ने इसका उल्टा ही किया. सार्वजनिक शर्म से बचाने के बजाय, उसने एवं उसकी कुछ सहेलियों ने उसे सड़कों पर दौड़ते हुए उसका पीछा किया, और लाठियों से उसे पीटा भी. बाद में, अपनी कायरता और हीनता के लिए चीखता हुआ वह स्पार्टा की पहाड़ियों पर ऊपर-नीचे दौड़ने को लाचार हो गया.
 
=== विवाह ===
क्रिप्तिया (Krypteia)पूरा करने के बाद, स्पार्ती पुरुषों को 30 वर्ष की उम्र में विवाह करना जरुरी हो जाता था. प्लूटार्क की रिपोर्ट के मुताबिक़ स्पार्टन की शादी की रात के कुछ अजीबोगरीब रीति-रिवाज जुड़े हुए हैं:<blockquote>विवाह के लिए औरतों पर कब्ज़ा करने की प्रथा थी (...) कब्ज़ा की गई लड़की का भार तथाकथित दुल्हन की सहेली ले लेती थी. सबसे पहले वह उसकी खोपड़ी की हज़ामत कर देती थी, तब उसे पुरुष के वस्त्र और सैंडल पहनकर अँधेरे में एक गद्दे पर लिटा देती थी. दूल्हा - जो नशे में नहीं रहता था और इसीलिए नपुंसक भी नहीं रहता था, पर हमेशा की तरह सौम्य और शांत बना रहता था - सर्वप्रथम मेस (भोजनालयों) में रात्री-कालीन भोजन ग्रहण करता था, तब चुपके से अन्दर प्रवेश करता था, उसके कमर बंद खोलता था, उसे बाहों में उठाता था और उसे बिस्तर पर ले जाता था.</blockquote> विवाह के बाद पति चोरी-छुपे अपनी पत्नी से मिलना-जुलना जारी रखता था. ये रीति-रिवाज़, जो स्पार्तियों के लिए अनोखे थे, इन्हें विभिन्न तरीकों से व्याख्यायित किया गया है. "अपहरण" हो सकता है बुरी नज़रों से बचने का एक तरीका भी हो, और पत्नी के केश कटवाना, शायद संस्कार का एक मार्ग हो जो उसकी नई जिन्दगी में प्रवेश-द्वार का एक संकेत मात्र हो.
 
== महिलाओं की भूमिका ==
{{main|Women in Ancient Sparta}}
==== राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक समानता ====
स्पार्ती महिलाएं रुतबा, क्षमता, तथा आदर का उपभोग करती थी जो शेष क्लासिकल जगत के लिए अज्ञात था. वे अपनी निजी जायदाद को अपने नियंत्रण में रखने के साथ-ही-साथ उन पुरुष रिश्तेदारों की जायदाद की भी देखभाल करती थीं, जो सेना-वाहिनी के साथ दूर चले जाते थे. यह अनुमानित है कि औरतें स्पार्टा की संपूर्ण जमीन तथा जायदाद की कम से कम 35% की एकमात्र अकेली मालकिन थी. तलाक का कानून पुरषों और नारियों दोनों के लिए ही एक समान था. एथेंस की औरतों जैसी नहीं, अगर एक स्पार्ती औरत अपने पिता की उत्तराधिकारिणी बन जाती थी क्योंकि उत्तराधिकारी होने के लिए उसके पास कोई जीवित भाई नहीं हुआ करता था (एपिक्लेरोस), तो उस औरत के लिए उसके नजदीकी पैतृक रिश्तेदार से विवाह करने हेतु उसे अपने मौजूदा, पति से तलाक लेना आवश्यक नहीं माना जाता था. स्पार्ती औरतें शायद ही 20 वर्ष की कम उम्र में शादी करती हो, और एथेनियन औरतों जैसी नहीं, जो भारी-भरकम, वस्त्राभूषणों से अपने आपको पूरी तरह ढक लेती थी तथा शायद ही कभी घर के बाहर दिखाई देती हो, स्पार्ती औरतें छोटी पोशाकें पहनती थी और जहां चाहें अपनी मर्जी के मुताबिक जा सकती थी. लड़कियां लड़कों की ही तरह नंगी रह सकती थी तथा युवकों की ही तरह युवतियां भी जिम्नोपीडिया (Gymnopaedia) में (नंगे युवक-युवतियों का महोत्सव) में भाग ले सकती थीं.
 
==== ऐतिहासिक महिलाएं ====
[[चित्र:Ancient sparta theater.jpg|right|220px|thumb|माउंट टायगेट्स के साथ पृष्ठभूमि में प्राचीन स्पार्टा के थिएटर.]]
[[चित्र:Sparta ruins.PNG|thumb|प्राचीन अवशेष की साइट से.]]
थुसाइडाइड्स ने लिखा है:<blockquote>मान लीजिए कि स्पार्टा शहर वीरान हो गया, जमीन का खाका (योजना की रूपरेखा) और धर्म-स्थलों के अलावा कुछ भी अवशिष्ट नहीं रह गया, ऐसे में आनेवाले सुदूरवर्ती युग के लोग यह विशवास करने में सर्वथा अनिच्छुक रहेंगे कि लैसिडेमोनीयंस की क्षमता उनकी ख्याति के साथ सम्पूर्ण रूप से समान थी. उनका शहर क्रमिक रूप से लगातार नहीं निर्भित होता रहा, और उनके पास भव्य मंदिर अथवा अन्य इमारतें भी नहीं थी; उल्टा यह गांवों का एक समूह-जैसा देखने में प्रतीत होता था, हेलास के प्राचीन शहरों की तरह, और इसीलिए एक कमजोर मामूली प्रदर्शन भी पेश करता है.</blockquote>
 
बीसवीं शताब्दी तक, स्पार्टा के प्राचीन प्रासाद थिएटर थे, हालांकि, जिसका थोड़ा सा हिस्सा बाकी बची हुई दीवारों के कुछ अंश के अलावे दिखाई देता था; तथा-कथित लेयोनिडास का मकबरा (Tomb of Leonidas), एक चौकोर भवन, शायद एक मंदिर, पत्थर के ब्लॉक्स (खण्ड) से निर्मित, एवं दो कक्षों वाले युरोटास नदी पर निर्मित प्राचीन पुल की नीवं वृत्ताकार संरचना के नष्ट अवशेष; अंतिम रोमन किलेबंदी के खंडहर, ईंट के कुछ मकान तथा मोजेक फुटपाथ.