"इज़राइल" के अवतरणों में अंतर

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[[यरूशलम]] इसरायल की राजधानी है पर अन्य महत्वपूर्ण शहरों में [[तेल अवीव]] का नाम प्रमुखता से लिया जा सकता है। यहाँ की प्रमुख भाषा [[इब्रानी]] (हिब्रू) है, जो दाहिने से बाँए लिखी जाती है और यहाँ के निवासियों को ''इसरायली'' कहा जाता है।
 
== नाम ==
'''इसरायल''' शब्द का प्रयोग [[बाईबल]] और उससे पहले से होता रहा है। बाईबल के अनुसार ईश्वर के फ़रिश्ते के साथ युद्ध लड़ने के बाद [[जैकब]] का नाम ''इसरायल'' रखा गया था। इस शब्द का प्रयोग उसी समय (या पहले) से यहूदियों की भूमि के लिए किया जाता रहा है। पुरातात्विक खोजों के मुताबिक सबसे पहले ईसा के 13वीं सदी पूर्व, [[मिस्र]] में, इस भ। य्ह देश पअह्लय अस्तित्व मे नहए थ।
 
== भूगोल ==
[[चित्र:Is-wb-gs-gh v3.png|right|thumb|350px|वेस्टबैंक, गाजा पट्टी तथा गोलन हाइट्स के साथ '''इजराइल''' का मानचित्र]]
इज़रायल दक्षिण पश्चिम एशिया का एक स्वतंत्र यहूदी राज्य है, जो 14 मई 1948 ई. को [[फिलिस्तीन|पैलेस्टाइन]] से ब्रिटिश सत्ता के समाप्त होने पर बना। यह राज्य [[रूम सागर]] के पूर्वी तट पर स्थित है। इसके उत्तर तथा उत्तर पूर्व में [[लेबनान]] एवं सीरियास[[सीरिया]], पूर्व में [[जार्डन]], दक्षिण में [[अकाबा की खाड़ी]] तथा दक्षिण पश्चिम में [[मिस्र]] है (क्षेत्रफल 20,700 वर्ग किलोमीटर)। इसकी राजधानी है तथा [[तेल अवीब]] एवं [[हैफा]] इसके अन्य मुख्य नगर हैं। राजभाषा [[इब्रानी]] है।
 
इज़रायल के तीन प्राकृतिक भाग हैं जो एक दूसरे के समांतर दक्षिण से उत्तर तक फैले हैं :
इज़रायल के तीन प्राकृतिक भाग हैं जो एक दूसरे के समांतर दक्षिण से उत्तर तक फैले हैं : रूमतटीय 'शैरों' तथा फिलिस्तिया का मैदान, जो अत्यधिक उर्वर है, तथा मक्का जो सब्जियों, संतरों, अंगूरों एवं केलों की उपज के लिए प्रसिद्ध है। (2) गैलिली, समारिया तथा जूडिया का पहाड़ी प्रदेश, जो तटीय मैदान के पूर्व में 25 से लेकर 40 मील तक चौड़ा है। इज़रायल का सर्वोच्च पर्वत अट्ज़मान (ऊँचाई 3,962 फुट) यहीं स्थित है। जज़रील घाटी गैलिली के पठार को समारिया तथा जूडिया से पृथक्‌ करती है और तटीय मैदान को जार्डन की घाटी से मिलाती है। गैलिली का पठार एवं जज़रील घाटी समृद्ध कृषिक्षेत्र हैं जहाँ गेहूँ, जौ, जैतून तथा तंबाकू की खेती होती है। समारिया का क्षेत्र जैतून, अंगूर एवं अंजीर के लिए प्रसिद्ध है। (3) जार्डन रिफ्ट घाटी, जो केवल 10-15 मील चौड़ी तथा अत्यधिक शुष्क है। इसके जगत्‌ के स्थलखंड का सबसे नीचा भाग है। जार्डन नदी के मैदान में केले की खेती होती है।
*(१) रूमतटीय 'शैरों' तथा फिलिस्तिया का मैदान, जो अत्यधिक उर्वर है, तथा मक्का जो सब्जियों, संतरों, अंगूरों एवं केलों की उपज के लिए प्रसिद्ध है।
इज़रायल के तीन प्राकृतिक भाग हैं जो एक दूसरे के समांतर दक्षिण से उत्तर तक फैले हैं : रूमतटीय 'शैरों' तथा फिलिस्तिया का मैदान, जो अत्यधिक उर्वर है, तथा मक्का जो सब्जियों, संतरों, अंगूरों एवं केलों की उपज के लिए प्रसिद्ध है। *(2) गैलिली, समारिया तथा जूडिया का पहाड़ी प्रदेश, जो तटीय मैदान के पूर्व में 25 से लेकर 40 मील तक चौड़ा है। इज़रायल का सर्वोच्च पर्वत अट्ज़मान (ऊँचाई 3,962 फुट) यहीं स्थित है। जज़रील घाटी गैलिली के पठार को समारिया तथा जूडिया से पृथक्‌ करती है और तटीय मैदान को जार्डन की घाटी से मिलाती है। गैलिली का पठार एवं जज़रील घाटी समृद्ध कृषिक्षेत्र हैं जहाँ गेहूँ, जौ, जैतून तथा तंबाकू की खेती होती है। समारिया का क्षेत्र जैतून, अंगूर एवं अंजीर के लिए प्रसिद्ध है। (3) जार्डन रिफ्ट घाटी, जो केवल 10-15 मील चौड़ी तथा अत्यधिक शुष्क है। इसके जगत्‌ के स्थलखंड का सबसे नीचा भाग है। जार्डन नदी के मैदान में केले की खेती होती है।
*(3) जार्डन रिफ्ट घाटी, जो केवल 10-15 मील चौड़ी तथा अत्यधिक शुष्क है। इसके जगत्‌ के स्थलखंड का सबसे नीचा भाग है। जार्डन नदी के मैदान में केले की खेती होती है।
 
इज़रायल के दक्षिणी भाग में नेजेव नामक मरुस्थल है, जिसके उत्तरी भाग में सिंचाई द्वारा कृषि का विकास किया जा रहा है। यहाँ जौ, सोरघम, गेहूँ, सूर्यमुखी, सब्जियाँ एवं फल होते हैं। सन्‌ 1955 ई. में नेजेव के हेलेट्ज़ नामक स्थान पर इज़रायल में सर्वप्रथम खनिज तेल पाया गया। इस राज्य के अन्य खनिज पोटाश, नमक इत्यादि हैं।
== स्वतंत्रता और शुरुआती समय ==
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटिश साम्राज्य ने स्वयं को एक विकत परिस्तिथि में पाया जहाँ उनका विवाद यहूदी समुदाय के साथ दो तरह की मानसिकता में बाँट चूका था ! जहाँ एक तरफ हगना, इरगुन और लोही नाम के संगठन ब्रिटिश के खिलाफ हिंसात्मक विद्रोह कर रहे थे वहीँ हजारो यहूदी शरणार्थी इजराइल में शरण मांग रहे थे ! तभी सन १९४७ में ब्रिटिश साम्राज्य ने ऐसा उपाय निकलने की घोषणा की जिस से अरब और यहूदी दोनों संप्रदाय के लोग सहमत हो ! संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा फिलिस्तीन के विभाजन को (संयुक्त राष्ट्र संघ के १८१ घोषणा पत्र) नवम्बर २९,१९४७ मान्यता दे दी गयी, जिसके अंतर्गत राज्य का विभाजन दो राज्यों में होना था एक अरब और एक यहूदी ! जबकि जेरुसलेम को संयुक्त राष्ट्र द्वारा राज्य करने की बात कहीं गयी इस व्यवस्था में जेरुसलेम को " सर्पुर इस्पेक्ट्रुम "(curpus spectrum) कहा गया !
इस व्यवस्था को यहूदियों द्वारा तुरंत मान्यता दे दी गयी वहीँ अरब समुदाय ने नवेम्बर १ १९४७ तीन देनो के बंद की घोषणा की ! इसी के साथ गृह युद्ध की स्तिथि बन गए और करीब २५०,००० फिलिस्तीनी लोगो ने राज्य छोड़ दिया !
१४ मई १९४८ को यहूदी समुदाय ने ब्रिटिश से पहले स्वतंत्रता की घोषणा कर दी और इजराइल को राष्ट्र घोषित कर दिया, तभी सिरिया, लीबिया तथा इराक ने इजराइल पर हमला कर दिया और तभी से १९४८ के अरब - इजराइल युद्ध की शुरुआत हुयी ! सउदी अरब ने भी तब अपनी सेना भेजकर और मिस्त्र की सहायता से आक्रमण किया और यमन भी युद्ध में शामिल हुआ, लगभग एक वर्ष के बाद युद्ध विराम की घोषणा हुयी और जोर्डन तथा इस्राइल के बीच सीमा रेखा अवतरित हुयी जैसे green line (हरी रेखा) कहा गया और मिस्त्र ने गज़ा पट्टी पर अधिकार किया, करीब ७००००० फिलिस्तीन इस युद्ध के दौरान विस्थापित हुए !
इजराइल ने ११ मई १९४९ में सयुक्त राष्ट्र की मान्यता हासिल की !
 
इस व्यवस्था को यहूदियों द्वारा तुरंत मान्यता दे दी गयी वहीँ अरब समुदाय ने नवेम्बर १ १९४७ तीन देनो के बंद की घोषणा की ! इसी के साथ गृह युद्ध की स्तिथि बन गए और करीब २५०,००० फिलिस्तीनी लोगो ने राज्य छोड़ दिया !दिया।
१४ मई १९४८ को यहूदी समुदाय ने ब्रिटिश से पहले स्वतंत्रता की घोषणा कर दी और इजराइल को राष्ट्र घोषित कर दिया, तभी सिरिया, लीबिया तथा इराक ने इजराइल पर हमला कर दिया और तभी से १९४८ के अरब - इजराइल युद्ध की शुरुआत हुयी ! सउदी अरब ने भी तब अपनी सेना भेजकर और मिस्त्र की सहायता से आक्रमण किया और यमन भी युद्ध में शामिल हुआ, लगभग एक वर्ष के बाद युद्ध विराम की घोषणा हुयी और जोर्डन तथा इस्राइल के बीच सीमा रेखा अवतरित हुयी जैसे green line (हरी रेखा) कहा गया और मिस्त्र ने गज़ा पट्टी पर अधिकार किया, करीब ७००००० फिलिस्तीन इस युद्ध के दौरान विस्थापित हुए !हुए।
इजराइल ने ११ मई १९४९ में सयुक्त राष्ट्र की मान्यता हासिल की !की।
 
== विवाद एवं शांति समझोते ==
 
इज़रायली संसद् को सर्वोच्च अधिकार प्राप्त हैं और 120 सदस्योंवाली इस एकसदनी संसद् का चुनाव सार्वदेशिक मताधिकार के आधार पर [[अनुपाती-प्रतिनिधित्व-पद्धति]] से प्रति चार वर्ष के लिए कराया जाता है। राष्ट्रपति राष्ट्राध्यक्ष होता है और संसद् पाँच वर्ष के लिए इसका चुनाव करती है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में गठित मंत्रिमंडल संसद् के प्रति उत्तरदायी होता है। मंत्री सामान्यत: संसद् सदस्यों में से ही बनाए जाता हैं लेकिन इनकी नियुक्ति सदस्येतर व्यक्तियों में से भी की जा सती है। पूरा देश छह मंडलों में विभक्त है। संसदीय निर्वाचन के साथ-साथ स्थानीय अधिकारियों का चुनाव भी संपन्न होता है जिनका कार्यकाल चार वर्ष तक रहता है। 27 नगरपालिकाएँ (दो अरबों की), 117 स्थानीय परिषदें (45 अरबों तथा सीरियाई देशों की) तथा 47 क्षेत्रीय परिषदें (एक अरबों की) 674 गाँवों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
 
==सन्दर्भ==
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== इन्हें भी देखें ==