"अन्तरराष्ट्रीय विधि" के अवतरणों में अंतर

छो
बॉट: वर्तनी सुधार परियोजना के अनुसार वर्तनी सुधारी।
छो (बॉट: दिनांक लिप्यंतरण और अल्पविराम का अनावश्यक प्रयोग हटाया।)
छो (बॉट: वर्तनी सुधार परियोजना के अनुसार वर्तनी सुधारी।)
[[चित्र:1648 verhandlungen-rathaussaal-muenster-westfaelischer-friede 1-640x420.jpg|right|thumb|300px|[[वेस्टफेलिया की शांति]], अन्तरराष्ट्रीयअन्तर्राष्ट्रीय कानून के उद्भव के स्रोतों में से एक है।]]
'''अन्तरराष्ट्रीय विधि''' (International law) से आशय उन नियमों से है जो स्वतंत्र देशों के बीच परस्पर सम्बन्धों (विवादों) के निपटारे के लिये लागू होते हैं। अन्तरराष्ट्रीयअन्तर्राष्ट्रीय कानून किसी देश के अपने कानून से इस अर्थ में भिन्न है कि अन्तरराष्ट्रीयअन्तर्राष्ट्रीय कानून दो देशों के सम्बन्धों के लिए लागू होता है न कि दो या अधिक नागरिकों के बीच।
 
== अंतर्राष्ट्रीय कानून - निजी तथा सार्वजनिक ==
 
== अंतर्राष्ट्रीय विधि के आधार ==
अंतर्राष्ट्रीय कानून के नियमों का सूत्रपात विचारकों की कल्पना तथा राष्ट्रों के व्यवहारों में हुआ। व्यवहार ने धीरे-धीरे प्रथा का रूप धारण किया और फिर वे प्रथाएँ परंपराएँ बन गईं। अतः अंतर्राष्ट्रीय कानून का मुख्य आधार परंपराएँ ही हैं। अन्य आधारों में प्रथम स्थान विभिन्न राष्ट्रों में होने वाली संधियों का है जो परंपराओं से किसी भी अर्थ में कम महत्वपूर्णमहत्त्वपूर्ण नहीं है। इनके अतिरिक्त राज्यपत्र, प्रदेशीय संसद द्वारा स्वीकृत संविधि तथा प्रदेशीय न्यायालय के निर्णय अंतर्राष्ट्रीय कानून की अन्य आधार शिलाएँ हैं। बाद में विभिन्न अभिसमयों ने तथा निर्वाचन न्यायालय, अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार न्यायालय एवं अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के निर्णयों ने अंतर्राष्ट्रीय कानून को उसका वर्तमान रूप दिया।
 
== अंतर्राष्ट्रीय विधि के काल्पनिक तत्व ==
 
== इन्हें भी देखें==
* [[निजी अन्तरराष्ट्रीयअन्तर्राष्ट्रीय विधि]] (प्राइवेट इंटरनेशनल लॉ)
* [[अन्तरराष्ट्रीय सम्बन्ध]]