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इसकी कुछ प्रमुख किस्में हैं [[नीबू की किस्में|कागजी नीबू]], [[नीबू की किस्में|प्रमालिनी]], [[नीबू की किस्में|विक्रम]], [[नीबू की किस्में|चक्रधर]], [[नीबू की किस्में|पी के एम-१]] (P K M-1) और [[नीबू की किस्में|साईं शर्बती]]। इनमें से कागजी नीबू सर्वाधिक महत्वपूर्ण किस्म है। इसकी व्यापक लोकप्रियता के कारण इसे खट्टा नीबू का पर्याय माना जाता है। प्रमालिनी किस्म गुच्छे में फलती है, जिसमें ३ से ७ तक फल होते हैं। यह कागजी नीबू की तुलना में ३० प्रतिशत अधिक उपज देती है। इसके फल में ५७ प्रतिशत (कागजी नीबू में ५२ प्रतिशत) रस पाया जाता है। विक्रम नामक किस्म भी गुच्छों में फलन करती है। एक गुच्छे में ५-१० तक फल आते हैं। कभी-कभी [[मई]]-[[जून]] तथा [[दिसंबर|दिसम्बर]] में बेमौसमी फल भी आते हैं। कागजी नीबू की अपेक्षा यह ३०-३२ प्रतिशत अधिक उत्पादन देती है। चक्रधर नामक किस्म खट्टा नीबू की बीज रहित किस्म है जो [[रोपण]] के चौथे वर्ष से फल देना प्रारम्भ कर देती है। इसमें ६०-६६ प्रतिशत [[रस (वनस्पति)|रस]] पाया जाता है। इसके फल प्राय:[[जनवरी]] - [[फरवरी]], जून-[[जुलाई]] तथा [[सितम्बर]]-[[अक्टूबर]] में मिलते हैं। पी के एम-१ नामक किस्म उच्च उत्पादन देने वाली किस्म है, जिसके फल गोल, मध्यम से लेकर बड़े आकार के होते हैं। पीले रंग के फलों में लगभग ५२ प्रतिशत तक रस मिलता है। साई शरबती उच्च उत्पादन क्षमता वाली किस्म है। इसमें ग्रीष्म फलन की प्रवृत्ति पाई जाती है। बीजरहित (सीडलेस) नीबू- यह एक नया चयन है जो अन्य किस्मों से दोगुना उत्पादन देता है। यह एक पछैती किस्म है जिसके फल हल्के गुलाबी रंग वाले और पतले छिलके वाले होते हैं। इसके अतिरिक्त ताहिती या पर्शियन वर्ग के नीबू [[गुणसूत्र]] त्रिगुणित होते हैं। फल आकार में बड़े व बीजरहित होते हैं। [[असम]] के कुछ क्षेत्रों में [[नीबू की किस्में|अभयपुरी लाइम]] तथा [[नीबू की किस्में|करीमगंज लाइम]] भी उगाये जाते हैं।<ref>{{cite web |url= http://opaals.iitk.ac.in/deal/embed.jsp?url=crops-type.jsp&url2=94&url3=&url4=%E0%A4%AB%E0%A4%B2&url5=%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%82%E0%A4%AC%E0%A5%82&url6=HI|title=फल नीबू|accessmonthday=[[९ मार्च]]|accessyear=[[२००९]]|format=जेएसपी|publisher=डील|language=}}</ref>
 
पुराने समय से ही नीबू एक गर्भ निरोधक के रूप मेमें इस्तेमाल होता रहा है, पर आधुनिक युग मेमें इसके इस गुण की ओर लोगों ने ध्यान कम ही दिया है। ऑस्ट्रेलिया के कुछ वैज्ञानिकों ने अपने एक शोध के दौरान पाया है कि नीबू का रस मानव [[शुक्राणु]] को मारने में सक्षम है, साथ ही यह एच आई वी विषाणु को भी मार देता है।<ref>[http://www.bbc.co.uk/hindi/news/021011_lemon_ac.shtml नीबू परिवार नियोजन में सहायक=]</ref>
 
== संदर्भ ==
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