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== इतिहास ==
समस्तीपुर राजा [[जनक]] के [[मिथिला]] प्रदेश का अंग रहा है। विदेह राज्य का अंत होने पर यह [[वैशाली]] गणराज्य का अंग बना। इसके पश्चात यह [[मगध]] के [[मौर्य]], [[शुंग]], [[कण्व]] और [[गुप्त]] शासकों के महान साम्राज्य का हिस्सा रहा। [[ह्वेनसांग]] के विवरणों से यह पता चलता है कि यह प्रदेश [[हर्षवर्धन]] के साम्राज्य के अंतर्गत था। १३ वीं सदी में पश्चिम [[बंगाल]] के मुसलमान शासक [[हाजी शम्सुद्दीन इलियास]] के समय [[मिथिला]] एवं [[तिरहुत]] क्षेत्रों का बँटवारा हो गया। उत्तरी भाग सुगौना के ओईनवार राजा (1325-1525 ईस्वी) के कब्जे में था जबकि दक्षिणी एवं पश्चिमी भाग शम्सुद्दीन इलियास के अधीन रहा। समस्तीपुर का नाम भी हाजी शम्सुद्दीन के नाम पर पड़ा है। शायद [[हिंदू]] और [[मुसलमान]] शासकों के बीच बँटा होने के कारण ही आज समस्तीपुर का सांप्रदायिक चरित्र समरसतापूर्ण है। [[ओईनवार]] राजाओं को कला, संस्कृति और साहित्य का बढावाबढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। शिवसिंह के पिता देवसिंह ने लहेरियासराय के पास देवकुली की स्थापना की थी। शिवसिंह के बाद यहाँ पद्मसिंह, हरिसिंह, नरसिंहदेव, धीरसिंह, भैरवसिंह, रामभद्र, लक्ष्मीनाथ, कामसनारायण राजा हुए। शिवसिंह तथा भैरवसिंह द्वारा जारी किए गए सोने एवं चाँदी के सिक्के यहाँ के इतिहास ज्ञान का अच्छा स्त्रोतस्रोत है। अंग्रेजी राज कायम होने पर सन १८६५ में [[तिरहुत]] मंडल के अधीन समस्तीपुर अनुमंडल बनाया गया। [[बिहार]] राज्य जिला पुनर्गठन आयोग के रिपोर्ट के आधार पर इसे [[दरभंगा]] प्रमंडल के अंतर्गत १४ नवम्बर १९७२ को जिला बना दिया गया। अंग्रेजी सरकार के विरुद्ध हुए स्वतंत्रता आंदोलन में समस्तीपुर के क्रांतिकारियों ने महती भूमिका निभायी थी। यहाँ केसे [[कर्पूरी ठाकुर]] बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रहे हैं।
 
== भूगोल ==
समस्तीपुर २५.९० उत्तरी अक्षांश एवं ८६.०८ पूर्वी देशांतर पर अवस्थित है | सारा जिला उपजाऊ मैदानी क्षेत्र है किंतु हिमालय से निकलकर बहनेवाली नदियाँ बरसात के दिनों में बाढबाढ़ लाती है।
* नदियाँ: समस्तीपुर जिले के मध्य से [[बुढी गंडक]] नदी, उत्तर में [[बागमती]] नदी एवं दक्षिणी तट पर [[गंगा]] बहती है| इसके अलावेअलावा यहाँ से बाया, जमुआरी, नून, करेह और शान्ति नदी भी बहती है जो बरसात के दिनों में उग्र रुप धारण कर लेती है।
 
* प्रशासनिक विभाजन: यह जिला ४ तहसीलो (अनुमंडल), २० प्रखंडों, ३८० पंचायतों तथा १२४८ गाँवों में बँटा है। <br />
 
== शिक्षा ==
राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्तख्याति प्राप्त [[राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय]]<ref>[http://www.pusavarsity.org.in राजेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जालपृष्ठ]</ref> समस्तीपुर जिले में पूसा नामक स्थान पर है, इसके आलावा कोई अन्य उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा संस्थान यहाँ नहीं है। प्राथमिक शिक्षा की स्थिति संतोषजनक है। २००१ की जनगणना के अनुसार जिले मे साक्षरता दर<ref> [http://gov.bih.nic.in/Profile/CensusStats-03.htm बिहार मे साक्षरता दर]</ref> ४५.६७% (पुरुष: ५७.८३, स्त्री: ३२.६९) है। समस्तीपुर तथा पूसा में केन्द्रीय विद्यालय तथा बेरौली में [[जवाहर नवोदय विद्यालय]] स्थित है। ललित नारायनण मिथिला विश्वविद्यालय दरभन्गा के अंतर्गत जिले में निम्नलिखित अंगीभूत डिग्री महाविद्यालय हैं:
* आचार्य नरेन्द्रदेव महाविद्यालय शाहपुर पटोरी
* बलिराम भगत महाविद्यालय समस्तीपुरज
== यातायात सुविधाएँ ==
; सड़क मार्ग:
समस्तीपुर [[बिहार]] के सभी मुख्य शहरों से राजमार्गों द्वारा जुड़ा हुआ है। यहाँ से वर्तमान में दो राष्ट्रीय राजमार्ग तथा तीन राजकीय राजमार्ग गुजरते हैं। [[मुजफ्फरपुर]], [[मोतिहारी]] होते हुए [[लखनऊ]] तक जानेवाली [[राष्ट्रीय राजमार्ग २८]] है। [[राष्ट्रीय राजमार्ग 103]] जिले को चकलालशाही, जन्दाहा, [[चकसिकन्दर]] होते हुए [[वैशाली]] जिले के मुख्यालय [[हाजीपुर]] से जोड़ता है। हाजीपुर से राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर महात्मा गाँधी सेतु पारकरसे होकर राजधानी [[पटना]] जाया जाता है। जिले में राजकीय राजमार्ग संख्या ४९, ५० तथा ५५ की कुल लंबाई ८७ किलोमीटर है।
 
; रेल मार्गः
समस्तीपुर [[भारतीय रेल]] के [नक्शे] का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। यह [[पूर्व मध्य रेलवे]] का एक मंडल है। दिल्ली-गुवाहाटी रूट पर स्थित रेललाईनेंरेल लाईनें एक ओर शहर को [[मुजफ्फरपुर]],[[हाजीपुर]], [[छपड़ा]] होते हुए [[दिल्ली]] से और दूसरी ओर [[बरौनी]], [[कटिहार]] होते हुए [[गुवाहाटी]] से जोड़ती है। इसके अतिरिक्त यहाँ से [[मुम्बई]], [[चेन्नई]], [[कोलकाता]], [[अहमदाबाद]], [[जम्मू]], [[अमृतसर]], [[गुवाहाटी]] तथा अन्य महत्वपूर्ण शहरों के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध है।
; वायु मार्गः
समस्तीपुर का निकटस्थ हवाई अड्डा ६५ किलोमीटर दूर [[पटना]] में स्थित है। [[लोकनायक जयप्रकाश हवाई क्षेत्र]] पटना (IATA कोड- PAT) से अंतर्देशीय तथा सीमित अन्तर्राष्ट्रीय उड़ाने उपलब्ध है। [[इंडियन]], किंगफिशर, जेट एयर, स्पाइस जेट तथा इंडिगो की उडानें [[दिल्ली]], [[कोलकाता]] और [[राँची]] के लिए उपलब्ध हैं।
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