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== जीवन चरित ==
[[चित्र:Ramdas vardan.jpg|thumb|रामदास वरदान]]
समर्थ रामदास का मूल नाम 'नारायण सूर्याजीपंत कुलकर्णी' (ठोसर) था। इनका जन्म [[महाराष्ट्र]] के [[औरंगाबाद]] जिले के जांब नामक स्थान पर [[रामनवमी]] के दिन मध्यान्ह में परजमदग्नी गोत्र के देशस्थ ऋग्वेदी ब्राह्मण परिवार में शके १५३० सन १६०८ में हुआ। समर्थ रामदास जी के पिता का नाम सूर्याजी पन्त था। वे सूर्यदेव के उपासक थे और प्रतिदिन 'आदित्यह्रदय' स्तोत्र का पाठ करते थे। वे गाँव के पटवारी थे लेकिन उनका बहुत सा समय उपासना में ही बीतता था। उनकी माता का नाम राणुबाई था। वे संत एकनाथ जी के परिवार की दूर की रिश्तेदार थी। वे भी सूर्य नारायण की उपासिका थीं। सूर्यदेव की कृपा से सूर्याजी पन्त को दो पुत्र गंगाधर स्वामी और नारायण (समर्थ रामदास) हुए। समर्थ रामदास जी के बड़े भाई का नाम गंगाधर था। उन्हें सब 'श्रेष्ठ' कहते थे। वे अध्यात्मिक सत्पुरुष थे। उन्होंने 'सुगमोपाय ' नामक ग्रन्थ की रचना की है। मामा का नाम भानजी गोसावी था। वे प्रसिद्ध कीर्तनकार थे।
 
[[चित्र:Ramdas balpan.jpg|thumb|रामदास जी का बालपन]]
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