"टैंगो चार्ली (2005 फ़िल्म)" के अवतरणों में अंतर

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'''टैंगो चार्ली''' वर्ष 2005 की रिलीज निर्देशक व लेखक [[मणि शंकर]] की एक्शन-ड्रामा और युद्ध विरोधी फिल्म है । फिल्म में [[बाॅबी देओल]] तथा [[अजय देवगन]] ने जांबाज बीएसएफ जवान की भुमिका अदा की है जो तथाकथित युद्ध की मुठभेड़ और प्रतिकूल स्थिति से अवगत कराती है । अन्य सह-भुमिकाओं में तनीषा मुखर्जी, आलोकनाथ, [[नंदना सेन]], राज जुत्शी, [[मुकेश तिवारी]], [[संजय दत्त]], [[सुनील शेट्टी]] ने भूमिका निभायी है.है। फिल्म ने बाॅक्सऑफिस पर असफल रही लेकिन कई पत्रकारों और समीक्षकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी ।
 
==कहानी==
फिल्म की शुरुआत कश्मीर की बर्फिली दुर्गम घाटियों से होती है, जहां आतंकी मुठभेड़ की जांच अभियान को आए भारतीय वायुसेना के खोजी हेलिकॉप्टर के पायलटों (स्कवाॅर्डन लीडर विक्रम राठौर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शेज़ाद खान ; संजय दत्त तथा सुनील शेट्टी अभिनीत) को वहां मौजूद एक घायल सैनिक (बाॅबी द्योल) मिलता है, जिसे मेडिकल कैंप ले जाने के दौरान उससे डायरी मिलती है जिससे सैनिक की पहचान तरुण चौहान बनाम टैंगो चार्ली, सिपाही 101वें बीएसएफ बटालियन के रुप में होती है, और इसी डायरी के साथ बीते मुठभेड़ों की घटनाक्रम शुरू होती हैं ।
 
फिल्म की शुरुआत कश्मीर की बर्फिली दुर्गम घाटियों से होती है, जहां आतंकी मुठभेड़ की जांच अभियान को आए भारतीय वायुसेना के खोजी हेलिकॉप्टर के पायलटों (स्कवाॅर्डन लीडर विक्रम राठौर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट शेज़ाद खान ; संजय दत्त तथा सुनील शेट्टी अभिनीत) को वहां मौजूद एक घायल सैनिक (बाॅबी द्योल) मिलता है, जिसे मेडिकल कैंप ले जाने के दौरान उससे डायरी मिलती है जिससे सैनिक की पहचान तरुण चौहान बनाम टैंगो चार्ली, सिपाही 101वें बीएसएफ बटालियन के रुप में होती है, और इसी डायरी के साथ बीते मुठभेड़ों की घटनाक्रम शुरू होती हैं ।
उत्तर-पूर्वी राज्य
तरुण चौहान की पोस्टिंग मणिपुर में होती है. जहाँ उसकी मुलाकात हवलदार मुहम्मद अली (अजय देवगन) के लगाए जाल में फंसने के बाद होती है । इस लापरवाही के चलते मुहम्मद उसे बेवकूफ कहता है, मुहम्मद अली उससे सवाल करता है की उसने सेना की नौकरी क्यों चुनी ? तरुण जवाब देता है की वो सिर्फ़ देशभक्ति और देशसेवा के खातिर यहां आया है । इस पर मुहम्मद उसे यथार्थ से परिचित कर कहता है कि ऐसी बातें कहने वाले ज्यादातर गलतफहमी में रहते है वास्तव में इस नौकरी के बदौलत सिर्फ कर्ज चुका रहा है । यहां चुंकि ज्यादातर वक्त पहरेदारी के चलते और तरुण को खानसामे का काम दिया जाता है ।
== संगीत ==
== रोचक तथ्य ==
*फिल्म में दिखाए सभी युद्धपरक तकनीकों को जानने के लिए निर्देशक मणि शंकर ने वास्तविक तौर पर उग्रवादी दलों के बीच उनकी गुरिल्ला युद्ध शैली का अध्यन किया ।
 
*फिल्म 'टैंगो चार्ली' का आसाम सिनेमाघरों में प्रतिबंध - फिल्म में जिस मणिपुर और उग्रवादी बोडो गुट के तथाकथित हिंसा का चित्रण किया गया है, वास्तविकता में ऐसा नहीं है । सत्य यह है की बोडो संगठन का मूल गढ़ आसाम राज्य में है और उत्तर-पूर्वी राज्यों में कहीं उनकी दखलांदजी नहीं है और नाही किसी तरह वे इस प्रकार की बर्बर हिंसा का व्यवहार करते हैं ।
▪ फिल्म में दिखाए सभी युद्धपरक तकनीकों को जानने के लिए निर्देशक मणि शंकर ने वास्तविक तौर पर उग्रवादी दलों के बीच उनकी गुरिल्ला युद्ध शैली का अध्यन किया ।
 
*'टैंगो चार्ली' के किरदार ने काफी हद तक प्रभावित किया अभिनेता बाॅबी द्योल को । फिल्म में दर्शाए टैंगो चार्ली उर्फ तरुण चौहान की डायरी और उसके व्याप्त हिंसा एंव प्रतिकूल परिस्थितियों से सामना करने जैसी घटनाओं ने बाॅबी को काफी विचलित और भावुक किया। जिनको वो प्रत्येक शुटिंग के पश्चात अपनी निजी डायरी में इसका उल्लेख करते थे ।
▪ फिल्म 'टैंगो चार्ली' का आसाम सिनेमाघरों में प्रतिबंध - फिल्म में जिस मणिपुर और उग्रवादी बोडो गुट के तथाकथित हिंसा का चित्रण किया गया है, वास्तविकता में ऐसा नहीं है । सत्य यह है की बोडो संगठन का मूल गढ़ आसाम राज्य में है और उत्तर-पूर्वी राज्यों में कहीं उनकी दखलांदजी नहीं है और नाही किसी तरह वे इस प्रकार की बर्बर हिंसा का व्यवहार करते हैं ।
 
▪ 'टैंगो चार्ली' के किरदार ने काफी हद तक प्रभावित किया अभिनेता बाॅबी द्योल को । फिल्म में दर्शाए टैंगो चार्ली उर्फ तरुण चौहान की डायरी और उसके व्याप्त हिंसा एंव प्रतिकूल परिस्थितियों से सामना करने जैसी घटनाओं ने बाॅबी को काफी विचलित और भावुक किया। जिनको वो प्रत्येक शुटिंग के पश्चात अपनी निजी डायरी में इसका उल्लेख करते थे ।
 
== परिणाम ==
=== समीक्षाएँ ===
== नामांकन और पुरस्कार ==
== बाहरी कड़ियाँ ==
 
==सन्दर्भ==
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== बाहरी कड़ियाँ ==
* {{imdb title|0444913|टैंगो चार्ली}}