"टैंगो चार्ली (2005 फ़िल्म)" के अवतरणों में अंतर

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इधर जल्द ही माइक अल्फा की टीम की नियुक्ति देश के पश्चिमी प्रांत गुजरात में होती है जहाँ हिन्दू-मुसलमान के बीच पनपी संप्रदायिक हिंसा की आग विकराल रूप ले रही है । माइक अल्फा अपनी पलटन और मजिस्ट्रेट के साथ उग्र भीड़ को शांत करने की कोशिश करता है, लेकिन भीड़ में छुपे दंगाई उसे गोली मार देते है और स्थिति अनियंत्रित हो जाती है । मजबूरन माइक अल्फा को पलटन को ओपन फायरिंग की कमांड देनी पड़ती है, जिसमें कई निर्दोष मारे जाते है । तरुण एक दंगाई को फायर करते देख उसे शूट करने वाला था की उसके राह में कोई बुजुर्ग मारा जाता है और वह दंगाई भाग निकलता है । शहर में कर्फ्यू घोषित की जाती है, सेना इलाके का जायजा लेती है । शाम तक तरुण दंगा प्रभावित लोगों में शिकार उस बुजुर्ग के घर तक पहुँच जाता है, इस आत्मग्लानि में वह उस परिवार से माफी मांगता है । पर पहले से ही गुस्से से बिफरे लोग बिना सुनवाई के उसकी पिटाई करते हैं, लेकिन कुछ और बुरा होने से पहले ही मुहम्मद उनको रोकते हुए कहता है कि वो यहां किसी निर्दोष की जान लेने नहीं आते बल्कि उनके दंगे खींच लाते हैं, वर्ना अब तक वे अपने ही शहर को तबाह कर देते ।
इसी दरम्यान मिल्ट्री हाॅस्पिटल में मुहम्मद अपनी उस त्रासदी तरुण को सुनाता है जब उसकी पोस्टिंग बंगाल में हुई थी और वहीं के प्रांतीय जमींदार की बेटी, श्यामोली (नंदना सेन) की शादी की सुरक्षा का जिम्मा मिलता है । लेकिन तमाम तरीके आजमाने के बाद भी वह श्यामोली के पिता और मंगेतर को नक्सलियों के हाथों नहीं बचा नहीं पाता, बावजुद उन्हीं के मुख्य सरगना (राजेन्द्रनाथ जुतशी) को मारकर किसी तरह श्यामोली को बचा लेता है ।
इसी दरम्यान मिल्ट्री हाॅस्पिटल में मुहम्मद अपनी उस त्रासदी तरुण को सुनाता है जब उसकी पोस्टिंग बंगाल में हुई थी और वहीं के प्रांतीय जमींदार की बेटी, श्यामोली (नंदना सेन) की शादी की सुरक्षा का जिम्मा मिलता है । लेकिन तमाम तरीके आजमाने के बाद भी वह श्यामोली के पिता और मंगेतर को नक्सलियों के हाथों नहीं बचा नहीं पाता, बावजुद उन्हीं के मुख्य सरगना (राजेन्द्रनाथ जुतशी) को मारकर किसी तरह श्यामोली को बचा लेता है । नक्सली उसका पीछा कर जंगल की गुफा तक पहुँचते है, यहां मुहम्मद बारिश और अंधेरे का फायदा उठाकर सबको खत्म करता है, लेकिन श्यामोली भी मुहम्मद की जान बचाते हुए मारी जाती है । मुहम्मद के लिए यह अफसोस की बात होती है क्योंकि आखिरी समय में वह श्यामोली से प्यार कर बैठा था, और उसकी खातिर उसने पहली बार दिल से फैसला लिया था न की दिमाग से ।
 
== मुख्य कलाकार ==
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