"धर्म के लक्षण" के अवतरणों में अंतर

770 बैट्स् नीकाले गए ,  6 वर्ष पहले
छो ({{delete}})
 
{{हहेच लेख|research work?}}[[धर्म]] की व्याख्या, परिभाषा विभिन्न तत्त्वदर्शियों ने विभिन्न प्रकार से की है। भारतीय दर्शन में '''धर्म के लक्षणों''' की विशद चर्चा हुई है। विभिन्न शास्त्रकारों के मत से धर्म के लक्षण एक नहीं हैं। भारत में उनके लक्षणों की संख्या अलग-अलग बतायी जाती रही है। उनमें अनेकता विद्यमान है।
 
== मनुस्मृति ==