"काव्यमीमांसा": अवतरणों में अंतर

71 बाइट्स जोड़े गए ,  7 वर्ष पहले
सम्पादन सारांश नहीं है
छो (बॉट: अंगराग परिवर्तन)
No edit summary
 
किसी किसी प्रत्यक्ष कवि का काव्य, कुलवती स्त्री का रूप और घर के वैद्य की विद्या ही अच्छी लगती है। अर्थात् अधिकांश प्रत्यक्ष कवियों का काव्य, कुलवती स्त्रियों का रूप और घर के वैद्यों की विद्या रुचिकर नहीं लगती।
 
==इन्हें भी देखें==
*[[कविसमय]]
 
== बाहरी कड़ियाँ==