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वर्तमान विधायक
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(वर्तमान विधायक)
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विधानसभा क्षेत्र एवं वर्तमान विधायक
सिरसा -श्री गोपालमखन कांडा।लाल सिंगला
डबवाली-श्री अजय सिंह चौटाला।
ऐलनाबाद-श्री अभय सिंह चौटाला।
इसके साथ रेजीडेन्शियल सैक्टर में भी रीयल एस्टेट और टाऊनशिप में भी सिरसा के बढ़ते कदम साफ दिखाई दे रहे हैं। ईरा ग्रुप, ग्लोबल स्पेस तथा हुड्डा सैक्टर व शहर की प्राईवेट कॉलोनियां डेवैलप्मैंट में पूरा योगदान कर रहे हैं। इससे सिरसा में प्रोपर्टी डीलरों की बाढ़ सी आ गई लगती है। खेल और साहित्य के क्षेत्र में सिरसा ने बहुत तरक्की की है। खेलों में भारतीय हॉकी टीम ने अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी सरदारा सिंह (संतनगर) और हरप्रीत सिंह जैसे धुरंधर खिलाड़ी दिए हैं, जो सिरसा ही नहीं, देश व एशिया के लिए गौरव की बात है, क्योंकि वल्र्ड इलेवन टीम में शामिल होने वाला सरदारा सिंह एशिया महाद्वीप का एकमात्र खिलाड़ी है। वो वर्ष 2008 में भारतीय टीम का कप्तान भी रहा है। रस्साकशी में जिले के गांव हरिपुरा की टीम सात बार राष्ट्रीय चैंपियन रह चुकी है। वर्ष 2011 में सीबीएसई की दसवीं की परीक्षा में देश में टॉप रहने वाली डेरा सच्चा सौदा में अध्ययन कर रही गुरअंश ने 2010 में फरीदाबाद में शूटिंग में स्वर्ण पदक जीतकर सिरसा का नाम रोशन किया है।
 
वर्ष 2007 में कोलकाता में आयोजित हुई एशियन महिला रोलर स्केटिंग हॉकी चैंपियनशिप में विजेता भारतीय टीम में 12 में 10 खिलाड़ी सिरसा से ही संबंध रखते हैं। शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान के विद्यार्थियों ने देश और विदेशों में आयोजित क्रिकेट, जूडो, योगा तथा एथेलेटिक इत्यादि में अनेकों स्वर्ण पदक, कांस्य पदक आदि जीतकर जिले का नाम विश्वभर में दर्ज किया है। खेलों के साथ-साथ फिल्म नगरी में सिरसा के फोटोग्राफर मनमोहन सिंह और टीवी सीरियल कलाकार गौतम सौगात व प्रवीण अरोड़ा के नाम जाने-जाते हैं। साहित्यक नगरी के नाम से पुकारे जाने वाले इस पवित्र नगरी में भिन्न-भिन्न साहित्यक संस्थान समय-समय पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनता में हास्यरस, वीर रस तथा देश प्रेम की भावना जागृत करते हुए क्षेत्रवासियों का मनोरंजन भी करती रहती हैं। शहर की सामाजिक संस्थाए नेत्रदान, देहदान, रक्तदान तथा अन्य मैडीकल कैंप के आयोजन करने के साथ-साथ जरूरतमंदों को आर्थिंक सहायता पहुंचाने के मुख्य काम में जुटी हुई हैं। सिरसा जिले के नाम सबसे ज्यादा रक्तदान करने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इस के साथ सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के नाम 18 अन्य गिनीज वर्ल्ड कीर्तिमान है।
 
देश में सबसे अधिक गौशालाएं जिला सिरसा में ही हैं। कृषि के क्षेत्र में भी सिरसा ने नए आयाम स्थापित किए हैं। इस वर्ष सिरसा काटन उत्पादन में जहां हरियाणा प्रदेश में नंबर वन है, वहीं गेहूं उत्पादन में देश भर में सिरमौर है। बागवानी के क्षेत्र में भी जिले के किन्नू के बागों की रौनक देखने के काबिल होती है। इसके साथ ही पूरे देश में मशहूर मंडी डबवाली की लंडी जीप यानी हंटर जीप देश के कोने-कोने में घूमती हुई सिरसा का नाम चमकाती फिरती है। राजस्थान की सीमा से सटे हरियाणा के पश्चिम छोर पर बसा जिला सिरसा राजनीति के क्षेत्र में नेताओं की नर्सरी है जहां सियासत खूब ठांठे मारती है। हरियाणा के तीन लालों में एक लाल चौधरी देवीलाल सिरसा की वो राजनीतिक हस्ती रही है जिनकी बदौलत जिले को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। प्रधानमंत्री के पद को ठुकराकर किसान, मजलुमों व गरीब मजदूरों के लोगों के हित के लिए उन्होंने आजीवन लड़ाई लड़ी। देश के उपप्रधानमंत्री तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री पद पर रहे चौधरी देवीलाल के पश्चात उनके उत्तराधिकारी चौधरी ओम प्रकाश चौटाला भी अनेक वर्षों तक मुख्यमंत्री के पद पर सुशोभित रहे हैं। आजकल वे स्वयं तथा उनके दोनों बेटे चौधरी अजय सिंह चौटाला व चौधरी अभय सिंह चौटाला ने एक ही समय (तीनों) उसी विधानसभा के सदस्य (एमएलए) बनकर एक नई मिसाल व रिकॉर्ड पेश किया है। प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल इनैलो का गृह क्षेत्र सिरसा में ही है, जिसके कारण जिले का राजनैतिक माहौल हमेशा गरमाया रहता है।
 
यहां की जनता की सोच में भी हमेशा सियासी परिपक्वता झलकती रहती है जिसकी बदौलत यहां से कभी कांग्रेस, कभी इनैलो, कभी भारतीय जनता पार्टी कभी, जनता पार्टी, कभी आजाद सभी पार्टियों को प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है। पांच बार मंत्री रह चुके श्री लक्ष्मण दास अरोड़ा, वर्तमान मेंपूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा, भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष प्रो॰ गणेशी लाल, केंद्रीय मंत्री कुमारी शैलजा सभी इसी जिले की ही देन हैं। आर्थिक रूप से संपन्न सिरसा सामाजिक व सांस्कृतिक तथा कृषि के क्षेत्र में अग्रणी होने के बावजूद सिरसा आज भी औद्योगिक दृष्टि से पिछड़ा हुआ ही जाना जाता है। कोई बड़े पैमाने का उद्योग यहां स्थापित नहीं हो पाया। कभी इसकी पहचान गोपीचंद टैक्सटाइल मिल्ज के आधार पर होती थी। हालांकि यहां पर मिल्क प्लांट, जगदंबे पेपर मिल तथा अनेक राइस मिलें लगी हुई हैं और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा जिले के विकास हेतु एमएसआईटीसी के माध्यम से लघु उद्योग स्थापित करने हेतु इंड्रस्टियल इस्टेट्स में सस्ती दर पर प्लाट उपलब्ध कराए गए हैं।
 
जीटीएम और शूगर मिल समेत अन्य अनेक औद्योगिक इकाईयों का लुप्त हो जाना क्षेत्रवासियों के लिए उदासीनता का विषय है। युवाओं को स्वावलंबी बनाने हेतु औद्योगिक सफर में जिले की तरक्की के लिए प्रशासन एवं सरकार द्वारा पूरा ध्यान दिया जाना चाहिए। कुल मिलाकर जहां एक ओर सरकार तथा प्रशासन ने सिरसा में चहुंमुंखी विकास का प्रयास किया है, वहीं भिन्न-भिन्न राजनैतिक विचार धारा और भिन्न-भिन्न धार्मिक आस्थाओं के बावजूद यहां की शांतिप्रिय जनता ने भी सिरसा की प्रगति में एक अहम भूमिका निभाई है। आशा की जानी चाहिए कि भविष्य में भी इस क्षेत्र के वासी परस्पर प्रेम और सहयोग की भावना से शहर की उन्नति में अपना योगदान देते रहेंगे।
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