"संहति-केन्द्र" के अवतरणों में अंतर

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[[भौतिकी]] में, [[संहति|संहतियों]] के किसी वितरण का '''संहति-केंद्र''' (center of mass) वह बिन्दु है जिस पर वह सारी संहतियाँ केन्द्रीभूत मानी जा सकती हैं। संहति केन्द्र के कुछ विशेष गुण हैं, उदाहरण के लिये यदि किसी वस्तु पर कोई [[बल]] लगाया जाय जिसकी क्रियारेखा उस वस्तु के संहति-केन्द्र से होकर जाती हो तो उस वस्तु में केवल स्थानातरण गति होगी (घूर्णी गति नहीं)। संहति-केन्द्र के सापेक्ष उस वस्तु में निहित सभी संहतियों के आघूर्णों (मोमेण्ट) का योग शून्य होता है। दूसरे शब्दों में, संहति-केन्द्र के सापेक्ष, सभी संहतियों की स्थिति का भारित औसत (वेटेड एवरेज) '''शून्य''' होता है।
 
किसी वस्तु या वस्तुओं के निकाय के संहति-केन्द्र की स्थिति निम्नलिखित सूत्र (परिभाषा) से निकाली जा सकती है-
 
:: <math>\vec r_0={{\sum_k m_k \vec r_k}\over{\sum_k m_k}}</math>
 
किन्तु यदि वस्तु में निहित संहतियों का वितरण सतत हो (अनन्त संहतियाँ हों) तो उपर्युक्त सूत्र निम्नलिखित रूप ले लेता है-
:: <math>\vec r_0={1 \over M} \int\limits_V \rho \vec r d V</math>
::: <math>M=\int\limits_V \rho dV\,</math>
जहाँ:
* <math>\vec r_0</math> संहति-केन्द्र की सदिश स्थिति
 
* ''M'' – वस्तु का द्रव्यमान
* ''V'' – वस्तु का आयतन
* <math>\rho=\rho(x,y,z)</math> – वस्तु के[[घनत्व]] का बिन्दु [[फलन]] (point function)
 
यदि वस्तु या निकाय ऐसी स्थान पर स्थित है जिसके सभी बिन्दुओं पर [[गुरुत्व]] समान है तो [[गुरुत्व केन्द्र]] और संहति-केन्द्र एक ही बिन्दु पर होंगे।
 
[[श्रेणी:यांत्रिकी]]