"संहति-केन्द्र" के अवतरणों में अंतर

आकार में कोई परिवर्तन नहीं ,  5 वर्ष पहले
:: <math>\vec r_0={{\sum_k m_k \vec r_k}\over{\sum_k m_k}}</math>
 
जहाँ <math>\mathbf{r}_k </math> kik-वें कण का स्थिति-सदिश है और <math>m_k </math> k-वें कण का द्रव्यमान है।
 
किन्तु यदि वस्तु में निहित संहतियों का वितरण सतत हो (अनन्त संहतियाँ हों) तो उपर्युक्त सूत्र निम्नलिखित रूप ले लेता है-
* <math>\rho=\rho(x,y,z)</math> – वस्तु के[[घनत्व]] का बिन्दु [[फलन]] (point function)
 
यदि वस्तु या निकाय ऐसी स्थान पर स्थित है जिसके सभी बिन्दुओं पर [[गुरुत्व]] समान है तो [[गुरुत्व केन्द्र]] और संहति-केन्द्र एक ही बिन्दु पर होंगे।
 
==इन्हें भी देखें==