"शुनःशेप" के अवतरणों में अंतर

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'''शुनःशेप''' [[ऐतरेय ब्राह्मण]] में स्थित एक [[आख्यान]] है। इसका सारांश यह है कि जब तक मृत्यु सामने न आये तब तक रूपान्तरण नहीं होता। यह आख्यान मानवीय लोभ, बेइमानी और उससे ऊपर उठने की क्षमता की कथा है।
 
== कथा==