"छीतस्वामी" के अवतरणों में अंतर

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वल्लभ संप्रदाय (पुष्टिमार्ग) के आठ कवियों (अष्टछाप कवि) में एक । जिन्होने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का अपने पदों में वर्णन किया
 
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'''छीतस्वामी जी का एक पद'''
 
भोग श्रृंगार यशोदा मैया,श्री विट्ठलनाथ के हाथ को भावें ।
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