"राॅबर्ट वाॅशोप (ब्रिटिश नौसेना अधिकारी)" के अवतरणों में अंतर

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===नौसैन्य एवं गृहस्थ जीवन===
राॅबर्ट ने 1802 में [[शाही नौसेना]] में दिखिला लिया था और 1808 में उन्हें [[नेपोलियोनीनेपोलियाई युद्ध|नेपोलियाई युद्धों]] में कप्तान सैम्युअल पाईम की नाकाम [[मौरीशियस]] की चढ़ाई में बहाल काया गया था। इसमें, उनके जहाज़ के तबाह हो जाने के बाद, कोमोडोर '''जोसिआस् राउली''' ने उसे अपने साथ ले लिया और उसके बाद उसने दिसम्बर 1810 में ऐडमिरल [[ऐल्बेमार्ले बऽर्टी]] के सफल मौरीशियस की चढ़ाई मे हिस्सा लिया।
 
1814 में उन्हें कप्तान के पद पर पदोन्नत कर दिया गया और उन्हें जहाज़ एचएमएस युयीडाईस की कमान सौंप दी गई। 1816 में उसने [[नेपोलियन]] से मुलाक़ात की थी, अगले तीन सालों तक वे [[सेऽन्ट हेलेना]] में ही तवालद रहे। उन्हें धारमिक चरित्र का होना भी जाना जाता है। उनहें ने 1891 में दीक्षा ली(इसाई-दीक्षा)। उनके बारे में यह भी दर्ज है की उन्होंने (संभवतः अपने धार्मिक चरित्र के कारण) एक बार ऐडमिरल राॅबर्ट प्लेम्पिन के अविवाहित माशूका के साथ रहने पर आपत्ती भी ज़ाहिर की थी, साथ ही उन्हों ने इसके बाद के चार वर्ष आधे वेतन पर ही व्यतीत किया।
1822 में राॅबर्ट ने, सर डेविड कार्निज की बेटी, ऐन्ने कार्निज से शादी कर ली और फिर, पहले ईऽस्टर डड्डिंग्टन, [[मिडलोथियन]] में और बाद में मूरहाउस हाॅल, कम्बरलैंड में अपनी गृहस्ती बसा ली। उनकी इकलौती संतान की मृत्यू नाबालीक अवस्था में ही 1844 में हो गई।
 
1834 में ऐडमिरल पैट्रिक कैम्पबेल(जो उनका साला था) ने राॅबर्ट को अपने जहाज़ पर आमंत्रित किया परंतू उन्हों ने इस शर्त पर मना कर दिया की जहाज़ पर वैश्याऔं का प्रवेश वर्जित होगा, उनकी इसी ज़िद के कारण उन्हें सर थाॅमस हार्डी ने अपनी आयुक्ती से [[त्यागपत्र]] सौंपने का लिये कह दिया। कहा जाता है की उन्हों ने सर हाराडी को कहा था की "ऐसा लिखा हुआ हे की तव्यफ़परस्त लोगों को जन्नत नहीं मिलेगी"। बाद में उन्हें '''एचएमएस थालिया''' में आयुक्त कर दिया गया(जून 1834 में) जिसपर उन्हें केप आॅफ़ गुड होप पे तवालद रखा गया था, और बाद में पश्चिमी [[अफ़्रीका]] में(1836-7)।
 
===टाइम बाॅल का आविश्कार===