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'''कुरुक्षेत्र''' {{audio|Kurukshetra.ogg|उच्चारण}} ({{lang-en|Kurukshetra}})[[हरियाणा]] [[राज्य]] का एक प्रमुख जिला और उसका मुख्यालय है। यह [[हरियाणा]] के उत्तर में स्थित है तथा [[अम्बाला]], [[यमुना नगर]], [[करनाल]] और [[कैथल]] से घिरा हुआ है तथा [[दिल्ली]] और [[अमृतसर]] को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलमार्ग पर स्थित है। इसका शहरी इलाका एक अन्य एटिहासिक स्थल थानेसर से मिला हुआ है। यह एक महत्वपूर्ण [[हिन्दू]] तीर्थस्थल है। माना जाता है कि यहीं [[महाभारत]] की लड़ाई हुई थी और [[भगवान कृष्ण]] ने [[अर्जुन]] को [[गीता]] का उपदेश यहीं [[ज्योतिसर]] नामक स्थान पर दिया था। यह क्षेत्र [[बासमती चावल]] के उत्पादन के लिए भी प्रसिद्ध है।
 
श्रीमन नारायण नारायण ।अखबार का कारनामा कुरूक्षेत्र के इतिहास के स्वरूप को बदलने का प्रयास । कुरूक्षेत्र का नाम कुरूक्षेत्र _धर्मक्षेत्र कैसे पड़ा इसके बारे महाभारत मे उल्लिखित किया गया है जब शौनक जी को सुत जी बताते हैकि आदि काल से ही यह क्षेत्र युद्ध क्षेत्र रहा है। इसी धरती पर वशिष्ट जी और विश्वामित्रजी के साथ युद्ध हुआ था।इसी धरती पर परशुरामजी ने हैहय वंश का नाश किया था। सुत जी कहते है कि ऐसी किवन्दंती है कि एक किसान खेत मे पानी भर रहा था उसी समय उसकी पत्नी खाना लेकर आई थी पति ने कहा जब तक मै भोजन कर रहा हु तब तक तुम काम देखो तब पत्नी पानी रोकने लगी लेकिन पानी रूक नहीं रहा था सो उसने अपने बच्चे को मेढ मे डाल कर चली आयी थी यह घटना बार की बात है भगवान् श्रीकृष्ण युद्ध स्थल को तय करने के लिए अर्जुन को लेकर यात्रा पर गए थे जहाँ उन्होंने देखा था।यह देखकर प्रभु श्री कृष्ण समझ गए थे कि यह स्थान युद्ध के लिए उपयुक्त है । क्यो कि किसी भी काय॔ के लिये उचित स्थान होता है भगवान् श्रीकृष्ण को डर था कि कही अपने लोगो का रक्त बहते देख कही कौरव पांडव संधि ना कर ले तो इस लिए इसी भूमि का चुनाव किया क्योकि इस भुमि मे मोह नही था। कुरू ने अपने अष्टाड़ भगवान् को दान मे दे दिया था तब भगवान् ने वरदान दिया था कि यह क्षेत्र कुरू क्षेत्र के नाम से जाना जायेगा । चुकि कुरू अष्टाड़धम॔ कि खेती कर रहे थे इसलिए इस क्षेत्र को धर्म क्षेत्र कहा जाता है । क्योंकि धर्म मे क्रोध नही हो ता है लेकिन कुरूक्षेत्र मे तप साहस धर्म सबकुछ था । इस बात का उल्लेख प्रभुदत जी ने भी अपने विचार अपने पुस्तक धर्म राष्ट्र मे किया है । अंत मे श्रीमन नारायण नारायण ।
== नामकरण ==
कहा जाता है कि यहाँ स्थित विशाल [[तालाब]] का निर्माण महाकाव्य [[महाभारत]] में वर्णित कौरवों और पांडवों के पूर्वज राजा कुरु ने करवाया था। कुरुक्षेत्र नाम 'कुरु के क्षेत्र' का प्रतीक है।
 
== इतिहास ==
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