"मास्लो पिरामिड" के अवतरणों में अंतर

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(Maslow's hierarchy of needs)
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[[चित्र:Maslow's hierarchy of needs.svg|right|thumb|300px|मास्लो द्वारा प्रतिपादित आवश्यकताओं का पदानुक्रम]]
'''मास्लो पिरामिड''' या '''मास्लो का आवश्यकता पदानुक्रम''' (hierarchy of needs) [[अब्राहम मास्लो]] द्वारा प्रतिपादित एक मनोवैज्ञानिक सिद्धान्त है जो उन्होने 'अ थिअरी आफ ह्यूमन मोटिवेशन' नामक अपने ग्रन्थ में १९४३ में प्रस्तुत किया था। यह सिद्धान्त न केवल मनोविज्ञान के क्षेत्र में, बल्कि विज्ञापन के क्षेत्र में भी प्रसिद्ध हुआ। अपने इस सिद्धान्त में मास्लो ने मानव आवश्यकताओं के कई स्तर बताये जो ये हैं- दैहिक आवश्यकताएँ, सुरक्षा आवश्यकताएँ, संवर्धन एवं प्रेम की आवश्यकताएँ, आत्मसम्मान आवश्यकताएँ, आत्मसात आवश्यकताएँ, भावातीत आवश्यकताएँ। उन्होने कहा कि मानव का [[अभिप्रेरण]] (मोटिवेशन) इसी क्रम में गति करता है। अर्थात मूलभूत आवश्यकताओं के पूरा होने पर ही उच्चस्तरीय आवश्यकताएँ जन्म लेतीं हैं।