"अहल अल-हदीस": अवतरणों में अंतर

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=== दूसरी शाखा ===
दूसरादूसरे गीरोहसमूह जिनकाअहले सेन्टरहदीस या अस्हाबे हदीस का केंद्र हिजाज़ था। यह लोग सिर्फ क़ुरआन और हदीस के ज़ाहिर (प्रत्यक्ष) पर भरोसा करते थे और पूरी तरह से अक़्ल का इंकार करते थे। यह गुरूप “अहले हदीस या अस्हाबे हदीस ” के नाम से मशहूर है। इस गुरूप के बड़े उलमा (विद्धवान), मालिक इब्ने अनस (देहान्त 179 हिजरी), अहमद इब्ने हम्बल हैं।
 
अहले हदीस पंथ के मानने वाले तक़लीद नहीं कही करते ,वो मानते हैं कि क़ुरान और सुन्नत से ही सारे मसले और धर्म के