"अमेरिकी गृहयुद्ध" के अवतरणों में अंतर

* 1864 ई. राष्ट्रीय बैकिंग अधिनियम पारित होने के बाद देश में पहली बार राष्ट्रीय मुद्रा का प्रचलन शुरू हुआ। इसी प्रकार युद्ध के पश्चात् पूरे अमेरिका में आधुनिक संचार सुविधाओं का जाल बिछ गया। टेलीग्राफ लाइन, टेलिविजन तथा पार महाद्वीपीय रेलमार्ग का निर्माण किया गया। परिवहन और संचार की सुविधाएं उपलब्ध हो जाने से बाजार व्यवस्था में विस्तार हुआ। बाजार का यही विस्तार युद्धोत्तर अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अभिलक्षण माना जाता है।
 
* कृषि के क्षेत्र में मनुष्य और मजदूरों पर आश्रितता कम होने के साथ-साथ मशीनों का प्रयोग बढ़ता गया। फलतः उत्पादन में वृद्धि होती गई। अब हाथ की खेती यंत्रों की खेती में बदल गई। अब खेती के काम में कई उम्दा किस्म के औजार जैसे थे्रसर, भांप के इंजन से चलने वाला कर्बाइन हार्वेस्टर आदि उपयोग में आने लगे थे। युद्धकालीन वित्त व्यवस्था से अमेरिकी पूंजीपतियों को बहुत लाभ हुआ। युद्धकाल में फैली मुद्रास्फीति से तथा संघ सरकार की ओर से पर्याप्त ऋण की व्यवस्था किए जाने से मजदूरी ओर वेतन से हुई आय उद्यमियों के हाथों में पहुंच गई। रेलमार्गों का निर्माण हो जाने से निर्मित माल और भारी उद्योगों के उत्पादनों को प्रोत्साहन मिला। कोयले और लोहे के विभिन्न भंडारों की खोज और खनन हुआ। इन सबसे अमेरिका में बड़े पैमाने वाले उद्योगों का जाल बिछ गया और इस तरह तैयार माल के लागत खर्च में कमी आई। इस तरह बड़े उद्योग अमेरिका की पहचान बन गए। इस्पात उद्योग, कोयला, मांस उद्योग का विकास हुआ। नगरों की संख्या बढ़ी तथा वाणिज्य व्यापार का विकास हुआ। 1900 के आसपास अकेले अमेरिका में इतने इस्पात का उत्पादन होने लगा जितना उसके दो अन्य प्रतिद्वन्द्वी इंग्लैंड और जर्मनी मिलकर कर रहे थे।
 
युद्धकालीन वित्त व्यवस्था से अमेरिकी पूंजीपतियों को बहुत लाभ हुआ। युद्धकाल में फैली मुद्रास्फीति से तथा संघ सरकार की ओर से पर्याप्त ऋण की व्यवस्था किए जाने से मजदूरी ओर वेतन से हुई आय उद्यमियों के हाथों में पहुंच गई। रेलमार्गों का निर्माण हो जाने से निर्मित माल और भारी उद्योगों के उत्पादनों को प्रोत्साहन मिला। कोयले और लोहे के विभिन्न भंडारों की खोज और खनन हुआ। इन सबसे अमेरिका में बड़े पैमाने वाले उद्योगों का जाल बिछ गया और इस तरह तैयार माल के लागत खर्च में कमी आई। इस तरह बड़े उद्योग अमेरिका की पहचान बन गए। इस्पात उद्योग, कोयला, मांस उद्योग का विकास हुआ। नगरों की संख्या बढ़ी तथा वाणिज्य व्यापार का विकास हुआ। 1900 के आसपास अकेले अमेरिका में इतने इस्पात का उत्पादन होने लगा जितना उसके दो अन्य प्रतिद्वन्द्वी इंग्लैंड और जर्मनी मिलकर कर रहे थे।
 
* इस युग में अमेरिका में नवआर्थिक युग का सूत्रपात हुआ। कृषि और औद्योगिक समृद्धि से अमेरिका पूंजीवाद की ओर अग्रसर हुआ। 19वीं शताब्दी में अंतिम दो दशकों में विलयन और समेकन (Merger and Acquisition) की प्रक्रिया शुरू हुई अर्थात् कई छोटे-छोटे व्यापारों का एक बड़े संगठन में सम्मिलित हो जाना। जैसे United State steel Company में लगभग 200 विनिर्माण (manufacturing) और परिवहन (transport) कंपनियां एकीकृत हो गई थी और पूरा इस्ताप बाजार उसके नियंत्रण में था। इस तरह 19वीं शताब्दी के अंत में विशालकाय निगमों के स्थापित होने से भावी कम्पनी नियंत्रित पूंजीवाद (Corporate Capitalism) की शुरूआत हुई। इस तरह गृहयुद्धोत्तर काल तीव्र आर्थिक परिवर्तनों और समेकन का युग था। इस युग में बड़े-बड़े औद्योगिक घराने पनपे और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए एकाधिकार (monopoly) का साम्राज्य फैला।