"सदस्य:Abeytom/गैलिलियो का झुकी मीनार प्रयोग" के अवतरणों में अंतर

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==वर्णन==
यह प्रयोग [https://en.wikipedia.org/wiki/Delft डेलफट] में १६ वी शताब्दी में [[%E0%A4%A8%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A4%B0%E0%A4%B2%E0%A5%88%E0%A4%A3%E0%A5%8D%E0%A4%A1|निदरलैण्डस्]] में किया गया था। जॉन कोरनेट्स डी ग्रूट (हुगो कोरनेटस डी ग्रूट के पिता) ने ये प्रयोग [https://en.wikipedia.org/wiki/Nieuwe_Kerk_(Delft) निउवे केर्क] के ऊपर से संचालित किया । कुछ लोग कहते हे की गेलिलियो ने ये प्रयोग नही की है और कुछ लोग कहते है की गलिलियो ने ये प्रयोग [https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%B8%E0%A4%BE_%E0%A4%95%E0%A5%80_%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A8%E0%A4%BE%E0%A4%B0 झुकी मीनार] से नही पर से निउवे केर्क से की है । गणितज्ञ और भौतिकशास्त्री साइमन स्टीविन के पुस्तक में इस प्रयोग का वर्णन किया गया है। जिसका प्रकाशन १५८६ में हुआ था जो साइमन स्टीविन की पुस्तकें मील का पत्थर साबित हुई। सन १५८९ में गैलिलियो गेलिली ने असमान भार वाले दो गोलों को '''पीसा की झुकी हुई मीनार''' से गिराया। वह यह सिध्द करना चाहते थे की दोनों का नीचे गिरने का समय उनके भार पर निर्भर नहीं करता। ऐसा गेलिलीयो के एक शिष्य द्वारा लिखी गेलिलीयो की आत्मकथा में बताया गया है। इस तरीके से उनको पता चला की वस्तुएं अभिन्न त्वरण से गिरी, जिससे साबित हुआ कि उनकि भविष्यवाणी सत्य है,जबकि उस समय ही उन्होंने [[अरस्तु|'''अरस्तु''']] का [[गुरुत्वाकर्षण]] सिद्धांत को असत्य सिद्ध हो गया।लेकिन अरस्तू का मानना था की भारी वस्तुऍं हल्की वस्तुओं से पहले धरती पर गिरती है। गैलीलियो अभी तक मुक्त गिरावट के अपने कानून के अंतिम संस्करण तैयार नहीं था। वह था, हालांकि, पहले के एक संस्करण है जो भविष्यवाणी की है कि एक ही सामग्री एक ही माध्यम के माध्यम से गिरने के शव एक ही गति।इस पर गिर जाएगा क्या अरस्तू सिखाया था के विपरीत था तैयार: कि भारी वस्तु, तेज हल्का लोगों की तुलना में गिर सीधे अनुपात में वजन।।अरस्तु के सिद्धांत यह था की बड़ा वस्तु के एक छोटे से जल्दी ही जमीन तक पहुंच जाएगा। यही कारण है कि हम पहले भी कहा था कि वे व्यावहारिक रूप से एक ही समय में मैदान मारा जाएगा।भारी वस्तु, और अधिक वस्तु हवा प्रतिरोध का विरोध करेंगे।चूंकि भारी वस्तु हवा प्रतिरोध को तैयार नहीं है, यह तेजी लाने और एक बड़ा टर्मिनल गति तक पहुँचने के लिए जारी रहेगा। भारी वस्तु अपने टर्मिनल की गति तक पहुँच जाता है, यह अब तेजी लाने के नहीं होंगे।वायु प्रतिरोध हालांकि एक छोटे से जल्दी अपने टर्मिनल[[अंतिम गति|अंतिम गति]] तक पहुँचने के लिए वस्तु के कारण हल्का वस्तु पर जल्दी से मजबूत बनाता है।इस भारी वस्तु लाइटर एक के आगे डालता है, जब तक वे दोनों जमीन तक पहुँचने।यही कारण है कि भारी वस्तु जमीन के लिए एक छोटी सी जल्दी ही मिल रहा है। हालांकि, हम दूसरे केवल एक विभाजन का एक समय अंतर के बारे में बात कर रहे हैं और एक दूसरे विभाजन कभी कभी ध्यान देने योग्य नहीं हो सकता है।ये प्रयोग सच साबित करना से अरस्तु के सिद्धांत को असत्य कहा गया
 
[[चित्र:The Leaning Tower of Pisa SB.jpeg|अंगूठाकार|पीसा की झूकी मीनार]]
 
==प्रयोग की प्रक्रिया==
गलिलियो ने इस प्रयोग मेमें उन्होनेउन्होंने दो गेंदों के उपयोग की है,एक भारी गेंद और हल्के गेंद , उन्होनेउन्होंने ये दोनों गेंदों को झुकी मीनार की उपरि मन्ज़िल से गिरा।उसनेगिरा।उसको पता लगाया की दोनों गेंदों एक हि समय मे ज़मिन को छुआ।उन्होने यह प्रयोग से ये खोजा की किसी भी वस्तू किसी भी बडे या छोटे है,वज़न अलग भी हो वो एक ही समय मे ज़मिन को छुयेगा । उनके इस प्रयोग भौतिक विय्ग्यानिको मे खल्बलि मच गयी। उन्होने यह साबित कर दिय कि अगर दो वस्तु एक हि प्रदर्थ के है तो उनका त्वरण भी एक होग निरपेक्ष उनके वज़न के।
 
==निष्कर्ष==
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