"अण्डमानी लोग" के अवतरणों में अंतर

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इन द्वीपों में [[बिहार]], [[उड़ीसा]], [[मध्य प्रदेश]] के मिलन स्थल [[छोटा नागपुर]] क्षेत्र से द्वीपों में आए व्यक्तियों को "राँची लोग" का नाम दिया गया है। छोटा नागपुर क्षेत्र में राँची नामक पर्वतीय स्थल बिहार राज्य की ग्रीष्म ऋतु की राजधानी कही जाती है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोग प्राय: ओरांव, मुण्डा और मिण्डारी बोलियां बोलते हैं। छोटा नागपुर की जनजातियां बहुत परिश्रमी और मन लगा कर काम करने वाली होती है। अण्डेमान के वन क्षेत्र, बहुत कुछ छोटानागपुर के धरातल से मेल खाते हैं। रांची मजदूर बहुत बड़ी संख्या में इन द्वीपों में आए हैं और ये मुख्य रूप से ठेकेदारों द्वारा जंगलों में काम करने के लिए नियुक्त किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में बंगाली शरणार्थियों को खेती के लिए भूमि दी गई है वहां भी रांची श्रमिक बड़ी संख्या में देखे जा सकते हैं। रांची मजदूरों की एक बहुत बड़ी बस्ती वाराटांग द्वीप में स्थित है। पोर्टब्लेयर, बाराटांग (ओरलकच्चा) और मायाबन्दर क्षेत्र में कई इसाई मिशन इन लोगों के बीच सेवाकार्य कर रहे हैं। इसाई मिशन द्वारा संचालित पोर्टब्लेयर का निर्मला उच्चतम माध्यमिक विद्यालय मुख्य रूप से रांची के लड़के-लड़कियों के लिए शिक्षा और छात्रावास की सुविधाएं प्रदान करता है। इन लोगों ने अपनी मेहनत और लगन से दक्षिणी अण्डेमान और मध्य अण्डेमान से वन विकास तथा कृषि कार्यों में विशेष योगदान दिया है।
 
[[श्रेणी:अंडमानअण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह]]
[[श्रेणी:नेग्रिटो]]
[[श्रेणी:भारत की मानव जातियाँ]]