"प्रदोष व्रत": अवतरणों में अंतर

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* बुधवार के दिन इस व्रत का पालन करने से सभी प्रकार की कामना सिद्ध होतीहै। <ref>http://religion.bhaskar.com/news/JM-JKR-DHAJ-tomorrow-do-budh-pradosh-fast-by-this-method-will-fulfill-your-every-wish-5065608-NOR.html</ref>
* बृहस्पतिवार के व्रत से शत्रु का नाश होता है। शुक्र प्रदोष व्रत सेसौभाग्य की वृद्धि होती है। <ref>http://www.astroswami.in/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%8B%E0%A4%B7-%E0%A4%B5%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A4-%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE-%E0%A4%B9%E0%A5%88-%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%8B/</ref>
* शनि प्रदोष<ref>http://essenceofastro.blogspot.in/2016/11/shani-pradosham.html</ref> व्रत से पुत्र की प्राप्ति होती है।<ref>http://www.sreedattavibhavam.org/gurucharitra_8.html</ref>
 
== पौराणिक सन्दर्भ ==
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