"अहल अल-हदीस" के अवतरणों में अंतर

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अहले हदीस पंथ के मानने वाले तक़लीद नहीं कही करते, वो मानते हैं कि क़ुरान और सुन्नत से ही सारे मसले और धर्म के कानून को समझा जा सकता हैं और इसके लिए किसी एक इमाम की तक़लीद की ज़रूरत नहीं है।
 
==सन्दर्भ==
== संबंधित लेख ==
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[[श्रेणी:मुस्लिम]]