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== पाणिनि का महत्त्व ==
 
एक शताब्दी से भी पहले प्रसिद्ध [[जर्मन]] [[भारतविद्]] [[मैक्स मूलर]] (१८२३-१९००) ने अपने '''साइंस आफऑफ थाट''' में कहा -
 
"मैं निर्भीकतापूर्वक कह सकता हूँ कि अंग्रेज़ी या [[लैटिन]] या [[ग्रीक भाषा|ग्रीक]] में ऐसी संकल्पनाएँ नगण्य हैं जिन्हें [[संस्कृत]] धातुओं से व्युत्पन्न शब्दों से अभिव्यक्त न किया जा सके। इसके विपरीत मेरा विश्वास है कि 2,50,000 शब्द सम्मिलित माने जाने वाले अंग्रेज़ी शब्दकोश की सम्पूर्ण सम्पदा के स्पष्टीकरण हेतु वांछित धातुओं की संख्या, उचित सीमाओं में न्यूनीकृत पाणिनीय धातुओं से भी कम है। .... अंग्रेज़ी में ऐसा कोई वाक्य नहीं जिसके प्रत्येक शब्द का 800 धातुओं से एवं प्रत्येक विचार का पाणिनि द्वारा प्रदत्त सामग्री के सावधानीपूर्वक वेश्लेषण के बाद अविशष्ट 121 मौलिक संकल्पनाओं से सम्बन्ध निकाला न जा सके।"
* पातालविजय, जो आज अप्राप्य रचना है, जिसका उल्लेख नामिसाधु ने रुद्रटकृत काव्यालंकार की टीका में किया है।
 
== यहइन्हें भी देखें ==
* [[अष्टाध्यायी]]
* [[भारतीय गणितज्ञों की सूची]]