"अग्निपुराण" के अवतरणों में अंतर

99 बैट्स् नीकाले गए ,  3 वर्ष पहले
छो
बॉट: वर्तनी एकरूपता।
छो (बॉट: वर्तनी एकरूपता।)
छो (बॉट: वर्तनी एकरूपता।)
{{ ज्ञानसन्दूक पुस्तक
| name = अग्निपुराण
| title_orig =
| translator =
| image = [[चित्र:अग्निपुराण.gif|150px]]
| image_caption = अग्निपुराण, [[गीताप्रेस गोरखपुर]] का आवरण पृष्ठ
| author = वेदव्यास
| illustrator =
| cover_artist =
| country = [[भारत]]
| language = [[संस्कृत]]
| series = [[पुराण]]
| subject = विष्णु तथा शिव महात्यम्
| genre = हिन्दू धार्मिक ग्रन्थ
| publisher =
| pub_date =
| english_pub_date =
| media_type =
| pages = १५,००० श्लोक
| isbn =
| oclc =
| preceded_by =
| followed_by =
}}
 
* '''१०४- १४९ ''' : भुवनकोश (भूमि आदि लोकों का वर्णन), कुछ पवित्र नदियों का माहात्म्य, ज्योतिश्शास्त्र सम्बन्धी विचार, नक्षत्रनिर्णय, युद्ध में विजय प्राप्त करने के लिए उच्चारण किए जाने योग्य मन्त्र, चक्र तथा अनेक तान्त्रिक विधान।
 
* '''१५०''' : - मन्वन्तर।
 
* '''१५१ - १७४ ''' : वर्णाश्रम धर्म, प्रायश्चित तथा श्राध्दं।
 
* '''१७५ - २०८''' : व्रत की परिभाषा, पुष्पाध्याय (विविध पुष्पों का पूजायोग्यत्व तथा पूजा-अयोगत्व), पुष्प द्वारा पूजा करने का फल।
 
* '''२०९ - २१७''' : दान का माहात्म्य, विविध प्रकार के दान, मन्त्र का माहात्म्य, गायत्रीध्यानपद्धति, शिवस्त्रोत्र।
 
* '''२१८ - २४२''' : राज्य सम्बन्धी विचार – राजा के कर्तव्य। अभिषेक विधि – युद्धक्रमा, रणदीक्षा, स्वप्नशुकनादि विचार, दुर्गनिर्माणविधि और दुर्ग के भेद।
 
* '''२४३-२४४''' : पुरुषों और स्त्रियों के शरीर के लक्षण।
 
* '''२४५''' : चामर, खड्ग, धनुष के लक्षण।
 
* '''२४६''' : - रत्नपरीक्षा।
* '''२४८''' : - पुष्पादिपूजा के फल।
 
* '''२४९-२५२''' : [[धनुर्वेद]]।
 
* '''२५३''' : -२५८ अधिकरण (न्यायालय) के व्यवहार।
 
* '''२५३-२७८''' : चतुर्णां वेदानां मन्त्रप्रयोगैर्जायमानानि विविधानि फलानि, वेदशाखानां विचारः, राज्ञां वंशस्य वर्णनम्।
 
* '''२७९-२८१''' : [[रसायुर्वेद]] की कुछ प्रक्रियाएँ।
 
* '''२८२-२२९ ''' : [[वृक्षायुर्वेद]], गजचिकित्सा, गजशान्ति, अश्वशान्ति (हाथी और घोड़ों को कोई भी रोग न हो, इसके लिए उपाय)