"इलेक्ट्रॉन" के अवतरणों में अंतर

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{{ज्ञानसन्दूक कण
|name = इलेक्ट्रॉन
|image = [[File:Crookes tube-in use-lateral view-standing cross prPNr°11.jpg|280px|alt= इलेक्ट्रॉन-पुंज की उपस्थिति के कारण प्रदीप्त एक कांच-नलिका]]
|caption =
|num_types =
|composition = [[मूलभूत कण]]
|statistics = फर्मीय
|group = [[लेप्टॉन]]
|generation = प्रथम
|interaction = [[गुरुत्वाकर्षण |गुरुत्वाकर्षण]], [[विद्युतचुम्बकीय|विद्युतचुम्बकीय]], [[दुर्बल अन्योन्य क्रिया|दुर्बल]]
|antiparticle = [[पॉज़िट्रान]] (प्रति-इलेक्ट्रॉन, के रूप में भी जाना जाता है)
|theorized =
|discovered = [[जे. जे. थॉम्सन]] (1897)
|symbol = {{SubatomicParticle|Electron}}, {{SubatomicParticle|beta-}}
|mass = 9.109 &times; 10<sup>&minus;31</sup> कि. ग्रा. (kg)
|electric_charge = 1.6 &times; 10<sup>&minus;19</sup> कुलम्ब (C)
|magnetic_moment = {{gaps|−1.001|159|652|180|76(27)|u=[[:en:Bohr magneton|μ<sub>B</sub>]]}}
|spin = {{frac|1|2}}
}}
'''इलेक्ट्रॉन''' या '''विद्युदणु''' ([[प्राचीन यूनानी भाषा]]: ἤλεκτρον, [[लैटिन]], [[अंग्रेज़ी]], [[फ्रेंच]], [[स्पेनिश]]: Electron, [[जर्मन]]: Elektron) ऋणात्मक [[वैद्युत आवेश]] युक्त मूलभूत उपपरमाणविक कण है। यह [[परमाणु]] मे नाभिक के चारो ओर चक्कर लगाता हैं। इसका द्रव्यमान सबसे छोटे परमाणु (हाइड्रोजन) से भी हजारगुना कम होता है। परम्परागत रूप से इसके आवेश को ऋणात्मक माना जाता है और इसका मान -१ परमाणु इकाई (e) निर्धारित किया गया है। इस पर 1.6E-19 [[कूलाम्ब]] परिमाण का ऋण [[आवेश]] होता है। इसका [[द्रव्यमान]] 9.11E−31 किग्रा होता है जो [[प्रोटॉन]] के [[द्रव्यमान]] का लगभग १८३७ वां भाग है। किसी उदासीन [[परमाणु]] में विद्युदणुओं की संख्या और प्रोटानों की संख्या समान होती है। इनकी आंतरिक संरचना ज्ञात नहीं है इसलिए इसे प्राय:[[मूलभूत कण]] माना जाता है। इनकी आंतरिक [[प्रचक्रण (भौतिकी)|प्रचक्रण]] १/२ होती है, अतः यह [[फर्मीय]] होते है। '''इलेक्ट्रॉन''' का [[प्रतिकण]][[पोजीट्रॉन]] कहलाता है। द्रव्यमान के अलावा [[पोजीट्रॉन]] के सारे गुण यथा आवेश इत्यादि '''इलेक्ट्रॉन''' के बिलकुल विपरीत होते है। जब '''इलेक्ट्रॉन''' और [[पोजीट्रॉन]] की टक्कर होती है तो दोंनो पूर्णतः नष्ट हो जाते है एवं दो [[फोटॉन]] उत्पन्न होती है।