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{{हिन्दू देवी देवता ज्ञानसन्दूक
| Image = Virabhadra Daksha.jpg
| Caption = शिवांश भगवान [[वीरभद्र]] और बकरे के सिर के साथ दक्ष।
| Name = प्रजापति दक्ष
| Devanagari = {{lang|sa|दक्ष}}
| Sanskrit_Transliteration = दक्ष
| Pali_Transliteration =
| Tamil_script =
| Affiliation = [[प्रजापति]]
| God_of =
| Abode =
| Mantra =
| Weapon =
| Consort = [[प्रसूति]]
| Mount =
| Planet =
}}
 
दुखी हो गए शिव जब : यह खबर सुनते ही शिव ने वीरभद्र को भेजा, जिसने दक्ष का सिर काट दिया। इसके बाद दुखी होकर सती के शरीर को अपने सिर पर धारण कर शिव ने तांडव नृत्य किया। पृथ्वी समेत तीनों लोकों को व्याकुल देख कर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र द्वारा सती के शरीर के टुकड़े करने शुरू कर दिए।
 
'''शक्तिपीठ:''' इस तरह सती के शरीर का जो हिस्सा और धारण किए आभूषण जहां-जहां गिरे वहां-वहां [[शक्ति पीठ]] अस्तित्व में आ गए। देवी भागवत में 108 शक्तिपीठों का जिक्र है, तो देवी गीता में 72 शक्तिपीठों का जिक्र मिलता है। देवी पुराण में 51 शक्तिपीठों की चर्चा की गई है। वर्तमान में भी 51 शक्तिपीठ ही पाए जाते हैं, लेकिन कुछ शक्तिपीठों का पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका में होने के कारण उनका अस्तित्व खतरें में है।<ref>[http://www.pnews.in/%E0%A4%B8%E0%A4%A4%E0%A5%80-%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%87%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%B5%E0%A4%A8-%E0%A4%B6%E0%A4%95%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BF/ 51 शक्तिपीठ]</ref>
 
== इन्हें भी देखें ==