"प्रक्षेप": अवतरणों में अंतर

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*(१) '''[[आलेखीय प्रक्षेपण]]''' (ग्राफिकल प्रोजेक्शन) : यदि सीधी रेखा १ पर स्थित A, B, C, D आदि बिंदुओं से सीधी रेखा पर लंब AA, BB CC आदि डाले जाएँ, तो रेखा १ पर "लंबकोणीय" प्रक्षेप प्राप्त होता है। इसी प्रकार यदि किसी ठोस पिंड के प्रत्येक बिंदु से किसी समतल धरातल पर लंब डाले जाएँ, तो हमें उस पिंड का लंबकोणीय प्रक्षेप उस धरातल पर प्राप्त होता है। यदि लंब रेखाएँ AA, BB, CC, आदि परस्पर समांतर हों, तब यह प्रक्षेप "समांतर प्रक्षेप' कहलाता है, यदि ये सभी रेखाएँ किसी एक बिंदु पर मिलती हों तब इसे केंद्रीय प्रक्षेप कहेंगे।
 
*(२) '''प्रकाशीय प्रक्षेप''' : इस क्रिया में किसी वस्तु को प्रकाशित करके एक पर्दे पर उसका प्रतिबिंब प्राप्त करते हैं। [[सिनेमा]] फिल्म के चित्रों का प्रक्षेप, या एपिडायस्कोप द्वारा अपारदर्शी चित्रों का बिंब पर्दे पर प्रस्तुत करना, प्रकाशीय प्रक्षेप के उदाहरण हैं। विडियो प्रक्षेपक, स्लाइड प्रक्षेपक, मूवी प्रक्षेपक आदि इसमें आते हैं।
 
*(३) '''[[मानचित्र प्रक्षेप]]''' (मैप प्रोजेक्स्शन) : '''[[मानचित्रकला]]''' (कार्टोग्राफी) के अंतर्गत ग्लोब की अक्षांश एवं देशांतर रेखाओं को समतल धरातल (कागज) पर स्थानांतरित करने की विधि को प्रक्षेप कहते हैं। इस प्रकार खींची हुई अक्षांश एवं देशांतर रेखाओं को "रेखाजाल" कहा जाता है। ग्लोब की अक्षांश एवं देशांतर रेखाओं को किसी समतल धरातल पर विशुद्ध रूप से स्थानांतरित करना संभव नहीं, क्योंकि ग्लोब के वक्र धरातल को बिना किसी अशुद्धि के समतल नहीं किया जा सकता।
 
*(४) '''[[रसायन विज्ञान]] में''' :
:* [[फिशर प्रक्षेपण]]
 
[[श्रेणी:प्रक्षेप]]
[[श्रेणी:चित्र जोड़ें]]
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