"खण्डकाव्य" के अवतरणों में अंतर

32 बैट्स् जोड़े गए ,  3 वर्ष पहले
छो
14.139.69.27 (Talk) के संपादनों को हटाकर SM7 के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
(ग्दफ्ब)
छो (14.139.69.27 (Talk) के संपादनों को हटाकर SM7 के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया)
'''खण्डकाव्य''' [[साहित्य]] में [[प्रबंध काव्य]] का एक रूप है। जीवन की किसी घटना विशेष को लेकर लिखा गया काव्य खण्डकाव्य है। "खण्ड काव्य' शब्द से ही स्पष्ट होता है कि इसमें मानव जीवन की किसी एक ही घटना की प्रधानता रहती है। जिसमें चरित नायक का जीवन सम्पूर्ण रूप में कवि को प्रभावित नहीं करता। कवि चरित नायक के जीवन की किसी सर्वोत्कृष्ट घटना से प्रभावित होकर जीवन के उस खण्ड विशेष का अपने काव्य में पूर्णतया उद्घाटन करता है।
 
प्रबन्धात्मकता [[महाकाव्य]] एवं खण्ड काव्य दोनों में ही रहती है परंतु खण्ड काव्य के कथासूत्र में जीवन की अनेकरुपता नहीं होती। इसलिए इसका कथानक कहानी की भाँति शीघ्रतापूर्वक अन्त की ओर जाता है। महाकाव्य प्रमुख कथा केसाथ अन्य अनेक प्रासंगिक कथायें भी जुड़ी रहती हैं इसलिए इसका कथानक उपन्यास की भाँति धीरे-धीरे फलागम की ओर अग्रसर होता है। खण्डाकाव्य में केवल एक प्रमुख कथा रहती है, प्रासंगिक कथाओं को इसमें स्थान नहीं मिलने पाता है।