"ईजियाई सभ्यता" के अवतरणों में अंतर

6 बैट्स् जोड़े गए ,  4 वर्ष पहले
ऑटोमेटिक वर्तनी सु, replaced: को. → को। , मे → में
छो (बॉट: विराम चिह्नों के बाद खाली स्थान का प्रयोग किया।)
(ऑटोमेटिक वर्तनी सु, replaced: को. → को। , मे → में)
[[होमर]] ने अपने [[ईलियद]] में जिस त्राय के युद्ध की कथा अमर कर दी है वह [[त्राय]] उसी मिनोई ईजियाई सभ्यता का एक उपनिवेश था, राजा प्रियम्‌ की राजधानी, जिसके राजकुमार पेरिस ने ईजियाई सभ्यता को नष्ट करनेवाले एकियाई वीरों में प्रधान अगामेम्नन के भाई मेनेलाउ की भार्या हेलेन को हर लिया था। होमर की उस कथा का लघुएशिया के उस ईजियाई उपनिवेश त्राय की नगरी के विध्वंस से सीधा संबंध है और उसकी ओर संकेत कर देना यहाँ अनुचित न होगा। उस त्राय नगरी को श्लीमान ने खोद निकाला है, एक के ऊपर एक बसी त्राय की छह नगरियों के भग्नावशेषों को, जिनमें से कम से कम सबसे निचली दो होमर की कथा की त्राय नगरी से पूर्व के हैं।
 
महाकवि होमर स्वयं संभवत: ई.पू. 9वीं सदी में हुआ था। उसके समय में अनंत एकियाई वीरगाथाएँ जातियों और जनों में प्रचलित थीं जिनको एकत्र कर एकरूपीय श्रृंखला में अपने मधुर गेय भावस्रोत के सहारे होमर ने बाँधा। ये गाथाएँ कम से कम तीन चार सौ वर्ष पुरानी तो उसके समय तक हो ही चुकी थीं। इन्हीं गाथाओं में संभवत: एकियाई जातियों का ग्रीस के ईजियाई उपनिवशों और स्वयं क्रीत के नगरों पर आक्रमण वर्णित था जिसका लाभ होमर को हुआ। कुछ आश्चर्य नहीं जो एकियाई जातियों ने ही ईजियाई सभ्यता का विनाश किया हो। परंतु एकियाई जातियों के बाद भी लगातार उत्तर से आनेवाली आर्य ग्रीक जातियों के आक्रमण ग्रीस पर होते रहे। उन जातियों मेमें विशिष्ट दोरियाई जाति थी जिसने संभवत: 12वीं सदी ई.पू. में समूचे ग्रीस को लौहायुधों द्वारा जीत लिया और सभ्यता की उस प्राचीन भूमि पर, प्राचीन नगरों के भग्नावशेषों के आसपास और उसी प्रकार क्वाँरी भूमि पर भी, उनके नगर बसे जो प्राचीन ग्रीस के नगरराज्यों के रूप में प्रसिद्ध हुए और जिन्होंने पेरिक्लीज़ और सुकरात के संसार का निर्माण किया।
 
== सन्दर्भ ग्रंथ ==
* एच.आर.हाल : दि एशेंट हिस्ट्री ऑव्‌ द नियर ईस्ट, मेथुएन ऐंड को.को। , लिमिटेड, लंदन, 1950;
* भगवत्शरण उपाध्याय : दि एंशेंट वर्ल्ड, हैदराबाद, 1954;
* एन्साइक्लोपीडिया ब्रिटानिका, खंड 1, 1956;