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=== दिनदहाड़े खटिया के ऊपर छाता के नीचे शनिदेवचरी चोदो आंदोलन तिहाड़ दिवस 17 जून 2017 ..............२६ जुलाई को अगला प्रथम नागरिक अवश्यम्भावी राष्ट्रपति जनप्रतिनिधि भगवान ९४७९०५६३४१ बजरंगी भाईजान & ०५ अगस्त को अगला द्वितीय नागरिक बरखास्त उपयंत्री प्रवासी भारतीय लेखक ९९८१०११४५५ दिवेश भट्ट भारत का अगला उपराष्ट्रपति सबसे पहले क्या करेंगे ? A. पत्रकार अजय साहू ९८२६१४५६८३ + संगीता सुपारी ९४२४२१९३१६ की हत्या B. जिंदा ईई इंजीनियर ज्ञान सिंह पिरोनिया ९४०६३••७६५ स्मृति ई फाइबर सीट मुद्रा परिवर्तन C. प्रसिद्ध लेखक भगवान के एन सिंह ७६९७१२८४९७ का त्रुटिहीन संविधान संशोधन D. सचिन ठेकेदार ९९२६२६३४१० को भारत रत्न अवार्ड " टट्टी बदल २ आन्दोलन २०१७ " E. पदग्रहण + पिंकी जानेमन का बिना कंडोम भरपेट भोजनदेश का अगला उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट चुनने की प्रक्रिया आज 22 जून सेे शुुरू हो गई है। मुख्य निवार्चन आयुक्त नसीम जैदी और दो अन्य निवार्चन आयुक्तों ने बुधवार शाम को नई दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन में उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया। उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट चुनाव के लिए 14 जून को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन भरने की अंतिम तारीख 28 जून होगी l उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट के लिए मतदान 17 जुलाई को होगा, 20 जुलाई को मतगणना होगी। चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने कहा- उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट चुनाव बैलेट पेपर पर होंगे। चुनाव आयोग बैलेट पर पर टिक करने के लिए एक खास पेन मुहैया कराएगा। किसी और पेन का उपयोग करने पर वोट अवैध हो जाएगा। चुनाव आयोग ने कहा, उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट चुनाव को लेकर कोई भी पार्टी अपने विधायक, सांसद को व्हिप जारी नहीं कर सकती है। मोदी सरकार और विपक्ष ने फिलहाल अपने पत्ते नहीं खोले है। वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में एनडीए का पलड़ा भारी नजर रहा है। दूसरी ओर सोनिया गांधी ने विपक्षी एकता का आह्वान किया। शुक्रवार को उन्होंने संसद भवन में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक की है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार अगले कुछ दिनों में सरकार और विपक्ष जल्द ही अपने उम्मीदवार भारतीय लेखक दिवेश भट्ट का नाम तय कर लेगी। किस तरह चुना जाता है उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट भारत में उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट चुनाव अप्रत्यक्ष मतदान से होता है। लोगों की जगह उनके चुने हुए प्रतिनिधि उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट को चुनते हैं। उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट का चुनाव एक निर्वाचन मंडल या इलेक्टोरल कॉलेज करता है। इसमें संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) और राज्यों की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। क्या मोदी सरकार के पास है उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट चुनने का बहुमत एनडीए सरकार के पास फिलहाल 5,37,614 वोट है। उसे वाईएसआर कांग्रेस के 9 सांसदों का समर्थन मिल गया है। इसके अलावा एनडीए की नजर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी पर है। इन दोनों दलों में से कोई अगर एनडीए के साथ आ जाता है तो उनका उम्मीदवार आसानी से जीत जाएगा। दूसरी ओर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, सीपीएम, बीएसपी, आरजेडी जैसे प्रमुख विपक्षी दल संयुक्त उम्मीदवार उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट उतारने की कवायद में है। इनके पास फिलहाल 4,02,230 इतने वोट है। इसके अलावा गैर यूपीए-एनडीए दलों के पास करीब 1.60 लाख मत है। वैसे मौजूदा समय में आंकड़ों के लिहाज से एनडीए का पलड़ा भारी है, लेकिन कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दल एक साझा उम्मीदवार उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट को उतार कर एनडीए काे चुनौती पेश करने का कोशिश कर सकता है. इस बाबत सरकार ने अभी तक अपना पत्ता नहीं खोला है और कई नामों को लेकर चर्चा हो रही है. अंदरखाने एनडीए सरकार राष्ट्रपति चुनाव को लेकर एआइएडीएमके, टीआरएस, वायएसआर कांग्रेस, बीजू जनता दल से लगातार संपर्क में रही है. वोट शेयर के मामले में एनडीए को कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष से तकरीबन 15 फीसदी बढ़त हासिल है. राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव की तारीख घोषित, 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव, 20 जुलाई नाम का ऐलान भाजपा में चल रहा कई नामों पर मंथन. सूत्रों का कहना है कि झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू पर भी विचार हो रहा है. आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली मुर्मु को राष्ट्रपति बनाकर भाजपा यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि वह समाज के वंचित तबकों की हितैषी है. गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव और इन राज्यों में आदिवासी मतदाताओं की संख्या काफी मायने रखती है. सभी दलों से बात करेगी कांग्रेस कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि यदि एनडीए सरकार बातचीत की पहल नहीं करती है, तो विपक्ष किसी योग्य उम्मीदवार भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट के बारे में आम सहमति से फैसला करेंगे. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘हम स्पष्ट करना चाहते हैं कि भाजपा या राजग सरकार देश को हल्के में नहीं ले सकती. बहुत से योग्य उम्मीदवार हैं. यदि वे विपक्ष से बातचीत करने की पहल नहीं करते हैं ये दल (विपक्ष) किसी योग्य उम्मीदवार के बारे में आम सहमति से फैसला करेंगे.' सिंघवी ने कहा कि इसी उद्देश्य से शीर्ष स्तर पर कई बैठकें हुई हैं. किन्तु इसके लिए बहुत सारी बातों पर विचार विमर्श करने की जरुरत है. इसी लिए प्रत्येक पार्टी से दो दिन प्रतिनिधियों को इस बारे में बातचीत करने के लिए तय किया गया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने इसी बारे में बात की थी. अन्य पार्टियों में भी ऐसे वार्ताकार होंगे. उल्लेखनीय है कि मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट चुनाव को लेकर एक उप समूह बनाने को कहा था. राष्ट्रपति बनने की योग्यताएं उम्मीदवार भारत का नागरिक हो उसने कम से कम 35 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली हो वह लोकसभा का सदस्य बनने की पात्रता रखता हो उपराष्ट्रपति भगवान बरखास्त यंत्री प्रवासी भारतीय लेखक दिवेश भट्ट बनने के बाद उम्मीदवार संसद के किसी भी सदन या राज्यों की किसी भी विधानसभा/विधान परिषद का सदस्य नहीं होना चाहिए, वह भारत सरकार के अंतर्गत किसी भी लाभ के पद पर न हो ===
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'''www.dkbhatt.business.site - अगला द्वितीय नागरिक बरखास्त उपयंत्री प्रवासी भारतीय लेखक ९९८१०११४५५ दिवेश भट्ट भारत का अगला उपराष्ट्रपति NEW GOOGLE WEBSITE - www.dkbhatt.business.site'''
|name = नरेन्द्र मोदी
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|caption =प्रधानमन्त्री पद की शपथ लेते नरेन्द्र मोदी
|office = [[भारत के प्रधानमंत्री|भारत के १५वें प्रधानमन्त्री]]
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|party = [[भारतीय जनता पार्टी]]
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'''नरेन्द्र दामोदरदास मोदी''' ({{audio|Hi-NarendraModi.ogg|उच्चारण}}, {{lang-gu|નરેંદ્ર દામોદરદાસ મોદી}} {{lang-en|Narendra Damodardas Modi}}; [[जन्म]]: १७ सितम्बर १९५०) [[भारत]] के वर्तमान [[भारत के प्रधानमन्त्री|प्रधानमन्त्री]] हैं। [[भारत के राष्‍ट्रपति]] [[प्रणव मुखर्जी]] ने उन्हें २६ मई २०१४ को भारत के [[प्रधानमंत्री|प्रधानमन्त्री]] पद की शपथ दिलायी।<ref name="pib"> {{cite web | url = http://pib.nic.in/newsite/hindirelease.aspx?relid=27892| title= राष्‍ट्रपति ने श्री नरेन्‍द्र मोदी को प्रधानमंत्री नियुक्‍त किया, शपथ ग्रहण समारोह 26 मई को होगा | publisher = पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार | date= 20मई 2014 | accessdate = 21 मई 2014}}</ref><ref name="TOI-20140520">{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/Home/Lok-Sabha-Elections-2014/News/Narendra-Modi-appointed-Prime-Minister-swearing-in-on-May-26/articleshow/35388297.cms|title=Narendra Modi appointed Prime Minister, swearing in on May 26|date=2014-05-20|work=Times of India|accessdate=21 मई 2014}}</ref> वे स्वतन्त्र भारत के १५वें प्रधानमन्त्री हैं तथा इस पद पर आसीन होने वाले स्वतंत्र भारत में जन्मे प्रथम व्यक्ति हैं।
 
उनके नेतृत्व में भारत की प्रमुख विपक्षी पार्टी [[भारतीय जनता पार्टी]] ने [[भारतीय आम चुनाव, 2014|२०१४ का लोकसभा चुनाव]] लड़ा और २८२ सीटें जीतकर अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की।<ref>{{cite web|title=Partywise Trends & Result|url=http://eciresults.nic.in/|accessdate=17 मई 2014}}</ref>
एक [[सांसद]] के रूप में उन्होंने [[उत्तर प्रदेश]] की सांस्कृतिक नगरी [[वाराणसी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|वाराणसी]] एवं अपने गृहराज्य गुजरात के [[वडोदरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|वडोदरा]] संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और दोनों जगह से जीत दर्ज़ की।<ref>{{cite news|url=http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/207960/1/20 |title=नरेन्द्र मोदी वाराणसी से चुनाव लडेगे |publisher=[[देशबन्धु]] |date=15 मार्च 2014 |accessdate=16 मार्च 2104}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140313_ls_election_bjp_ap.shtml |title='गुजरात से चुनाव लड़ेंगे नरेन्द्र मोदी' |publisher=[[बीबीसी हिन्दी]] |date=13 मार्च 2014 |accessdate=}}</ref>
 
इससे पूर्व वे [[गुजरात]] राज्य के १४वें [[मुख्यमंत्री|मुख्यमन्त्री]] रहे। उन्हें उनके काम के कारण गुजरात की जनता ने लगातार ४ बार (२००१ से २०१४ तक) मुख्यमन्त्री चुना। गुजरात विश्वविद्यालय से [[राजनीति विज्ञान]] में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से हैं।।<ref>{{cite web|title=गूगल सर्च में भी नरेंद्र मोदी पड़े राहुल गांधी पर भारी|url=http://www.jagran.com/news/national-narendra-modi-most-searched-politician-on-google-in-india-in-maraugust-10784551.html|publisher=[[दैनिक जागरण]]|accessdate=9 अक्टूबर 2013}}</ref> माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर भी वे सबसे ज्यादा फॉलोअर वाले भारतीय नेता हैं।<ref name="nbt14apr2014">{{cite web | url= http://hindi.economictimes.indiatimes.com/india/national-india/king-modi-on-twitter/articleshow/33713338.cms| title= ट्विटर पर मोदी हैं किंग| publisher = नवभारत टाइम्स| date= 14 अप्रैल 2014| accessdate= 16 अप्रैल 2014}}</ref> ''[[टाइम (पत्रिका)|टाइम]]'' पत्रिका ने मोदी को पर्सन ऑफ़ द ईयर २०१३ के ४२ उम्मीदवारों की सूची में शामिल किया है।<ref>{{cite web | url=http://poy.time.com/2013/11/25/vote-now-who-should-be-times-person-of-the-year/slide/poll-results/ | title=Vote Now: Who Should Be TIME’s Person of the Year? | publisher=''टाइम'' | accessdate=27 नवम्बर 2013}}</ref>
 
[[अटल बिहारी वाजपेयी]] की तरह नरेन्द्र मोदी एक [[राजनेता]] और कवि हैं। वे [[गुजराती भाषा]] के अलावा हिन्दी में भी देशप्रेम से ओतप्रोत कविताएँ लिखते हैं।<ref>{{cite news|url=http://navbharattimes.indiatimes.com/state/gujarat/ahmedabad/narendra-modi-recited-poem-in-ahmedabad-rally/articleshow/30737852.cms |title=नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद की रैली में सुनाई कविता |publisher=नवभारतटाइम्स.कॉम|date= 20 फ़रवरी 2014 |accessdate=10 मई 2014}}</ref><ref>{{cite news|url=http://aajtak.intoday.in/story/narendra-modis-poem-reveals-pain-after-separation-from-wife-jashodaben-1-762500.html|title=कविता के जरिए नरेंद्र मोदी ने बयां किया दर्द-ए-दिल|publisher=[[आज तक]]|date= 27 अप्रैल 2014|accessdate=10 मई 2014}}</ref>
 
== निजी जीवन ==
[[चित्र:Narendra Modi seeks his mother's blessings on his birthday on 17th sept.jpg|thumb|left|200px|नरेन्द्र मोदी को उनके 64वें जन्मदिन (17 सितम्बर 2013) पर मिठाई खिलाती उनकी माँ हीराबेन मोदी]]
नरेन्द्र मोदी का जन्म तत्कालीन [[बॉम्बे राज्य]] के [[महेसाना जिला]] स्थित [[वडनगर]] ग्राम में हीराबेन मोदी और दामोदरदास मूलचन्द मोदी के एक मध्यम-वर्गीय परिवार में १७ सितम्बर १९५० को हुआ था।<ref name="bhaskar">{{cite web
| url=http://www.bhaskar.com/article/GUJ-rare-pics-of-narendra-modi-3703016.html
| title='''''पिक्स''''' : कभी बेचते थे चाय, आज हैं सबसे 'शक्तिशाली' राज्य के मुख्यमंत्री
| work=[[दैनिक भास्कर]]
| date=२८ अगस्त २०१२
| accessdate=१५ फरबरी २०१४}}</ref> वह पूर्णत: [[शाकाहारी]] हैं।<ref name="आज तक">{{cite news| url = http://aajtak.intoday.in/story/narendra-modi-likes-kite-flying-1-716382.html
| title = पतंगबाजी के मैदान में भी छक्के छुड़ा देते हैं मोदी
|work=[[आज तक]]
|location=[[नई दिल्ली]]
|date = २० दिसम्बर २०१२
|accessdate=२३ मार्च २०१३}}</ref> [[भारत पाकिस्तान के बीच द्वितीय युद्ध]] के दौरान अपने तरुणकाल में उन्होंने स्वेच्छा से रेलवे स्टेशनों पर सफ़र कर रहे सैनिकों की सेवा की।<ref name="१९६५">{{cite news| url = http://aajtak.intoday.in/story/modi-did-service-of-indian-soldiers-during-indo-pak-war.-1-716386.html
| title = भारत-पाक युद्ध में मोदी ने की थी भारतीय सैनिकों की सेवा
|work=आज तक
|location=नई दिल्ली
|date = २० दिसम्बर २०१२
|accessdate=२४ मार्च २०१३}}</ref> युवावस्था में वह छात्र संगठन [[अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद]] में शामिल हुए | उन्होंने साथ ही साथ भ्रष्टाचार विरोधी नव निर्माण आन्दोलन में हिस्सा लिया। एक पूर्णकालिक आयोजक के रूप में कार्य करने के पश्चात् उन्हें [[भारतीय जनता पार्टी]] में संगठन का प्रतिनिधि मनोनीत किया गया।<ref>{{cite web |url = http://www.narendramodi.org/bio.htm |title = Biography – Narendra Modi |accessdate=6 अगस्त 2012}}</ref> किशोरावस्था में अपने भाई के साथ एक चाय की दुकान चला चुके मोदी ने अपनी स्कूली शिक्षा [[वड़नगर]] में पूरी की।<ref name="bhaskar" /> उन्होंने आरएसएस के प्रचारक रहते हुए 1980 में [[गुजरात विश्वविद्यालय]] से [[राजनीति विज्ञान]] में स्नातकोत्तर परीक्षा दी और [[एम॰एससी॰]] की डिग्री प्राप्त की।<ref name="hindu.com">{{cite news| url=http://www.hindu.com/thehindu/holnus/000200712231550.htm | location=Chennai, भारत |work=द हिन्दू | title=Modi proves to be an astute strategist | date=23 दिसम्बर 2007accessdate=१५ फरबरी २०१४}}</ref>
 
अपने माता-पिता की कुल छ: सन्तानों में तीसरे पुत्र नरेन्द्र ने बचपन में रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में अपने पिता का भी हाथ बँटाया।<ref name="Jose Caravan">{{cite news|url=http://www.caravanmagazine.in/reportage/emperor-uncrowned?page=1,1|title=The Emperor Uncrowned |work=[[The Caravan]] |date=1 मार्च 2012|accessdate=11 अप्रैल 2013|last=Jose |first=Vinod K. |authorlink=Vinod Jose |pages=2–4}}</ref><ref>{{cite news |url=http://timesofindia.indiatimes.com/home/sunday-toi/special-report/On-Race-Course-road/articleshow/10025018.cms |title=On Race Course road? |work=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया |date=18 सितंबर 2011 |archiveurl=https://web.archive.org/web/20140130214030/http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-09-18/special-report/30171588_1_narendra-modi-vibrant-gujarat-summit-prime-ministerial-candidate |archivedate=30 जनवरी 2014}}</ref> बड़नगर के ही एक स्कूल मास्टर के अनुसार नरेन्द्र हालाँकि एक औसत दर्ज़े का छात्र था, लेकिन वाद-विवाद और नाटक प्रतियोगिताओं में उसकी बेहद रुचि थी।<ref name="Jose Caravan"/> इसके अलावा उसकी रुचि राजनीतिक विषयों पर नयी-नयी परियोजनाएँ प्रारम्भ करने की भी थी।<ref>{{cite news|url=http://www.newkerala.com/news/2014/fullnews-24257.html#.UyPvt9KSxZs |title=Modi's life dominates publishing space (Election Special) |work=India News |date=14 मार्च 2014 |accessdate=15 अप्रैल 2014}}</ref>
 
13 वर्ष की आयु में नरेन्द्र की सगाई जसोदा बेन चमनलाल के साथ कर दी गयी और जब उनका विवाह हुआ, वह मात्र 17 वर्ष के थे। फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक खबर के अनुसार पति-पत्नी ने कुछ वर्ष साथ रहकर बिताये।<ref>{{cite news|url=http://www.financialexpress.com/news/i-like-to-read-about-him-(narendra-modi)...-i-know-he-will-become-pm-wife-jashodaben/1222311 |title="मुझे विश्वास है वह एक दिन प्रधान मन्त्री अवश्य बनेंगे": जसोदाबेन |work=Financial Express |date=1 फ़रवरी 2014 |accessdate=15 अप्रैल 2014}}</ref> परन्तु कुछ समय बाद वे दोनों एक दूसरे के लिये अजनबी हो गये क्योंकि नरेन्द्र मोदी ने उनसे कुछ ऐसी ही इच्छा व्यक्त की थी।<ref name="Jose Caravan"/> जबकि नरेन्द्र मोदी के जीवनी-लेखक ऐसा नहीं मानते। उनका कहना है:<ref>{{cite news|url=http://www.rediff.com/news/column/ls-election-sheela-says-modis-marriage-is-a-shakesperean-tragedy/20140411.htm |title=Modi's life dominates publishing space (Election Special) |work=रीडिफ |date= |accessdate=15 अप्रैल 2014}}</ref>
 
''"उन दोनों की शादी जरूर हुई परन्तु वे दोनों एक साथ कभी नहीं रहे। शादी के कुछ बरसों बाद नरेन्द्र मोदी ने घर त्याग दिया और एक प्रकार से उनका वैवाहिक जीवन लगभग समाप्त-सा ही हो गया।"''
 
पिछले चार विधान सभा चुनावों में अपनी वैवाहिक स्थिति पर खामोश रहने के बाद नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अविवाहित रहने की जानकारी देकर उन्होंने कोई पाप नहीं किया। नरेन्द्र मोदी के मुताबिक एक शादीशुदा के मुकाबले अविवाहित व्यक्ति भ्रष्टाचार के खिलाफ जोरदार तरीके से लड़ सकता है क्योंकि उसे अपनी पत्नी, परिवार व बालबच्चों की कोई चिन्ता नहीं रहती।<ref>{{cite news |title=I am single, so best man to fight graft: Narendra Modi |url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/I-am-single-so-best-man-to-fight-graft-Narendra-Modi/articleshow/30536843.cms? |work=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया |first=Anand |last=Bodh |date=17 फ़रवरी 2014 |accessdate=15 अप्रैल 2014}}</ref> हालांकि नरेन्द्र मोदी ने शपथ पत्र प्रस्तुत कर जसोदाबेन को अपनी पत्नी स्वीकार किया है।<ref>{{cite news |url=http://timesofindia.indiatimes.com/home/lok-sabha-elections-2014/news/Jashodaben-is-my-wife-Narendra-Modi-admits-under-oath/articleshow/33521705.cms |title=Jashodaben is my wife, Narendra Modi admits under oath |work=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया |date=10 अप्रैल 2014 |accessdate=15 अप्रैल 2013}}</ref>
 
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{{familytree | | | | | | | | | | | | | | | | | | |KDDS|v|HIR| | | | | | | | | | | | | | |KDDS = दामोदरदास मोदी|boxstyle_KDDS=border: 2px solid blue;|HIR=हीराबेन|boxstyle_HIR=border: 2px solid red;}}
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== प्रारम्भिक सक्रियता और राजनीति ==
नरेन्द्र जब विश्वविद्यालय के छात्र थे तभी से वे [[राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ]] की शाखा में नियमित जाने लगे थे। इस प्रकार उनका जीवन संघ के एक निष्ठावान प्रचारक के रूप में प्रारम्भ हुआ<ref name="hindu.com"/><ref>{{cite news| url=http://news.bbc.co.uk/2/hi/south_asia/1958555.stm |work=बीबीसी न्यूज़ | title=Profile: Narendra Modi | date=23 दिसम्बर 2007 | accessdate=6 अगस्त 2012}}</ref> उन्होंने शुरुआती जीवन से ही राजनीतिक सक्रियता दिखलायी और [[भारतीय जनता पार्टी]] का जनाधार मजबूत करने में प्रमुख भूमिका निभायी। गुजरात में [[शंकरसिंह वाघेला]] का जनाधार मजबूत बनाने में नरेन्द्र मोदी की ही रणनीति थी।
 
अप्रैल १९९० में जब केन्द्र में मिली जुली सरकारों का दौर शुरू हुआ, मोदी की मेहनत रंग लायी, जब [[गुजरात]] में १९९५ के [[विधान सभा]] चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपने बलबूते दो तिहाई बहुमत प्राप्त कर सरकार बना ली। इसी दौरान दो राष्ट्रीय घटनायें और इस देश में घटीं। पहली घटना थी [[सोमनाथ]] से लेकर [[अयोध्या]] तक की रथयात्रा जिसमें [[लालकृष्ण आडवाणी|आडवाणी]] के प्रमुख सारथी की मूमिका में नरेन्द्र का मुख्य सहयोग रहा। इसी प्रकार [[कन्याकुमारी]] से लेकर सुदूर उत्तर में स्थित [[काश्मीर]] तक की [[मुरली मनोहर जोशी]] की दूसरी रथ यात्रा भी नरेन्द्र मोदी की ही देखरेख में आयोजित हुई। इसके बाद [[शंकरसिंह वाघेला]] ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया, जिसके परिणामस्वरूप [[केशुभाई पटेल]] को गुजरात का [[मुख्यमन्त्री]] बना दिया गया और नरेन्द्र मोदी को [[दिल्ली]] बुला कर [[भाजपा]] में संगठन की दृष्टि से केन्द्रीय मन्त्री का दायित्व सौंपा गया।
 
१९९५ में राष्ट्रीय मन्त्री के नाते उन्हें पाँच प्रमुख राज्यों में पार्टी संगठन का काम दिया गया जिसे उन्होंने बखूबी निभाया। १९९८ में उन्हें पदोन्नत करके राष्ट्रीय महामन्त्री (संगठन) का उत्तरदायित्व दिया गया। इस पद पर वह अक्टूबर २००१ तक काम करते रहे। भारतीय जनता पार्टी ने अक्टूबर २००१ में केशुभाई पटेल को हटाकर गुजरात के मुख्यमन्त्री पद की कमान नरेन्द्र मोदी को सौंप दी।
 
== [[गुजरात]] के मुख्यमन्त्री के रूप में ==
[[चित्र:Narendra Modi by Rangilo 03.JPG|thumb|right|200px|2012 में [[जामनगर]] की एक चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए नरेन्द्र मोदी का चित्र]]
2001 में केशुभाई पटेल की सेहत बिगड़ने लगी थी और भाजपा चुनाव में कई सीट हार रही थी।<ref name="Phadnis BS">{{cite book|last=Phadnis |first=Aditi |title=Business Standard Political Profiles of Cabals and Kings |url=https://books.google.com/books?id=qT7QvviGoJsC&pg=PA116 |year=2009 |publisher=Business Standard Books |isbn=978-81-905735-4-2 |pages=116–21}}</ref> इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री के रूप में मोदी को नए उम्मीदवार के रूप में रखते हैं। हालांकि भाजपा के नेता लालकृष्ण आडवाणी, मोदी के सरकार चलाने के अनुभव की कमी के कारण चिंतित थे। मोदी ने पटेल के उप मुख्यमंत्री बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया और आडवाणी व अटल बिहारी वाजपेयी से बोले कि यदि गुजरात की जिम्मेदारी देनी है तो पूरी दें अन्यथा न दें। 3 अक्टूबर 2001 को यह केशुभाई पटेल के जगह गुजरात के मुख्यमंत्री बने। इसके साथ ही उन पर दिसम्बर 2002 में होने वाले चुनाव की पूरी जिम्मेदारी भी थी।<ref>{{cite news|url=http://zeenews.india.com/news/general-elections-2014/pm-candidates/narendra-modi-%E2%80%93-leading-the-race-to-7-rcr_921104.html|title=Narendra Modi – Leading the race to 7 RCR|work=Zee News|date=8 April 2014|accessdate=15 August 2014}}</ref>
 
===2001-02===
नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री का अपना पहला कार्यकाल 7 अक्टूबर 2001 से शुरू किया। इसके बाद मोदी ने राजकोट विधानसभा चुनाव लड़ा। जिसमें काँग्रेस पार्टी के आश्विन मेहता को 14,728 मतों से हरा दिया।
 
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===2002-07===
 
===2007-12===
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नरेन्द्र मोदी अपनी विशिष्ट जीवन शैली के लिये समूचे राजनीतिक हलकों में जाने जाते हैं। उनके व्यक्तिगत स्टाफ में केवल तीन ही लोग रहते हैं, कोई भारी-भरकम अमला नहीं होता। लेकिन कर्मयोगी की तरह जीवन जीने वाले मोदी के स्वभाव से सभी परिचित हैं इस नाते उन्हें अपने कामकाज को अमली जामा पहनाने में कोई दिक्कत पेश नहीं आती।
<ref>{{cite web|url=http://www.outlookindia.com/article.aspx?236315|title=The Hawk In Flight|publisher=Outlook India|date=24 Dec 2007|accessdate=6 अगस्त 2012}}</ref> उन्होंने गुजरात में कई ऐसे हिन्दू मन्दिरों को भी ध्वस्त करवाने में कभी कोई कोताही नहीं बरती जो सरकारी कानून कायदों के मुताबिक नहीं बने थे। हालाँकि इसके लिये उन्हें [[विश्व हिन्दू परिषद]] जैसे संगठनों का कोपभाजन भी बनना पड़ा, परन्तु उन्होंने इसकी रत्ती भर भी परवाह नहीं की; जो उन्हें उचित लगा करते रहे।<ref name="On Race Course road?">{{cite web
| url = http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2011-09-18/special-report/30171588_1_narendra-modi-vibrant-gujarat-summit-prime-ministerial-candidate
| title = ''ऑन रेस कोर्स रोड़?''
| work=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]
|date = १८ सितंबर २०११
|accessdate=२६ मार्च २०१३
|language=अंग्रेज़ी}}</ref> वे एक लोकप्रिय वक्ता हैं, जिन्हें सुनने के लिये बहुत भारी संख्या में श्रोता आज भी पहुँचते हैं। कुर्ता-पायजामा व सदरी के अतिरिक्त वे कभी-कभार सूट भी पहन लेते हैं। अपनी मातृभाषा [[गुजराती]] के अतिरिक्त वह [[हिन्दी]] में ही बोलते हैं।<ref name=NYT>{{cite news|url=http://www.nytimes.com/2009/04/29/world/asia/29india.html|title=Shadows of Violence Cling to Indian Politician|last=Sengupta|first=Somini|date=28 अप्रैल 2009|work=New York Times|accessdate=6 अगस्त 2012}}</ref>
 
मोदी के नेतृत्व में २०१२ में हुए गुजरात विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया। भाजपा को इस बार ११५ सीटें मिलीं।
 
=== गुजरात के विकास की योजनाएँ===
मुख्यमन्त्री के रूप में नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के विकास<ref>{{cite news|url=http://www.expressindia.com/news/fullstory.php?newsid=18327|title=Modi invites investment in Gujarat|date= 11 जनवरी 2003|publisher=Expressindia|accessdate=26 मई 2013|agency=प्रेस ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया}}</ref> के लिये जो महत्वपूर्ण योजनाएँ प्रारम्भ कीं व उन्हें क्रियान्वित कराया, उनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है-
* '''पंचामृत योजना'''<ref>{{cite news|url=http://www.financialexpress.com/news/with-panchamrut-modi-targets-10.2-growth/81673/ |title=With Panchamrut, Modi targets 10.2% Growth|date=9 जून 2003|work=The Financial Express |accessdate=26 मई 2013}}</ref> - राज्य के एकीकृत विकास की पंचायामी योजना,
* '''सुजलाम् सुफलाम्''' - राज्य में जलस्रोतों का उचित व समेकित उपयोग, जिससे जल की बर्बादी को रोका जा सके,<ref name="योजना">{{समाचार सन्दर्भ|title=नरेन्द्र मोदी : गुजरात की विकास योजनाएं|url=http://hindi.webdunia.com/news-narendra-modi/नरेन्द्र-मोदी-गुजरात-की-विकास-योजनाएं-114050700115_1.htm|accessdate=9 जनवरी 2016|publisher=[[वेबदुनिया]]|date=7 मई 2014}}</ref>
* '''कृषि महोत्सव''' – उपजाऊ भूमि के लिये शोध प्रयोगशालाएँ,<ref name="योजना"></ref>
* '''चिरंजीवी योजना''' – नवजात शिशु की मृत्युदर में कमी लाने हेतु,<ref name="योजना"></ref>
* '''मातृ-वन्दना''' – जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु,<ref>{{समाचार सन्दर्भ|title=Siddhpur to develop as culture kaleidoscope for Gujarat soon|url=http://www.dnaindia.com/india/report-siddhpur-to-develop-as-culture-kaleidoscope-for-gujarat-soon-1466024|accessdate=9 जनवरी 2016|language=अँग्रेजी|publisher=''डीएनए इंडिया''|date=13 नवम्बर 2010}}</ref>
* '''बेटी बचाओ''' – भ्रूण-हत्या व लिंगानुपात पर अंकुश हेतु,<ref name="योजना"></ref>
* '''ज्योतिग्राम योजना''' – प्रत्येक गाँव में बिजली पहुँचाने हेतु,<ref>{{समाचार सन्दर्भ|title=Power Minister plans to roll out Gujarat’s Jyoti Gram scheme at the national level|url=http://www.thehindubusinessline.com/news/power-minister-plans-to-roll-out-gujarats-jyoti-gram-scheme-at-the-national-level/article6089780.ece|accessdate=9 जनवरी 2016|language=अँग्रेजी}}</ref><ref>{{समाचार सन्दर्भ|title=Goyal to power India using Gujarat model|url=http://www.business-standard.com/article/economy-policy/goyal-to-power-india-using-gujarat-model-114060600960_1.html|accessdate=9 जनवरी 2016|language=अँग्रेजी}}</ref>
* '''कर्मयोगी अभियान''' – सरकारी कर्मचारियों में अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा जगाने हेतु,<ref name="योजना"></ref>
* '''कन्या कलावाणी योजना''' – महिला साक्षरता व शिक्षा के प्रति जागरुकता,<ref name="योजना"></ref>
* '''बालभोग योजना''' – निर्धन छात्रों को विद्यालय में दोपहर का भोजन,<ref>{{cite web|last=Patel|first=Parbat|title=Message By Hon. State Minister of Health and Family Welfare|url=http://www.gujhealth.gov.in/minister-parbatbhai-patel.htm|accessdate=26 मई 2013}}{{Dead link|date=जून 2014}}</ref>
 
=== मोदी का वनबन्धु विकास कार्यक्रम ===
उपरोक्त विकास योजनाओं के अतिरिक्त मोदी ने आदिवासी व वनवासी क्षेत्र के विकास हेतु गुजरात राज्य में वनबन्धु विकास<ref>{{cite web|last=|first=|title=CM's Ten Point Program |url= http://www.vanbandhukalyanyojana.gujarat.gov.in/CM%20Ten%20Point%20Program.aspx|accessdate=26 मई 2013}}</ref> हेतु एक अन्य दस सूत्री कार्यक्रम भी चला रखा है जिसके सभी १० सूत्र निम्नवत हैं:<br />
१-पाँच लाख परिवारों को रोजगार, २-उच्चतर शिक्षा की गुणवत्ता, ३-आर्थिक विकास, ४-स्वास्थ्य, ५-आवास, ६-साफ स्वच्छ पेय जल, ७-सिंचाई, ८-समग्र विद्युतीकरण, ९-प्रत्येक मौसम में सड़क मार्ग की उपलब्धता और १०-शहरी विकास।
 
=== श्यामजीकृष्ण वर्मा की अस्थियों का भारत में संरक्षण ===
नरेन्द्र मोदी ने प्रखर देशभक्त [[श्यामजी कृष्ण वर्मा]] व उनकी पत्नी भानुमती की अस्थियों को भारत की स्वतन्त्रता के ५५ वर्ष बाद २२ अगस्त २००३ को स्विस सरकार से अनुरोध करके [[जिनेवा]] से स्वदेश वापस मँगाया<ref name="क्रान्त"> {{cite book |last1=क्रान्त |first1=|authorlink1= |last2= |first2= |editor1-first= |editor1-last= |editor1-link= |others= |title=स्वाधीनता संग्राम के क्रान्तिकारी साहित्य का इतिहास |url=http://www.worldcat.org/title/svadhinata-sangrama-ke-krantikari-sahitya-ka-itihasa/oclc/271682218 |format= |accessdate=१२ फरबरी २०१४ |edition=1 |series= |volume=1 |date= |year=2006 |month= |origyear= |publisher=प्रवीण प्रकाशन |location=नई दिल्ली |language=Hindi |isbn= 81-7783-119-4|oclc= |doi= |id= |page=२५० |pages= |chapter= |chapterurl= |quote=गुजरात सरकार ने प्रयत्न करके जिनेवा से उनकी अस्थियाँ भारत मँगवायीं और उनकी अन्तिम इच्छा का समादर किया।|ref= |bibcode= |laysummary= |laydate= |separator= |postscript= |lastauthoramp=}}</ref>
और माण्डवी (श्यामजी के जन्म स्थान) में '''[[क्रान्ति-तीर्थ]]''' के नाम से एक पर्यटन स्थल बनाकर उसमें उनकी स्मृति को संरक्षण प्रदान किया।<ref>{{cite news|url=http://www.telegraphindia.com/1030825/asp/nation/story_2296566.asp|title=Road show with patriot ash|last=Soondas|first=Anand|work= द टेलीग्राफ, कलकत्ता, भारत|date=24 अगस्त 2003|accessdate =10 फरबरी 2014}}</ref> मोदी द्वारा १३ दिसम्बर २०१० को राष्ट्र को समर्पित इस क्रान्ति-तीर्थ को देखने दूर-दूर से [[पर्यटक]] गुजरात आते हैं।<ref>[http://www.krantiteerth.org/shyamji-krishna-varma-smrutikaksha.html श्यामजीकृष्ण वर्मा स्मृतिकक्ष]अभिगमन तिथि: 10 फरबरी 2014{{Dead link|date=जून 2014}}</ref> गुजरात सरकार का पर्यटन विभाग इसकी देखरेख करता है।<ref>[http://www.gujarattourism.com/showpage.aspx?contentid=1998 गुजरात टूरिज्म डॉट कॉम], अभिगमन तिथि: १२ फ़रवरी २०१४</ref>
 
== आतंकवाद पर मोदी के विचार ==
१८ जुलाई २००६ को मोदी ने एक भाषण में [[आतंकवाद निरोधी अधिनियम, २००२|आतंकवाद निरोधक अधिनियम]] जैसे आतंकवाद-विरोधी विधान लाने के विरूद्ध उनकी अनिच्छा को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री [[मनमोहन सिंह]] की आलोचना की। [[२००६ मुम्बई उपनगरीय रेल बम विस्फोट|मुंबई की उपनगरीय रेलों में हुए बम विस्फोटों]] के मद्देनज़र उन्होंने केंद्र सरकार से राज्यों को सख्त कानून लागू करने के लिए सशक्त करने की माँग की।<ref name="Telegraph India">{{cite news| url = http://www.telegraphindia.com/1060719/asp/nation/story_6496620.asp
| title = ''महात्मा ऑन लिप्स, मोदी फाइट्स सेंटर''
|work=[[द टेलीग्राफ]]
|location=[[कोलकाता]]
|date = १९ जुलाई २००६
|accessdate=६ अगस्त २०१२
|language=अंग्रेज़ी}}</ref> उनके शब्दों में -
{{quote|"आतंकवाद युद्ध से भी बदतर है। एक आतंकवादी के कोई नियम नहीं होते। एक आतंकवादी तय करता है कि कब, कैसे, कहाँ और किसको मारना है। भारत ने युद्धों की तुलना में आतंकी हमलों में अधिक लोगों को खोया है।"<ref name="Telegraph India"/>}}
 
नरेंद्र मोदी ने कई अवसरों पर कहा था कि यदि भाजपा केंद्र में सत्ता में आई, तो वह सन् २००४ में [[भारत का उच्चतम न्यायालय|उच्चतम न्यायालय]] द्वारा [[अफज़ल गुरु]] को फाँसी दिए जाने के निर्णय का सम्मान करेगी। भारत के उच्चतम न्यायालय ने अफज़ल को २००१ में भारतीय संसद पर हुए हमले के लिए दोषी ठहराया था एवं ९ फ़रवरी २०१३ को तिहाड़ जेल में उसे लटकाया गया।
<ref name="bbc_afzal">{{cite news| url = http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/02/130209_afzal_timeline_pk.shtml
| title = संसद हमले से अफ़ज़ल की फाँसी तक
|work=[[बीबीसी हिन्दी]]
|date = ९ फ़रवरी २०१३
|accessdate=२३ मार्च २०१३}}</ref>
 
== विवाद एवं आलोचनाएँ==
===२००२ के गुजरात दंगे ===
[[File:NarendaraModi.jpg|thumb|left|200px|23 दिसम्बर 2007 की प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया के सवालों का उत्तर देते हुए नरेन्द्र मोदी]]
२७ फ़रवरी २००२ को [[अयोध्या]] से गुजरात वापस लौट कर आ रहे कारसेवकों को [[गोधरा]] स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में एक हिंसक भीड़ द्वारा आग लगा कर जिन्दा जला दिया गया। इस हादसे में 59 कारसेवक मारे गये थे।<ref>{{cite web|title=Godhra train fire accidental: Report|url=http://www.rediff.com/news/2005/jan/17godhra.htm|publisher=रीडिफ.कॉम|accessdate=7 अगस्त 2012}}</ref> रोंगटे खड़े कर देने वाली इस घटना की प्रतिक्रिया स्वरूप समूचे गुजरात में हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़क उठे। मरने वाले ११८० लोगों में अधिकांश संख्या अल्पसंख्यकों की थी। इसके लिये [[न्यूयॉर्क टाइम्स]] ने मोदी प्रशासन को जिम्मेवार ठहराया।<ref name="NYT"/> [[कांग्रेस]] सहित अनेक विपक्षी दलों ने नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की माँग की।<ref>{{cite news |year = 2002 |url = http://www.tribuneindia.com/2002/20020418/main1.htm |title = Gujarat Cabinet puts off decision on elections |work=The Tribune |location=India |accessdate=7 अगस्त 2012}}</ref><ref>{{cite web |url=http://www.rediff.com/news/2006/mar/03godhra.htm |title=Congress demands Modi's resignation over Bannerjee report |accessdate=7 अगस्त 2012| publisher = United News of India}}</ref> मोदी ने गुजरात की दसवीं विधानसभा भंग करने की संस्तुति करते हुए राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।<ref>{{cite news |year = 2002 |url = http://www.thehindubusinessline.com/2002/07/20/stories/2002072002640100.htm |title = Modi resigns; seeks Assembly dissolution |work=द हिन्दू |accessdate =9 मई 2006}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.rediff.com/news/2002/jul/19guj.htm |title=Gujarat Chief Minister Narendra Modi resigns; assembly dissolved |accessdate=7 अगस्त 2012| publisher = रीडिफ.कॉम }}</ref> राज्य में दोबारा चुनाव हुए जिसमें [[भारतीय जनता पार्टी]] ने मोदी के नेतृत्व में विधान सभा की कुल १८२ सीटों में से १२७ सीटों पर जीत हासिल की।
 
अप्रैल २००९ में भारत के [[उच्चतम न्यायालय]] ने विशेष जाँच दल भेजकर यह जानना चाहा कि कहीं गुजरात के दंगों में नरेन्द्र मोदी की साजिश तो नहीं।<ref name="NYT"/> यह विशेष जाँच दल दंगों में मारे गये काँग्रेसी [[सांसद]] ऐहसान ज़ाफ़री की विधवा ज़ाकिया ज़ाफ़री की शिकायत पर भेजा गया था।<ref>{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/NEWS/India/SC-not-to-stall-probe-on-02-riots/articleshow/4839947.cms|title=SC rejects Modi govt's plea to stall SIT probes|last=Mahapatra|first=Dhananjay|date=31 जुलाई 2009|work=Times of India |accessdate=7 अगस्त 2012}}</ref> दिसम्बर 2010 में उच्चतम न्यायालय ने एस॰ आई॰ टी॰ की रिपोर्ट पर यह फैसला सुनाया कि इन दंगों में नरेन्द्र मोदी के खिलाफ़ कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।<ref>{{cite news| url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/SIT-clears-Narendra-Modi-of-wilfully-allowing-post-Godhra-riots/articleshow/7031569.cms#ixzz1721JAJuI |work=The Times Of India | first1=Dhananjay | last1=Mahapatra | title=SIT clears Narendra Modi of wilfully allowing post-Godhra riots | date=3 दिसम्बर 2010|accessdate=7 अगस्त 2012}}</ref>
 
उसके बाद फरवरी २०११ में [[टाइम्स ऑफ इंडिया]] ने यह आरोप लगाया कि रिपोर्ट में कुछ तथ्य जानबूझ कर छिपाये गये हैं<ref>{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/india/SIT-findings-ensure-Narendra-Modi-cant-shake-off-riot-taint/articleshow/7421365.cms | title=SIT findings ensure Narendra Modi can't shake off riot taint |work=The Times Of India | date=4 फ़रवरी 2011|accessdate=7 अगस्त 2012}}</ref> और सबूतों के अभाव में नरेन्द्र मोदी को अपराध से मुक्त नहीं किया जा सकता।<ref>{{cite web|url=http://news.worldsnap.com/india/bjp-demands-probe-into-sit-report-leak-100008.html |title=BJP demands probe into SIT report leak &#124; Ahmedabad, World Snap News |publisher=News.worldsnap.com |accessdate=7 अगस्त 2012}}</ref><ref>[http://www.sunday-guardian.com/analysis/the-rise-and-rise-of-tomorrows-prime-minister-narendra-modi The rise and rise of tomorrow’s Prime Minister Narendra Modi ] Sunday Guardian – 7 नवम्बर 2011</ref> [[इंडियन एक्सप्रेस]] ने भी यह लिखा कि रिपोर्ट में मोदी के विरुद्ध साक्ष्य न मिलने की बात भले ही की हो किन्तु अपराध से मुक्त तो नहीं किया।<ref>[http://www.indianexpress.com/news/Narendra-Modi-not-involved-in-Gujarat-riots--SIT-report/745950/ Narendra Modi not involved in Gujarat riots: SIT report] Indian Express – 4 फ़रवरी 2011</ref> ''[[द हिन्दू]]'' में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार नरेन्द्र मोदी ने न सिर्फ़ इतनी भयंकर त्रासदी पर पानी फेरा अपितु प्रतिक्रिया स्वरूप उत्पन्न गुजरात के दंगों में मुस्लिम उग्रवादियों के मारे जाने को भी उचित ठहराया।<ref>{{cite news|title=SIT: Modi tried to dilute seriousness of riots situation|url=http://www.thehindu.com/news/national/article1154007.ece|work=द हिन्दू | location=Chennai, भारत|first=Vidya|last=Subrahmaniam|date=4 फ़रवरी 2011}}</ref>
[[भारतीय जनता पार्टी]] ने माँग की कि एस॰ आई॰ टी॰ की रिपोर्ट को लीक करके उसे प्रकाशित करवाने के पीछे सत्तारूढ़ काँग्रेस पार्टी का राजनीतिक स्वार्थ है इसकी भी उच्चतम न्यायालय द्वारा जाँच होनी चाहिये।<ref>[http://www.thehindu.com/news/national/article1156900.ece BJP wants leak of SIT report investigated] द हिन्दू – 5 फ़रवरी 2011</ref>
 
सुप्रीम कोर्ट ने बिना कोई फैसला दिये अहमदाबाद के ही एक मजिस्ट्रेट को इसकी निष्पक्ष जाँच करके अविलम्ब अपना निर्णय देने को कहा।<ref>[http://news.outlookindia.com/item.aspx?734406 'God is Great!' Tweets a Relieved Modi] Outlook – 12 सितंबर 2011</ref> अप्रैल 2012 में एक अन्य विशेष जाँच दल ने फिर ये बात दोहरायी कि यह बात तो सच है कि ये दंगे भीषण थे परन्तु नरेन्द्र मोदी का इन दंगों में कोई भी प्रत्यक्ष हाथ नहीं।<ref>[http://www.dailypioneer.com/home/online-channel/top-story/56643-its-official-modi-gets-clean-chit-in-gulberg-massacre.html It's official: Modi gets clean chit in Gulberg massacre] Daily Pioneer – 10 अप्रैल 2012</ref> 7 मई 2012 को उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जज राजू रामचन्द्रन ने यह रिपोर्ट पेश की कि गुजरात के दंगों के लिये नरेन्द्र मोदी पर [[भारतीय दण्ड संहिता]] की धारा १५३ ए (1) (क) व (ख), १५३ बी (1), १६६ तथा ५०५ (2) के अन्तर्गत विभिन्न समुदायों के बीच बैमनस्य की भावना फैलाने के अपराध में दण्डित किया जा सकता है।<ref>[http://www.thehindu.com/news/national/article3393808.ece?homepage=true Proceed against Modi for Gujarat riots: amicus ] द हिन्दू – 7 मई 2012</ref> हालांकि रामचन्द्रन की इस रिपोर्ट पर विशेष जाँच दल (एस०आई०टी०) ने आलोचना करते हुए इसे दुर्भावना व पूर्वाग्रह से परिपूर्ण एक दस्तावेज़ बताया।<ref>[http://www.thehindu.com/news/national/article3401728.ece?homepage=true SIT rejects amicus curiae's observations against Modi] Hindu −10 मई 2012</ref>
 
२६ जुलाई २०१२ को [[नई दुनिया]] के सम्पादक शाहिद सिद्दीकी को दिये गये एक इण्टरव्यू में नरेन्द्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा - "२००४ में मैं पहले भी कह चुका हूँ, २००२ के साम्प्रदायिक दंगों के लिये मैं क्यों माफ़ी माँगूँ? यदि मेरी सरकार ने ऐसा किया है तो उसके लिये मुझे सरे आम फाँसी दे देनी चाहिये।" मुख्यमन्त्री ने गुरुवार को नई दुनिया से फिर कहा- “अगर मोदी ने अपराध किया है तो उसे फाँसी पर लटका दो। लेकिन यदि मुझे राजनीतिक मजबूरी के चलते अपराधी कहा जाता है तो इसका मेरे पास कोई जवाब नहीं है।"
 
यह कोई पहली बार नहीं है जब मोदी ने अपने बचाव में ऐसा कहा हो। वे इसके पहले भी ये तर्क देते रहे हैं कि गुजरात में और कब तक गुजरे ज़माने को लिये बैठे रहोगे? यह क्यों नहीं देखते कि पिछले एक दशक में गुजरात ने कितनी तरक्की की? इससे मुस्लिम समुदाय को भी तो फायदा पहुँचा है।
 
लेकिन जब केन्द्रीय क़ानून मन्त्री [[सलमान खुर्शीद]] से इस बावत पूछा गया तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया - "पिछले बारह वर्षों में यदि एक बार भी गुजरात के मुख्यमन्त्री के खिलाफ़ एफ॰ आई॰ आर॰ दर्ज़ नहीं हुई तो आप उन्हें कैसे अपराधी ठहरा सकते हैं? उन्हें कौन फाँसी देने जा रहा है?"<ref>{{cite news| url=http://www.hindustantimes.com/India-news/NewDelhi/Hang-me-if-I-am-guilty-Narendra-Modi-on-Gujarat-riots/Article1-895934.aspx |Title=Hang me if guilty, Modi tells Urdu magazine| date= 26 जुलाई 2012}}</ref>
 
[[बाबरी मस्ज़िद]] के लिये पिछले ५४ सालों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे ९२ वर्षीय मोहम्मद हाशिम अंसारी के मुताबिक भाजपा में प्रधानमन्त्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी के प्रान्त [[गुजरात]] में सभी मुसलमान खुशहाल और समृद्ध हैं। जबकि इसके उलट [[कांग्रेस]] हमेशा मुस्लिमों में मोदी का भय पैदा करती रहती है।<ref>{{cite web|title= मोदी के मुरीद है बाबरी के पैरोकार हाशिम |url=http://www.jagran.com/uttar-pradesh/lucknow-city-10917256.html |publisher=[[दैनिक जागरण]]|date=6 दिसम्बर 2013|accessdate=२० मार्च २०१४}}</ref>
 
सितंबर 2014 की भारत यात्रा के दौरान [[ऑस्ट्रेलिया]] के प्रधानमंत्री [[टोनी एबॉट]] ने कहा कि नरेंद्र मोदी को 2002 के दंगों के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए क्योंकि वह उस समय मात्र एक 'पीठासीन अधिकारी' थे जो 'अनगिनत जाँचों' में पाक साफ साबित हो चुके हैं।<ref name="nbt-5sep14-1">{{cite web | url= http://hindi.economictimes.indiatimes.com/india/national-india/narendra-modi-shouldnt-be-blamed-for-2002-gujarat-riots-australian-pm-tony-abbott/articleshow/41813710.cms| title= दंगों के लिए मोदी जिम्मेदार नहीं: ऑस्ट्रेलियाई PM| publisher = नवभारत टाईम्स| date= 5 सितंबर 2014| accessdate= 6 सितंबर 2014}}</ref>
 
==२०१४ लोकसभा चुनाव ==
=== प्रधानमन्त्री पद के उम्मीदवार ===
[[File:Modi and Joshi.jpg|thumb|right|200px|नरेन्द्र मोदी को बधाई देते [[मुरली मनोहर जोशी]] (१३ सितम्बर २०१३ का एक [[फोटो|चित्र]])]]
[[गोआ]] में भाजपा कार्यसमिति द्वारा नरेन्द्र मोदी को [[भारतीय आम चुनाव, 2014|2014 के लोक सभा चुनाव]] अभियान की कमान सौंपी गयी थी।<ref>{{cite web|title=BJP elevates Narendra Modi as poll panel chief for 2014|url=http://zeenews.india.com/news/nation/bjp-set-to-announce-modi-as-poll-panel-chief-today_853819.html|publisher=ZEENEWS.com|accessdate=9 जून 2013}}</ref> १३ सितम्बर २०१३ को हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में आगामी लोकसभा चुनावों के लिये प्रधानमन्त्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इस अवसर पर पार्टी के शीर्षस्थ नेता [[लालकृष्ण आडवाणी]] मौजूद नहीं रहे और पार्टी अध्यक्ष [[राजनाथ सिंह]] ने इसकी घोषणा की।<ref>{{cite web|title=ऐसे बढ़ी कहानी नरेंद्र मोदी बने 'भाजपा के पीएम'|url=http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/09/130913_modi_bjp_pm_candidate_pp.shtml |publisher=[[बीबीसी हिन्दी]]|accessdate=14 सितम्बर 2013}}</ref><ref>{{cite web|title=मोदी बने पीएम उम्‍मीदवार, राजनाथ पर बरसे आडवाणी!|url=http://www.bhaskar.com/article-ht/NAT-bjp-may-declare-modis-name-4373625-NOR.html |publisher=[[दैनिक भास्कर]]|accessdate=13 सितम्बर 2013}}</ref> मोदी ने प्रधानमन्त्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद चुनाव अभियान की कमान [[राजनाथ सिंह]] को सौंप दी। प्रधानमन्त्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने के बाद मोदी की पहली रैली [[हरियाणा]] प्रान्त के [[रिवाड़ी]] शहर में हुई।<ref>{{cite web|title='आतंकवाद' से न भारत का भला होगा, न पाक का: मोदी|url=http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2013/09/130915_modi_rally_haryana_ap.shtml|publisher=[[बीबीसी (हिन्दी)]]|accessdate=7 अक्टूबर 2013}}</ref>
 
एक सांसद प्रत्याशी के रूप में उन्होंने देश की दो लोकसभा सीटों [[वाराणसी लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|वाराणसी]] तथा [[वडोदरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र|वडोदरा]] से चुनाव लड़ा और दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से विजयी हुए।<ref>{{cite news|url=http://www.deshbandhu.co.in/newsdetail/207960/1/20 |title=नरेन्द्र मोदी वाराणसी से चुनाव लडेगे |publisher=[[देशबन्धु]] |date=15 मार्च 2014 |accessdate=16 मार्च 2104}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/03/140313_ls_election_bjp_ap.shtml |title='गुजरात से चुनाव लड़ेंगे नरेन्द्र मोदी' |publisher=[[बीबीसी हिन्दी]] |date=13 मार्च 2014 |accessdate=}}</ref><ref>http://timesofindia.indiatimes.com/home/specials/lok-sabha-elections-2014/news/Its-official-Modi-picked-for-Varanasi-Jaitley-for-Amritsar/articleshow/32101547.cms</ref>
 
=== लोक सभा चुनाव २०१४ में मोदी की स्थिति ===
[[File:Modi in Rewari, Haryana at ex-servicemen rally.jpg|thumb|right|200px|रिवाड़ी की रैली को सम्बोधित करते हुए नरेन्द्र मोदी]]
न्यूज़ एजेंसीज व पत्रिकाओं द्वारा किये गये तीन प्रमुख सर्वेक्षणों ने नरेन्द्र मोदी को प्रधान मन्त्री पद के लिये जनता की पहली पसन्द बताया था।<ref>{{cite web|url=http://www.indiatvnews.com/politics/national/opinion-polls-upa-losing-ground-modi-pm-candidate-nda-advantage-10227.html |title=Opinion polls: UPA losing ground, Modi's projection as PM candidate will double NDA advantage|trans_title= |publisher=Indiatvnews.com |date=22 मई 2013}}</ref><ref>{{cite web |url=http://news.oneindia.in/2013/05/22/narendra-modi-could-tilt-the-scales-for-bjp-1222262.html |title=Narendra Modi could tilt the scales for BJP with 220 seats&nbsp;– Oneindia News|trans_title= |publisher=One India News|date=22 मई 2013|accessdate=18 मार्च 2014}}</ref><ref name=pm-polls>http://www.firstpost.com/politics/three-polls-one-message-no-alternative-to-modi-for-bjp-804581.html
</ref> एसी वोटर पोल सर्वे के अनुसार नरेन्द्र मोदी को पीएम पद का प्रत्याशी घोषित करने से [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन|एनडीए]] के वोट प्रतिशत में पाँच प्रतिशत के इजाफ़े के साथ १७९ से २२० सीटें मिलने की सम्भावना व्यक्त की गयी।<ref name=pm-polls/> सितम्बर २०१३ में नीलसन होल्डिंग और [[इकोनॉमिक टाइम्स]] ने जो परिणाम प्रकाशित किये थे उनमें शामिल शीर्षस्थ १०० भारतीय कार्पोरेट्स में से ७४ कारपोरेट्स ने नरेन्द्र मोदी तथा ७ ने [[राहुल गांधी|राहुल गान्धी]] को बेहतर प्रधानमन्त्री बतलाया था।<ref>{{cite news | url=http://articles.economictimes.indiatimes.com/2013-09-06/news/41835249_1_narendra-modi-pm-candidate-rahul-gandhi | date=6 सितंबर 2013 ||accessdate=18 मार्च 2014 | publisher=दि इकॉनोमिक टाइम्स | title=CEO confidence survey: Almost three fourths back Narendra Modi; less than 10% want Rahul Gandhi as PM }}</ref><ref name="mint20130706">{{cite news | title=India business favours Narendra Modi to be PM: poll|trans_title= | url=http://www.livemint.com/Politics/HmcZzc60Il1sKfRCPCOQyK/India-business-favours-Narendra-Modi-to-be-PM-poll.html | date=6 सितंबर 2013 | accessdate=18 मार्च 2014 | work=[[Mint (newspaper)|Live Mint]]}}</ref> नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री [[अमर्त्य सेन]] मोदी को बेहतर प्रधान मन्त्री नहीं मानते ऐसा उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था। उनके विचार से मुस्लिमों में उनकी स्वीकार्यता संदिग्ध हो सकती है जबकि जगदीश भगवती और अरविन्द पानगढ़िया को मोदी का अर्थशास्त्र बेहतर लगता है।<ref>{{cite web|title=Academic brawl: Bhagwati-Panagariya pitch for Modi while Amartya Sen backs Nitish|url=http://articles.economictimes.indiatimes.com/2013-07-18/news/40657164_1_kerala-model-gujarat-model-high-economic-growth|work=दि इकॉनोमिक टाइम्स|accessdate=18 मार्च 2014|date=18 जुलाई 2013}}</ref> योग गुरु [[स्वामी रामदेव]] व मुरारी बापू जैसे कथावाचक ने नरेन्द्र मोदी का समर्थन किया।<ref>{{cite web|title=Sadhus want Narendra Modi declared NDA's PM candidate|trans_title=|url=http://articles.timesofindia.indiatimes.com/2013-04-27/india/38861370_1_gujarat-cm-patanjali-yogpeeth-ramdev|publisher=द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया |accessdate=18 मार्च 2014|first=D S|last=Kunwar|date=27 अप्रैल 2013}}</ref>
 
पार्टी की ओर से पीएम प्रत्याशी घोषित किये जाने के बाद नरेन्द्र मोदी ने पूरे भारत का भ्रमण किया। इस दौरान तीन लाख किलोमीटर की यात्रा कर पूरे देश में ४३७ बड़ी चुनावी रैलियाँ, ३-डी सभाएँ व [[चाय]] पर चर्चा आदि को मिलाकर कुल ५८२७ कार्यक्रम किये। चुनाव अभियान की शुरुआत उन्होंने २६ मार्च २०१४ को मां [[वैष्णो देवी]] के आशीर्वाद के साथ [[जम्मू]] से की और समापन [[मंगल पांडे]] की जन्मभूमि [[बलिया]] में किया। स्वतन्त्रता प्राप्ति के पश्चात भारत की जनता ने एक अद्भुत चुनाव प्रचार देखा।<ref>{{cite news|url=http://www.jagran.com/news/national-from-narendra-modis-team-some-stats-437-rallies-5827-events-3-lakh-kilometres-11304607.htmlhttp://www.jagran.com/news/national-from-narendra-modis-team-some-stats-437-rallies-5827-events-3-lakh-kilometres-11304607.html |title=अद्भुत..चुनाव प्रचार के दौरान नरेंद्र मोदी ने की तीन लाख किमी यात्रा |publisher=[[दैनिक जागरण]]|date=11 मई,2014|accessdate=12 मई 2014}}</ref> यही नहीं, नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने २०१४ के चुनावों में अभूतपूर्व सफलता भी प्राप्त की।
=== परिणाम ===
चुनाव में जहाँ [[राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन]] ३३६ सीटें जीतकर सबसे बड़े संसदीय दल के रूप में उभरा वहीं अकेले भारतीय जनता पार्टी ने २८२ सीटों पर विजय प्राप्त की। काँग्रेस केवल ४४ सीटों पर सिमट कर रह गयी और उसके गठबंधन को केवल ५९ सीटों से ही सन्तोष करना पड़ा।<ref>{{cite web|title=Partywise Trends & Result|url=http://eciresults.nic.in/|accessdate=17 मई 2014}}</ref> नरेन्द्र मोदी स्वतन्त्र भारत में जन्म लेने वाले ऐसे व्यक्ति हैं जो सन २००१ से २०१४ तक लगभग १३ साल गुजरात के १४वें मुख्यमन्त्री रहे और [[हिन्दुस्तान]] के १५वें प्रधानमन्त्री बने।
 
एक [[ऐतिहासिक]] तथ्य यह भी है कि नेता-प्रतिपक्ष के चुनाव हेतु विपक्ष को एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि किसी भी एक दल ने कुल लोकसभा सीटों के १० प्रतिशत का आँकड़ा ही नहीं छुआ।
 
=== भाजपा संसदीय दल के नेता निर्वाचित ===
[[File:Narendra Modi elected leader of BJP Parliamentary Party.jpg|thumb|भारतीय संसद भवन में प्रवेश करने से पूर्व प्रणाम करते हुए नरेन्द्र मोदी]]
२० मई २०१४ को संसद भवन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित भाजपा संसदीय दल एवं सहयोगी दलों की एक संयुक्त बैठक में जब लोग प्रवेश कर रहे थे तो नरेन्द्र मोदी ने प्रवेश करने से पूर्व [[संसद भवन]] को ठीक वैसे ही जमीन पर झुककर प्रणाम किया जैसे किसी पवित्र [[मन्दिर]] में श्रद्धालु प्रणाम करते हैं। संसद भवन के इतिहास में उन्होंने ऐसा करके समस्त सांसदों के लिये उदाहरण पेश किया। बैठक में नरेन्द्र मोदी को सर्वसम्मति से न केवल भाजपा संसदीय दल अपितु एनडीए का भी नेता चुना गया। राष्ट्रपति ने नरेन्द्र मोदी को भारत का १५वाँ प्रधानमन्त्री नियुक्त करते हुए इस आशय का विधिवत पत्र सौंपा। नरेन्द्र मोदी ने सोमवार २६ मई २०१४ को प्रधानमन्त्री पद की शपथ ली।<ref name="TOI-20140520">{{cite news|url=http://timesofindia.indiatimes.com/Home/Lok-Sabha-Elections-2014/News/Narendra-Modi-appointed-Prime-Minister-swearing-in-on-May-26/articleshow/35388297.cms|title=Narendra Modi appointed Prime Minister, swearing in on May 26|date=2014-05-20|work=Times of India|accessdate=21 मई 2014}}</ref>
=== वडोदरा सीट से इस्तीफ़ा दिया ===
नरेन्द्र मोदी ने २०१४ के लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक अन्तर से जीती गुजरात की वडोदरा सीट से इस्तीफ़ा देकर संसद में उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया और यह घोषणा की कि वह [[गंगा]] की सेवा के साथ इस प्राचीन नगरी का विकास करेंगे।<ref name="ज़ी न्यूज़">{{cite news|url=http://zeenews.india.com/hindi/news/state/development-and-will-serve-varanasi-ganga-ma-modi/210729 |title=मोदी ने रखी वाराणसी की सीट, कहा- शहर का विकास और मां गंगा की सेवा करेंगे|date=29 मई 2014|work=ज़ी न्यूज़ इण्डिया|accessdate=30 मई 2014}}</ref>
 
== प्रधानमन्त्री के रूप में ==
=== ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह ===
{{main|नरेन्द्र मोदी का शपथ ग्रहण समारोह}}
 
नरेन्द्र मोदी का २६ मई २०१४ से भारत के १५वें प्रधानमन्त्री का कार्यकाल [[राष्ट्रपति भवन]] के प्रांगण में आयोजित शपथ ग्रहण के पश्चात प्रारम्भ हुआ।<ref>{{cite news|title=राष्ट्रपति भवन में सजा मोदी का दरबार|url=http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/05/140526_modi_swearing_in_ceremony_sdp.shtml |publisher=बीबीसी हिन्दी|date=२६ मई २०१४|accessdate=२६ मई २०१४}}</ref> मोदी के साथ ४५ [[नरेन्द्र मोदी के मंत्रिमण्डल|अन्य मन्त्रियों]] ने भी समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली।<ref>{{cite news | url=http://ibnlive.in.com/news/live-modi-takes-oath-as-indias-15th-pm-45-other-ministers-sworn-in/474347-3.html | title=Live: Modi takes oath as India's 15th PM, 45 other ministers sworn in |trans_title=लाइव: ४५ अन्य मंत्रियों के साथ मोदी भारत के १५वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेते हुये | work=आईबीएन न्यूज़ | date=२६ मई २०१४ | accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref> प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी सहित कुल ४६ में से ३६ मन्त्रियों ने हिन्दी में जबकि १० ने अंग्रेज़ी में शपथ ग्रहण की।<ref>{{cite news|title=मोदी के 46 में से 36 मंत्रियों ने ली हिन्दी में शपथ |url=http://rajasthanpatrika.patrika.com/news/36-new-center-ministers-takes-oath-in-hindi/1152732.html |publisher=राजस्थान पत्रिका |date=२६ मई २०१४|accessdate=२६ मई २०१४}}</ref>
समारोह में विभिन्न राज्यों और राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों सहित [[सार्क]] देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया।<ref>{{cite web | url=http://www.firstpost.com/politics/from-potol-dorma-to-jaya-no-show-the-definitive-guide-to-modis-swearing-in-1542185.html | title=From potol dorma to Jaya no-show: The definitive guide to Modi’s swearing in |trans_title=| publisher=''फर्स्टपोस्ट'' | date=२६ मई २०१४ | accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref><ref name="newlease">{{cite news|title=Narendra Modi’s swearing in offers a new lease of life to SAARC |url=http://www.dnaindia.com/india/report-narendra-modi-s-swearing-in-offers-a-new-lease-of-life-to-saarc-1991170 |first=कृष्ण |last=उप्पुलुरी |date=२५ मई २०१४ |location=नई दिल्ली|publisher=डीएनए इण्डिया |accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref> इस घटना को भारतीय राजनीति की राजनयिक कूटनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।
 
सार्क देशों के जिन प्रमुखों ने समारोह में भाग लिया उनके नाम इस प्रकार हैं।<ref>{{cite web|title=शरीफ़, राजपक्षे और करज़ई भारत पहुँचे |url=http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2014/05/140526_preparation_modi_swearing_ra.shtml |publisher=बीबीसी हिन्दी|date=२६ मई २०१४|accessdate=२६ मई २०१४}}</ref>
* {{flag|अफ़्गानिस्तान}} – राष्ट्रपति [[हामिद करज़ई]]<ref>{{cite web | url=http://www.business-standard.com/article/politics/afghan-president-karzai-to-attend-modi-s-swearing-in-114052100983_1.html | title=Afghan President Karzai to attend Modi's swearing-in | publisher=''बिजनेस स्टेण्डर्ड'' | date=२१ मई २०१४ | accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
* {{flag|बांग्लादेश}} – संसद की अध्यक्ष [[शिरीन शर्मिन चौधरी]]<ref>{{cite web | url=http://www.thehindu.com/news/international/south-asia/bangladesh-speaker-to-attend-modis-swearingin/article6037069.ece | title=Bangladesh Speaker to attend Modi’s swearing-in | publisher=''[[द हिन्दू]]'' | date=२२ मई २०१४ | accessdate=२६ मई २०१४ | author=हरून हबीब|language=अंग्रेज़ी}}</ref><ref>{{cite news|title=मोदी के शपथग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी शेख हसीना |url= http://www.prabhatkhabar.com/news/116493-Narendra-Modi-swearing-ceremony-Sheikh-Hasina.html |publisher=प्रभात खबर |date=२२ मई २०१४|accessdate=२६ मई २०१४}}</ref>
* {{flag|भूटान}} – प्रधानमन्त्री [[शेरिंग तोबगे]]<ref>{{cite web | url=http://www.dnaindia.com/india/report-bhutan-s-prime-minister-arrives-in-delhi-to-attend-modi-s-swearing-in-1991185 | title=Bhutan's prime minister arrives in Delhi to attend Modi's swearing-in | publisher=''[[डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस]]'' |place=नई दिल्ली | date=२५ मई २०१४ | accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
* {{flag|मालदीव}} – राष्ट्रपति [[अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम]]<ref>{{cite news|title=India inauguration: South Asian leaders unite around Narendra Modi|trans_title=भारत उद्घाटन: दक्षिण एशियाई नेता नरेन्द्र मोदी के चारों ओर एकजुट |url=http://edition.cnn.com/2014/05/26/world/asia/india-modi-inauguration/|accessdate=२६ मई २०१४ |newspaper=सीएनएन|date=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref><ref>{{cite news|title=Maldivian President arrives in Delhi for Narendra Modi's oath ceremony|trans_title=मालदीव के राष्ट्रपति नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में हिस्सा लेने दिल्ली पहुँचे। |url=http://zeenews.india.com/news/nation/maldivian-president-arrives-in-delhi-for-narendra-modi-s-oath-ceremony_934980.html|accessdate=२६ मई २०१४ |newspaper=ज़ी न्यूज़|date=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
* {{flag|मॉरिशस}} – प्रधानमन्त्री [[नवीनचन्द्र रामगुलाम]]<ref>{{cite news | url=http://timesofindia.indiatimes.com/home/lok-sabha-elections-2014/news/Rajapaksa-Ramgoolam-arrive-for-Modis-swearing-in-ceremony/articleshow/35615201.cms | title=Rajapaksa, Ramgoolam arrive for Modi's swearing-in ceremony |trans_title=राजपक्षा, रामगुलाम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में आये | work=टाइम्स ऑफ़ इण्डिया | date=२६ मई २०१४ | accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
* {{flag|नेपाल}} – प्रधानमन्त्री [[सुशील कोइराला]]<ref>{{cite news | url=http://www.business-standard.com/article/news-ani/nepal-pm-arrives-in-delhi-for-modi-s-oath-ceremony-114052600288_1.html | title=Nepal PM arrives in Delhi for Modi's oath ceremony |trans_title= नेपाल के प्रधानमंत्री मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने दिल्ली पहुँचे | work=बिजनस स्टैण्डर्ड | date=२६ मई २०१४ | accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
* {{flag|पाकिस्तान}} – प्रधानमन्त्री [[नवाज़ शरीफ़]]<ref>{{cite news|url=http://www.dnaindia.com/india/report-pakistan-prime-minister-nawaz-sharif-will-be-attending-narendra-modi-s-swearing-in-ceremony-on-may-26-bilateral-meeting-on-may-27-1990930 |title=Pakistan Prime Minister Nawaz Sharif will be attending Narendra Modi's swearing in ceremony on May 26; bilateral meeting on May 27 |trans_title=पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में २६ मई को भाग लेंगे; द्विपक्षीय बैठक २७ मई को |publisher=डीएनए इण्डिया |date=२४ मई २०१४ |accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
* {{flag|श्रीलंका}} – प्रधानमन्त्री [[महिन्दा राजपक्षे]]<ref>{{cite news|title=Sri Lankan's Mahinda Rajapaksa likely to bring along Northern province CM CV Wigneswaran to Narendra Modi's swearing in ceremony |trans_title= |url= http://www.dnaindia.com/india/report-sri-lankan-s-mahinda-rajapaksa-likely-to-bring-along-northern-province-cm-cv-wigneswaran-to-narendra-modi-s-swearing-in-ceremony-1990716 |publisher=डेली न्यूज़ एण्ड एनालिसिस|date=२३ मई २०१४|accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
 
[[ऑल इण्डिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम]] (अन्ना द्रमुक) और राजग का घटक दल [[मरुमलार्ची द्रविड़ मुनेत्र कझगम]] (एमडीएमके) नेताओं ने नरेन्द्र मोदी सरकार के श्रीलंकाई प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने के फैसले की आलोचना की।<ref>{{cite news|url=http://www.dnaindia.com/india/report-invite-to-sri-lanka-president-irks-narendra-modi-s-friend-j-jayalalithaa-ally-vaiko-1990595 |title=Invite to Sri Lanka president irks Narendra Modi's friend J Jayalalithaa, ally Vaiko |trans_title=श्रीलंकाई प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने से नरेन्द्र मोदी के फैसले ने दोस्त जे॰ जयललिता और घटक वाइको को दुख पहुँचाया |publisher=डीएनए इण्डिया |date=२३ मई २०१४ |accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref><ref>{{cite news|url=http://www.dnaindia.com/india/report-mahinda-rajapakse-s-attendance-in-narendra-modi-s-oath-ceremony-saddest-day-for-tamils-vaiko-1990685 |title=Mahinda Rajapakse's attendance in Narendra Modi's oath ceremony saddest day for Tamils: Vaiko |trans_title=नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में महिन्दा राजपक्षे की उपस्थिति तमिलों के लिए सबसे बुरा दिन: वाइको |publisher=डीएनए इण्डिया |date=२३ मई २०१४ |accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref> एमडीएमके प्रमुख वाइको ने मोदी से मुलाकात की और निमंत्रण का फैसला बदलवाने की कोशिश की जबकि कांग्रेस नेता भी एमडीएमके और अन्ना द्रमुक आमंत्रण का विरोध कर रहे थे।<ref>{{cite news|url=http://www.dnaindia.com/india/report-nda-ally-vaiko-meets-narendra-modi-says-mahinda-rajapaksa-should-not-be-invited-1990741 |title=NDA ally Vaiko meets Narendra Modi, says Mahinda Rajapaksa should not be invited |trans_title=राजग घटक वाइको नरेन्द्र मोदी से मिले और राजपक्षे को नहीं बुलाने को कहा |publisher=डीएनए इण्डिया |date=२३ मई २०१४ |accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref> श्रीलंका और पाकिस्तान ने भारतीय मछुवारों को रिहा किया। मोदी ने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित देशों के इस कदम का स्वागत किया।<ref>{{cite news|url=http://www.dnaindia.com/india/report-narendra-modi-welcomes-pakistan-sri-lanka-s-move-to-release-indian-fishermen-1991198 |title=Narendra Modi welcomes Pakistan, Sri Lanka's move to release Indian fishermen |trans_title=नरेन्द्र मोदी ने पाकिस्तान और श्रीलंका के मछुवारों को छोड़ने के कदम का स्वागत किया |publisher=डीएनए इण्डिया |date=२५ मई २०१४ |accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
 
इस समारोह में भारत के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था। इनमें से [[कर्नाटक के मुख्यमंत्री]], [[सिद्धारमैया]] (कांग्रेस) और [[केरल के मुख्यमंत्री]], [[उम्मन चांडी]] (कांग्रेस) ने भाग लेने से मना कर दिया।<ref name="KKskip">{{cite news|title=Karnataka, Kerala Cong CMs to skip Modi’s swearing-in, Jaya keeps up suspense |url=http://indianexpress.com/article/india/india-others/karnataka-kerala-cong-cms-to-skip-modis-swearing-in-jaya-keeps-up-suspense/ |date=२५ मई २०१४ |location=चेन्नई|publisher=द इण्डियन एक्सप्रेस |accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref> भाजपा और कांग्रेस के बाद सबसे अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करने वाली [[तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों की सूची|तमिलनाडु की मुख्यमंत्री]] [[जयललिता]] ने समारोह में भाग न लेने का निर्णय लिया जबकि [[पश्चिम बंगाल के मुख्यमन्त्रियों की सूची|पश्चिम बंगाल के मुख्यमन्त्री]] [[ममता बनर्जी]] ने अपनी जगह [[मुकुल रॉय]] और [[अमित मिश्रा]] को भेजने का निर्णय लिया।<ref name="jjskip">{{cite news|title=Jayalalitha, Siddaramaiah, Oomen Chandy to skip Modi's swearing-in ceremony |url=http://www.deccanchronicle.com/140526/nation-politics/article/jayalalitha-siddaramaiah-oomen-chandy-skip-modi-swearing-ceremony |date=२६ मई २०१४ |agency=डेक्कन क्रोनिकल |location=नई दिल्ली |accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref><ref name="mamtaskip">{{cite news|title=Mamata Banerjee, Oommen Chandy to give Modi's swearing-in a miss |url=http://timesofindia.indiatimes.com/home/lok-sabha-elections-2014/news/Mamata-Banerjee-Oommen-Chandy-to-give-Modis-swearing-in-a-miss/articleshow/35613144.cms|date=२६ मई २०१४ |agency=[[द टाइम्स ऑफ़ इण्डिया]]|location=नई दिल्ली|accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
 
वड़ोदरा के एक चाय विक्रेता किरण महिदा, जिन्होंने मोदी की उम्मीदवारी प्रस्तावित की थी, को भी समारोह में आमन्त्रित किया गया। अलवत्ता मोदी की माँ हीराबेन और अन्य तीन भाई समारोह में उपस्थित नहीं हुए, उन्होंने घर में ही टीवी पर लाइव कार्यक्रम देखा।<ref name="teavendor">{{cite news|title=Narendra Modi's swearing-in: A tea vendor from Vadodara gets invitation |url=http://zeenews.india.com/news/nation/narendra-modi-s-swearing-in-a-tea-vendor-from-vadodara-gets-invitation_934682.html |first=यामिनी |last=माग्गो |date=२५ मई २०१४ |location=वड़ोदरा |publisher=[[ज़ी न्यूज़]]|accessdate=२६ मई २०१४|language=अंग्रेज़ी}}</ref>
 
=== भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपाय ===
* [[भ्रष्टाचार]] से सम्बन्धित [[विशेष जाँच दल]] (SIT) की स्थापना
* [[योजना आयोग]] की समाप्ति की घोषणा।
* समस्त भारतीयों के [[वित्तीय समावेशन|अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा में समावेशन]] हेतु [[प्रधानमंत्री जन धन योजना]] का आरम्भ।
* रक्षा उत्पादन क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति
* ४५% का [[कर]] देकर काला धन घोषित करने की घूट
* [[सातवाँ वेतन आयोग|सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग]] की सिफारिसों की स्वीकृति
* [[रेल बजट]] प्रस्तुत करने की प्रथा की समाप्ति
* [[काला धन|काले धन]] तथा समान्तर अर्थव्यवस्था को समाप्त करने के लिये ८ नवम्बर से [[भारत के 500 और 1000 रुपये के नोटों का विमुद्रीकरण|२०१६ से ५०० तथा १००० के प्रचलित नोटों को अमान्य करना]]
 
=== भारत के अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध ===
* शपथग्रहण समारोह में समस्त सार्क देशों को आमंत्रण
* सर्वप्रथम विदेश यात्रा के लिए [[भूटान]] का चयन
* [[ब्रिक्स सम्मेलन]] में [[ब्रिक्स बैंक|नए विकास बैंक]] की स्थापना
* [[नेपाल]] यात्रा में [[पशुपतिनाथ मंदिर]] में पूजा
* अमेरिका व चीन से पहले जापान की यात्रा
 
=== सूचना प्रौद्योगिकी ===
{{मुख्य | डिजिटल भारत}}
 
===स्वास्थ्य एवं स्वच्छता===
{{मुख्य|स्वच्छ भारत अभियान}}
 
===रक्षा नीति===
भारतीय सशस्त्र बलों को आधुनिक बनाने एवं उनका विस्तार करने के लिये मोदी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने रक्षा पर खर्च को बढ़ा दिया है। सन २०१५ में रक्षा बजट ११% बढ़ा दिया गया। सितम्बर २०१५ में उनकी सरकार ने [[समान रैंक समान पेंशन]] (वन रैंक वन पेन्शन) की बहुत लम्बे समय से की जा रही माँग को स्वीकार कर लिया।
 
मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर भारत के नागा विद्रोहियों के साथ शान्ति समझौता किया जिससे १९५० के दशक से चला आ रहा नागा समस्या का समाधान निकल सके।
 
* [[२०१६ सर्जिकल स्ट्राइक|२९ सितम्बर, २०१६ को नियन्त्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक]]
 
* सीमा पर चीन की मनमानी का कड़ा विरोध और प्रतिकार
 
===घरेलू नीति===
* हजारों एन जी ओ का पंजीकरण रद्द करना
* [[अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय]] को 'अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय' न मानना
* [[तीन बार तलाक]] कहकर [[तलाक]] देने के विरुद्ध निर्णय
* [[जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय]] दिल्ली में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर लगाम
 
===आमजन से जुड़ने की मोदी की पहल===
देश की आम जनता की बात जाने और उन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए नरेंद्र मोदी ने '[[मन की बात]]' कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के माध्यम से मोदी ने लोगों के विचारों को जानने की कोशिश की और साथ ही साथ उन्होंने लोगों से स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़ने की अपील की।<ref>http://www.jagran.com/news/national-pm-modi-said-mann-ki-bat-all-accruing-then-india-will-grow-13359108.html</ref>
 
===अन्य===
* ७० वर्ष से अधिक उम्र के सांसदों एवं विधायकों को मंत्रिपद न देने का कड़ा निर्णय
 
== ग्रन्थ रचना ==
* सेतुबन्ध - राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता [[लक्ष्मणराव इनामदार]] की जीवनी के सहलेखक (२००१ में)
* आँख आ धन्य छे (गुजराती कविताएँ)
* कर्मयोग
* ज्योतिपुंज (२००८)
 
==सम्मान और पुरस्कार ==
[[File:Orde van Abdaluziz Al Saud.jpg|thumb|अब्दुलअज़ीज़ अल सऊद के आदेश का पदक]]
* अप्रैल २०१६ में नरेन्द्र मोदी [[सउदी अरब]] के उच्चतम नागरिक सम्मान 'अब्दुलअजीज अल सऊद के आदेश' (The Order of Abdulaziz Al Saud) से सम्मानित किये गये हैं।<ref>The Order of Abdulaziz Al Saud</ref><ref>http://www.hindustantimes.com/india/modi-conferred-highest-saudi-civilian-honour/story-bwZOeS1MJFw7QigfOEeFnI.html</ref>
* जून 2016 में [[अफगानिस्तान के राष्ट्रपति]] [[अशरफ गनी]] ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को [[अफगानिस्तान]] के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार [[अमीर अमानुल्ला खान अवॉर्ड]] से सम्मानित किया।<ref>http://khabar.ndtv.com/news/world/pm-modi-was-awarded-the-highest-civilian-honor-of-afghanistan-1415467 एनडीटीवी खबर</ref>
==वैश्विक छवि ==
*२०१४ : फ़ोर्ब्स पत्रिका में विश्व के शक्तिशाली व्यक्तियों में १४ वां स्थान।
*२०१५: विश्व के शक्तिशाली व्यक्तियों में ९ वां स्थान फोर्ब्स पत्रिका के सर्वे में। <ref>http://www.forbes.com/profile/narendra-modi/</ref>
*२०१६: विश्व प्रसिद्द फ़ोर्ब्स पत्रिका में विश्व के शक्तिशाली व्यक्तियों में मोदी का ९ वां स्थान। <ref>http://indianexpress.com/article/india/narendra-modi-forbes-list-worlds-most-powerful-people-4427685/</ref><ref>http://www.forbes.com/profile/narendra-modi/</ref><ref>http://www.forbes.com/powerful-people/list/#tab:overall</ref>
 
== सन्दर्भ ==
{{Reflist|2}}
 
 
== बाहरी कड़ियाँ==
{{Commons category|Narendra Modi|नरेंद्र मोदी}}
 
; आधिकारिक
* ''[http://twitter.com/narendramodi @narendramodi]'' - ''आधिकारिक तथा सत्यापित [[ट्विटर]] खाता''
* [http://www.facebook.com/narendramodi.official नरेन्द्र मोदी] - ''आधिकारिक [[फेसबुक]] खाता''
* [http://www.narendramodi.in नरेन्द्र मोदी] - ''आधिकारिक [[जालस्थल]]''
* [http://www.narendramodi.com नरेन्द्र मोदी] - ''निजी [[ब्लॉग]]''
 
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{{s-bef|before=[[केशुभाई पटेल]]}}
{{s-ttl|title=[[गुजरात के मुख्यमंत्री]]|years=६ अक्टूबर २००१–२१ मई २०१४}}
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{{s-ttl|title=[[भारत के प्रधानमंत्री]]<br>{{small|वर्तमान}}|years=२६ मई २०१४ से}}
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{{नरेन्द्र मोदी का वंशवृक्ष}}
{{भारत के प्रधानमन्त्री}}
{{भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री}}
{{संघ परिवार}}
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[[श्रेणी:1950 में जन्मे लोग]]
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