"समीकरण" के अवतरणों में अंतर

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# सामान्यतः दोनों पक्षों का कोई [[फलन]] निकालने पर भी समीकरण सत्य बना रहता है। किन्तु इस बात का ध्यान रखना चाहिये कि कोई वाह्य हल (extraneous solutions) न आ जाय।
 
===पक्षान्तर===
== पक्षान्त समीकरण के एक पक्ष में स्थित कोई चर, अचर, व्यंजक आदि को दूसरे पक्ष में ले जाने को पक्षान्तर कहा जाता है। समीकरण हल करने में पक्षान्तर का बहुत महत्व है। पक्षान्तर करने का सिद्धान्त उपर वर्णित समीकरण के गुणों पर ही आधारित है। ==
 
== समीकरण के प्रकार ==
किसी समीकरण में निहित चर राशियों की प्रकृति के आधार पर समीकरण का वर्गीकरण इस प्रकार किया जा सकता है:
* ट्रान्सिडेन्टल समीकरण (Transcendental equation)
* [[अवकलज समीकरण]] (Differential equation)
** [[पूर्ण अवकलजअवकल समीकरण]] (Total Differential equation)
** [[आंशिक अवकलजअवकल समीकरण]] (Partial differential equation)
* अन्तर समीकरण (Difference equation)
* समाकलन समीकरण (Integral equation)