"अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के अवतरणों में अंतर

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'''अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस''' 21 जून को मनाया जाता है। यह दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन प्रदान करता है। पहली बार यह दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया, जिसकी पहल [[भारत के प्रधानमंत्री]] [[नरेन्द्र मोदी]] ने 27 सितम्बर 2014 को [[संयुक्त राष्ट्र महासभा]] में अपने भाषण से की थी जिसमें उन्होंने कहा:
 
{{quote|"योग भारत की प्राचीन परंपरा का एक अमूल्य उपहार है यह दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है; मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य है; विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है तथा स्वास्थ्य और भलाई के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को भी प्रदान करने वाला है। यह व्यायाम के बारे में नहीं है, लेकिन अपने भीतर एकता की भावना, दुनिया और प्रकृति की खोज के विषय में है। हमारी बदलती जीवन- शैली में यह चेतना बनकर, हमें जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद कर सकता है। तो आयें एक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को गोद लेने की दिशा में काम करते हैं।"|[[नरेंद्र मोदी]]|[[संयुक्त राष्ट्र महासभा]]}}
 
जिसके बाद 21 जून को " अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" घोषित किया गया। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 193 सदस्यों द्वारा 21 जून को " अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। प्रधानमंत्री मोदी के इस प्रस्ताव को 90 दिन के अंदर पूर्ण बहुमत से पारित किया गया, जो [[संयुक्त राष्ट्र संघ]] में किसी दिवस प्रस्ताव के लिए सबसे कम समय है।<ref>{{cite news|url=http://www.bbc.co.uk/hindi/international/2014/12/141211_yoga_day_un_sdp |title=मोदी पलट पाएँगे योग की काया ? |publisher=[[बीबीसी|बीबीसी हिन्दी]] |date=12 दिसंबर 2014 |accessdate=12 जनवरी 2015}}</ref>
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