"वाप्पला पंगुन्नि मेनन": अवतरणों में अंतर

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[[File:Mountbatten with Menon.jpg|right|thumb|350px|Mountbatten with Menon]]
|name = वी पी मेनोन्
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[[File:Mountbatten with Menon.jpg|right|thumb|350px|Mountbattenमेनोन withके Menonसाथ माउण्ट बैटन]]
'''राउ बहादुर वाप्पला पंगुन्नि मेनोन''' (३० सित्ंबरसितंबर १८९३ - ३१ दिस्ंबरदिसंबर १९६५) एक भारतीय प्रशासनिक सेवक थे ,जो भारत के आखरीअन्तिम तीन विसरोइयोंवाइसरायों के संविधानसंविधानिक सलाह्कारसलाहकार एवं राजनीतिक सुधार आयुक्त भी थे।भारतथे। [[भारत का विभाजन|भारत के विभाजन]] के काल में औरतथा उसके बाद भारत के राजनीतिक संयोजनएकीकरण में वेउनकी श्रेष्ठमहती भूमिका निभारही। बाद में वे [[स्वतंत्र पार्टी]] के सदस्य बन चुकेगये है।थे।
==निजी जीवन==
मेनो का जन्म [[केरल]] के मलबार इलाकेक्षेत्र में हुआ था। उनके पिता एक विद्यालय के प्रधानाचार्य के पुत्रथे। पैदा हुए मेनोन,बचपन में अपने पढाई का बोझ घरवालों के ऊपर से उठाने के लिए घर से भाग गए।पह्लेगए। पहले रेलवे में कोयलाझोंक, फिर खनिक और बेंगलोर तंबाकू कंपनी में मुंशी का काम करने के बाद भारतीय प्रशासन सेवा में नीची स्तर से अपना प्रशासन सेवा में अपनी जीविका शुरू किए थे। अपने मेहनत के सहारे मेनोन ने अंग्रेज सरकार के नीचे ,में सबसे उच्च प्रशासन सेवक का पथपद अलंकृत कर दिया।किया। भारत के संविधान के मामले में मेनोन पंडित थे। विसरोइयोंवाइसरायों के नीचेअधीन काम करते वक्तसमय भी मेनोन सुदृढ देशभक्त थे। मेनोन की पत्नी श्रीमती कनकम्मा थी एवं उनके दो पुत्र थे- पंगुन्नि अनंतन मेनोन और पंगुन्नि शंकरन मेनोन।
मेनोन की पत्नी श्रीमती कनकम्मा थी एवं उनके दो पुत्र थे- पंगुन्नि अनंतन मेनोन और पंगुन्नि शंकरन मेनोन।
 
==भारत विभाजन==
==बटवारा==
मेनोन भारत के आखरी विसरोईवाइसराय मौण्ट्बैटनमाउण्ट बैटन के राजनीतिक सलाहकार्सलाहकार थे। मुसलिम[[मुस्लिम लीग]] और कॉँँग्रेस्कॉँँग्रेस के बीच के होड की वजह से जब अंतरिम सरकार गिर गई , तब मेनोन ने ही [[जवाहरलाल नेहरू]], [[सरदार वल्लभभाई पटेल]], और मौंट्बैटनमाउन्ट बैटन को [[मुहम्मद अली जिन्नाहजिन्ना]] के माँग के हिसाब से बटवारेबंटवारे का प्रस्ताव रखा। मेनोन की उपाय कुशलता से सरदार पटेल काफी प्रभावित होहुए गए,थे। जोसरदार पटेल आगे चलकर भारत के उप- प्रधानमंत्री बने।<br />
 
[[जोधपुर]] के राजा हनवन्त सिंह और मौंट्बैट्न के बीच के बैठ्क् में मेनोन भी उपस्थित थे। इसी भेंट में ही परिग्रहण साधन पर हस्ताक्षर किए गए थे।
 
==भारत का एकीकरण==
 
स्वतंत्रता के बाद, मेनोन सरदार पटेल के अधिन,राज्य मंत्रालय के सचिव बनाए गए।पटेल के साथ मेनोन का काफी गहरा संब्ंध था। पटेल मेनोन की राजनीतिक कुशलता और कार्य-प्राप्ति पर प्रभावित थे, जिसके कारण मेनोन को वहीं प्रतिष्ठा मिली जिसकी एक प्रशासक अपने से वरिष्ट व्यक्ति से उम्मीद करता है।<br />
 
* India - a portrait by Patrick French (page 10)
* W. H. J. Christie, Menon, Vapal Pangunni (1894–1966), rev. S. R. Ashton Oxford Dictionary of National Biography
 
==बाहरी कड़ियाँ==