"आर्य प्रवास सिद्धान्त" के अवतरणों में अंतर

** सहायक क्रियाओं का वाक्य का अन्त में आना । है, रहा है, था, होगा, हुआ है ये सब हिन्दी की सहायक क्रियाएं हैं - इनके तमिळ, बांग्ला या कन्नड़ अनुवाद भी अपने वाक्यों के अन्त में आते हैं । लेकिन अंग्रेज़ी में am, was, were, has आदि मुख्यतः अपने वाक्यों के मध्य में आते हैं ।
** वाक्यों का विन्यास - संस्कृत सहित उत्तर और दक्षिण भारत की भाषाओं में वाक्य (कर्ता-कर्म-क्रिया) इस क्रम में होते हैं, यूरोपीय भाषाओं से बहुत अलग ।
** Prepositions: संस्कृत और उत्तर-दक्षिण की सभी भारतीय भाषाओं में वाक्यों में अव्यय-विभक्ति संज्ञा के बाद आते हैं, लेकिन यूरोपीय भाषाओं में subjेect से पहले । जैसे अंग्रेज़ी में - From Home, On the table, Before Sunrise, लेकिन हिन्दी में ''घर से, टेबल पर, सूर्योदय से पहले'' आदि । ध्यान दीजिये कि अंग्रेज़ी में 'From' शब्द 'Home' से पहले आता है लेकिन हिन्दी में 'से', 'घर' के बाद, ऐसा उत्तर-से-दक्षिण तक भारत की सभी भाषाओं में है, लेकिन यूरोप की किसी भाषा में नहीं, फ़ारसी में भी नहीं । इस सिद्धांत के विरोधियों का तर्क है कि मिलते-जुलते शब्द व्यापार से आए होंगे । जैसे कि आधुनिक स्वाहिली (पूर्वी अफ़्रीका की भाषा) में कई शब्द अरबी से आए हैं, लेकिन भाषा एकदम अलग है । केनिया-तंज़ानिया के इन तटों पर अरब लोग बारहवीं सदी में आना शुरु हुए ।
 
== हानि ==
8,287

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