"ब्रिटिश भारत में रियासतें" के अवतरणों में अंतर

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=== महारानी विक्टोरिया की अधीनता में===
[[Image:Group portrait of the Maharaja of Mysore and his brothers and sisters.jpg|right|thumb|350px|वर्ष 1895 का एक समूह फोटो जिसमें ११ वर्षीय [[कृष्णराजा वडियार चतुर्थ]] (मैसूर के राजा) तथा उनके भाई-बहन सम्मिलित हैं।]]
1876 में देशी शासकों ने [[महारानी विक्टोरिया]] को भारत की सम्राज्ञी मानकर उसकी आधीनता स्वीकार कर ली। तदन्तर ब्रिटिश शासन की ओर से उन्हें उपाधियाँ दी जाने लगीं। प्रेस, रेल, तार तथा डाक द्वारा वे ब्रिटिश सरकार के निकट आते गये। चुंगी, व्यापार, आवपाशी, मुद्रा, दुर्भिक्ष तथा यातायात सम्बन्धी उनकी नीतियाँ ब्रिटिश भारत की नीतियों से प्रभावित होने लगी। उनकी कोई अन्तर्राष्ट्रीय स्थिति ही न रही। कुशासन, अत्याचार, राजद्रोह तथा उत्तराधिकार सम्बन्धी झगड़ों को लेकर रियासतों में ब्रिटिश सरकार का हस्तक्षेप बढ़ गया। इस नीति के निम्नलिखित कुछ उदाहरण ही पर्याप्त हैं -
 
(1) 1865 में झाबुआ के राजा पर 10000 दण्ड लगाना;