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सम्पादन सारांश रहित
तपस्या के उपरांत माता शक्ति ने दक्ष से कहा,"मैं पुत्री तो हो जाऊँ परंतु मेरा मिलन [[शिव]] से ना हुआ तो मैं आत्मदाह कर लूँगी, ना मैं उनका अपमान सहुंगी।
शक्ति के रूप में सती का जन्म हुआ।
ब्रह्मा अपने तीन सिरों से वेदपाठ करते तथा दो सिर से [[वेद]] को गालियाँ भी देते जिससे क्रोधित हो शिव ने उनकाउनके दो एक सिर काट दियादिये, ब्रह्मा दक्ष के पिता थे अत: दक्ष क्रोधित हो गया। शिव से बदला लेने की बात करने लगा।
राजा दक्ष की पुत्री ‘सती’ की माता का नाम था प्रसूति। यह प्रसूति स्वायंभुव मनु की तीसरी पुत्री थी। सती ने अपने पिती की इच्छा के विरूद्ध कैलाश निवासी शंकर से विवाह किया था।
 
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