"लॉर्ड वोल्डेमॉर्ट" के अवतरणों में अंतर

विस्तार
(विस्तार व {{काम जारी}} टैग जोड़ा)
(विस्तार)
पूरी शृंखला में रोलिंग ने वोल्डेमॉर्ट को ऐसे दुष्ट जादूगर के रूप में पेश किया है कि जादूगरी की दुनिया में सभी उसका नाम लेने को भी खतरनाक मानते थे। शृंखला के अधिकतर किरदार उसका नाम लेने के बजाय "तुम जानते हो कौन" या "वही जिसका नाम नहीं लिया जाता" से सम्बोधित करते थे। ''[[हैरी पॉटर और मौत के तोहफ़े]]'' में उसका नाम लेने पर इस आशंका से रोक लगायी गयी थी कि वोल्डेमॉर्ट और उसका गिरोह किसी को भी ऐसा करने पर ढूंढ सकता है। उपन्यास के दूसरे संस्करण के अनुसार ''I am Lord Voldemort'' नाम उसके असली नाम टॉम मार्वोलो रिडल का वर्ण-विपर्यय है।<ref>{{cite web |url=http://www.accio-quote.org/articles/1999/1099-connectiontransc2.htm
|author=Lydon, Christopher|title=J.K. Rowling interview transcript|publisher=The Connection (WBUR Radio) |date=12 October 1999}}</ref>
 
==उपस्थिति==
===''हैरी पॉटर और पारस पत्थर''===
वोल्डेमॉर्ट अपना पदार्पण ''[[हैरी पॉटर और पारस पत्थर]]'' से करता है। इस उपन्यास में रोलिंग ने उसे अनिष्ट देव के रूप में प्रस्तुत किया है जिसने हैरी के माता-पिता [[जेम्स पॉटर]] और [[लिली पॉटर]] की हत्या की है। परन्तु माँ के हैरी के प्रति प्यार और बलिदान की इछाश्क्ति के कारण वोल्डेमॉर्ट के मृत्यु श्राप अवादा केदाव्रा से शिशु हैरी बच जाता है और परिणामस्वरूप वोल्डेमॉर्ट शरीर खो देता है तथा हैरी के माथे पर निशान बन जाता है। इस भाग में वोल्डेमॉर्ट पारस पत्थर प्राप्त करके अपनी खोयी हुये शरीर को फिर से प्राप्त करने का असफल प्रयास करता है। इस उदेश्य को पूरा करने के लिये वह प्रोफ़ेसर [[क्विरल]] की मदद लेता है तथा उसके सर के पीछे आ जाता है। फिर भी हैरी अंत में पारस पत्थर चुराने से रोक देता है।
 
==सन्दर्भ==
9,286

सम्पादन