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[[चित्र:Union soldiers entrenched along the west bank of the Rappahannock River at Fredericksburg, Virginia (111-B-157).jpg|thumb|230px|उत्तरी सैनिक खाइयों में [[वर्जिनिया]] में दक्षिणी शहर फ़्रेड्रिक्सबर्ग पर हमला करने से पहले]]
[[चित्र:Civil war 1861-1865.jpg|thumb|230px|दक्षिणी कन्फ़ेडरेसी की घटती ज़मीन का वार्षिक नक्शा]]
'''अमेरिकी गृहयुद्ध''' (<small>[[अंग्रेजी]]: American Civil War, अमॅरिकन सिविल वॉर</small>) सन् १८६१ से १८६५ के काल में [[संयुक्त राज्य अमेरिका]] के उत्तरी राज्यों और दक्षिणी राज्यों के बीच में लड़ा जाने वाला एक [[गृहयुद्ध]] था जिसमें उत्तरी राज्य विजयी हुए।
 
इस युद्ध में उत्तरी राज्य अमेरिका की [[संघ (प्रशासन)|संघीय]] एकता बनाए रखना चाहते थे और पूरे देश से [[दास प्रथा]] हटाना चाहते थे। अमेरिकी इतिहास में इस पक्ष को औपचारिक रूप से 'यूनियन' (<small>Union यानि संघीय</small>) कहा जाता है और अनौपचारिक रूप से 'यैन्की' (<small>Yankee</small>) कहा जाता है। दक्षिणी राज्य अमेरिका से अलग होकर '[[परिसंघीय राज्य अमेरिका]]' (<small>Confederate States of America, कन्फ़ेडरेट स्टेट्स ऑफ़ अमॅरिका</small>) नाम का एक नया राष्ट्र बनाना चाहते थे जिसमें यूरोपीय मूल के श्वेत वर्णीय (गोरे) लोगों को अफ्रीकी मूल के कृष्ण वर्णीय (काले) लोगों को गुलाम बनाकर ख़रीदने-बेचने का अधिकार हो। दक्षिणी पक्ष को औपचारिक रूप से 'कन्फ़ेडरेसी' (<small>Confederacy यानि [[परिसंघ|परिसंघीय]]</small>) और अनौपचारिक रूप से 'रेबेल' (<small>Rebel, रॅबॅल, यानि विद्रोही</small>) या 'डिक्सी' (<small>Dixie</small>) कहा जाता है।<ref name="ref13gaxir">[http://books.google.com/books?id=WbFznb7PSGsC And the war came: the slavery quarrel and the American Civil War], Donald J. Meyers, Algora Publishing, 2005, ISBN 978-0-87586-358-0</ref> इस युद्ध में ६ लाख से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए (सही संख्या ६,२०,०००) अनुमानित की गई है।<ref name="ref10bayef">[http://books.google.com/books?id=wJz1Wg3dr5kC Interpreting America's Civil War: organizing and interpreting information in outlines, graphs, timelines, maps, and charts], Therese Shea, The Rosen Publishing Group, 2005, ISBN 978-1-4042-0415-7, ''... resulted in the joy of freedom for former slaves. About 620000 Americans were killed during the four years of the Civil War ...''</ref> तुलना के लिए सभी भारत-पाकिस्तान युद्धों को और १९६२ के [[भारत-चीन युद्ध]] को मिलाकर देखा जाए तो इन सभी युद्धों में १५,००० से कम भारतीय सैनिक मारे गए हैं।
 
== गृहयुद्ध के कारण ==
अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम के पश्चात अमेरिका एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में विश्व के मानचित्र पर स्थापित हुआ और उसने विश्व का पहला लिखित संविधान बनाकर संघीय शासन प्रणाली की स्थाना की। इस स्वतंत्रता संग्राम में सभी अमेरिकी राज्यों ने एकजुट होकर उपनिवेशवाद के विरूद्ध संघर्ष किया था किन्तु 1860 के दशक में अमेरिकी राज्यों के बीच ही गृह-युद्ध छिड़ गया।
 
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम में ही गृहयुद्ध के बीज निहित थे तो कुछ गृहयुद्ध को पूंजीवादी आदोलन मानते है तथा कुछ इतिहासकारों ने दास प्रथा को गृहयुद्ध के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
 
=== दासप्रथा से जुड़े संवैधानिक मुद्दे ===
उत्तरी-अमेरिका में तो दास व्यापार समाप्त कर दिया गया था और दास प्रथा उत्तर में पेन्सिलवेनिया की दक्षिणी सीमा तक बंद हो गई थी। इस सीमा रेखा को “मेसम-डिक्सन” सीमा कहा जाता था। अब अमेरिका का पश्चिमी क्षेत्रों में विस्तार हो रहा था और नए-नए क्षेत्र संयुक्त राज्य अमेरिका में शामिल किए जा रहे थे। ऐसे में यह प्रश्न उठ खड़ा हुआ कि इन राज्यों को दास राज्य के रूप में या स्वतंत्र राज्य के रूप में शामिल किया जाए। यह मुद्दा इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि संविधान मेमें यह स्वीकार किया गया था कि संघीय व्यवस्थापिका में दासों की गणना भी होती थी किन्तु दासों की जनसंख्या को 3/5 के औसत में प्रतिनिधित्व दिया जाता था अर्थात् दासों की जनसंख्या यदि 500 होगी तो उसे 300 मानकर प्रतिनिधित्व दिया जाने लगा। इस तरह दास राज्यों की संख्या में वृद्धि हो जाने से व्यवस्थापिका में दास राज्यों का वर्चस्व बढ़ जाने का खतरा था। इसलिए नवीन राज्यों के विलय के संदर्भ में उत्तरी अमेरिका उसे स्वतंत्र राज्य के रूप में शामिल करना चाहता था जबकि दक्षिणी राज्य उसे दास राज्य के रूप में। यह विवाद मिसौरी राज्य के विलय को लेकर और भी गहरा गया। अतः 1820 ई. में [[हेनरी क्ले]] (प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष) की मध्यस्थता से मिसौरी-समझौता संपन्न हुआ। इसके तहत् मिसौरी के दास राज्य के रूप में (दास प्रथा को हटान बिना ही) संघ में सम्मिलित कर लिया गया और यह कहा गया कि 36<sup>0</sup>30' अक्षांश के उत्तर वाले क्षेत्र लुइसियाना में दास प्रथा जारी नहीनहीं रहेगी। इसके बाद संघ में टेक्सास के विलय का प्रस्ताव आया। अंत में टेक्सास दास राज्य के रूप में संघ में 1845 में शामिल हो गया। फिर कैलिफोर्निया के मुद्दे पर विवाद हुआ और अंततः कैलिफोर्निया को 1850 में स्वतंत्र राज्य के रूप में सम्मिलित किया गया। दक्षिणी राज्यों में इस पर उग्र विरोध जताया। अब उन्हें संतुष्ट करने के लिए एक “भगोड़ा दास” कानून (Fugitive slave law) लाया गया जिसके तहत् भागे हुए दास को पुनः पकड़ा जा सकता था। इस कानून का उत्तरी राज्यों ने विरोधी किया क्योंकि वे भगोड़े दासों को शरण देते थे। किन्तु 1854 में [[कैन्सस]] एवं [[नेब्रास्का]] के विलय के प्रश्न ने विवाद को और गहरा दिया। वस्तुतः ये दोनों राज्य 30 डिग्री 30 मिनट के उत्तर में स्थित थे ओर मिसौरी समझौते के अनुसार इन्हें स्वतंत्र राज्य के रूप में सम्मिलित किया जाना था किन्तु [[स्टीफन डगलस]] नामक राजनीतिज्ञ के प्रयास से इन राज्यों को दास राज्य के रूप में शामिल कर लिया गया। इस तरह राज्यों के विलय के प्रश्न ने उत्तरी एवं दक्षिणी राज्यों के मध्य खाई को और चौड़ा कर दिया।
 
=== अब्राहम लिंकन का निर्वाचन ===
1860 ई. में रिपब्लिकन उम्मीदवार [[अब्राहम लिंकन]] की विजय हुई और 1861 में राष्ट्रपति के पद पर आसीन हुआ। रिपब्लिकन पार्टी ने [[दास प्रथा]] की आलोचना की थी और यह पार्टी स्वतंत्र श्रम विचारधारा में विश्वास रखती थी। अतः लिंकन की जीत दक्षिण के राज्यों को अशुभ सूचक प्रतीत हुई। उन्हें लगा कि यह जीत दक्षिण के आर्थिक हितों के अनुकूल नहीनहीं है। अतः दक्षिण के राज्यों में पहली प्रतिक्रिया कैरोलिना राज्य द्वारा की गयी और उसने संघ से अलग होने की घोषणा कर दी। फरवरी, 1861 तक मिसीसिपी, फ्लोरिडा, अलबामा, जॉर्जिया, लुलसियाना व टेक्सास ने भी संघ से विच्छेद कर जेफरसन डेविस को अपना राष्ट्रपति नियुक्त किया और इसी के साथ गृहयुद्ध की शुरूआत हो गई, जब दक्षिणी कैरोलिना से सुम्टर के किले पर बम फेंक संघ के विरूद्ध युद्ध छेड़ दिया।
 
== गृहयुद्ध के दौरान लिंकन की भूमिका ==
 
* दास प्रथा की समाप्ति से दक्षिणी राज्यों में बागानी कृषि का महत्व जाता रहा जिससे बागान मालिकों की स्थिति कमजोर हुई और दक्षिण में उत्तरी पूंजी का निवेश और प्रसार हुआ और वहाँ भी औद्योगीकरण हुआ।
 
* 1864 ई. राष्ट्रीय बैकिंग अधिनियम पारित होने के बाद देश में पहली बार राष्ट्रीय मुद्रा का प्रचलन शुरू हुआ। इसी प्रकार युद्ध के पश्चात् पूरे अमेरिका में आधुनिक संचार सुविधाओं का जाल बिछ गया। टेलीग्राफ लाइन, टेलिविजन तथा पार महाद्वीपीय रेलमार्ग का निर्माण किया गया। परिवहन और संचार की सुविधाएं उपलब्ध हो जाने से बाजार व्यवस्था में विस्तार हुआ। बाजार का यही विस्तार युद्धोत्तर अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अभिलक्षण माना जाता है।
 
* कृषि के क्षेत्र में मनुष्य और मजदूरों पर आश्रितता कम होने के साथ-साथ मशीनों का प्रयोग बढ़ता गया। फलतः उत्पादन में वृद्धि होती गई। अब हाथ की खेती यंत्रों की खेती में बदल गई। अब खेती के काम में कई उम्दा किस्म के औजार जैसे थे्रसर, भांप के इंजन से चलने वाला कर्बाइन हार्वेस्टर आदि उपयोग में आने लगे थे। युद्धकालीन वित्त व्यवस्था से अमेरिकी पूंजीपतियों को बहुत लाभ हुआ। युद्धकाल में फैली मुद्रास्फीति से तथा संघ सरकार की ओर से पर्याप्त ऋण की व्यवस्था किए जाने से मजदूरी ओर वेतन से हुई आय उद्यमियों के हाथों में पहुंच गई। रेलमार्गों का निर्माण हो जाने से निर्मित माल और भारी उद्योगों के उत्पादनों को प्रोत्साहन मिला। कोयले और लोहे के विभिन्न भंडारों की खोज और खनन हुआ। इन सबसे अमेरिका में बड़े पैमाने वाले उद्योगों का जाल बिछ गया और इस तरह तैयार माल के लागत खर्च में कमी आई। इस तरह बड़े उद्योग अमेरिका की पहचान बन गए। इस्पात उद्योग, कोयला, मांस उद्योग का विकास हुआ। नगरों की संख्या बढ़ी तथा वाणिज्य व्यापार का विकास हुआ। 1900 के आसपास अकेले अमेरिका में इतने इस्पात का उत्पादन होने लगा जितना उसके दो अन्य प्रतिद्वन्द्वी इंग्लैंड और जर्मनी मिलकर कर रहे थे।
 
* इस युग में अमेरिका में नवआर्थिक युग का सूत्रपात हुआ। कृषि और औद्योगिक समृद्धि से अमेरिका पूंजीवाद की ओर अग्रसर हुआ। 19वीं शताब्दी में अंतिम दो दशकों में विलयन और समेकन (Merger and Acquisition) की प्रक्रिया शुरू हुई अर्थात् कई छोटे-छोटे व्यापारों का एक बड़े संगठन में सम्मिलित हो जाना। जैसे United State steel Company में लगभग 200 विनिर्माण (manufacturing) और परिवहन (transport) कंपनियां एकीकृत हो गई थी और पूरा इस्ताप बाजार उसके नियंत्रण में था। इस तरह 19वीं शताब्दी के अंत में विशालकाय निगमों के स्थापित होने से भावी कम्पनी नियंत्रित पूंजीवाद (Corporate Capitalism) की शुरूआत हुई। इस तरह गृहयुद्धोत्तर काल तीव्र आर्थिक परिवर्तनों और समेकन का युग था। इस युग में बड़े-बड़े औद्योगिक घराने पनपे और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए एकाधिकार (monopoly) का साम्राज्य फैला।
 
* बड़े-बड़े संगठन अब विशाल और गतिशील बाजार व्यवस्था से जुड़ रहे थे, अतः वे अपने यहां व्यावसायिक प्रबन्ध व्यवस्था लागू करने पर जोर देने लगे। वे चाहते थे कि उनके श्रमिकों एवं अन्य प्रबन्धकर्ताओं की देखभाल अधिक दक्षता से हो और काम व्यावसायिक प्रबंधन में प्रशिक्षित व्यक्ति ही कर सकते थे। प्रबंधन शिक्षा का विकास हुआ और कहा गया कि अब तक मनुष्य “आगे रहा है किन्तु आने वाले जमाने में व्यवस्था को आगे रहना होगा।” इसी सूत्र वाक्य को ध्यान में रख Accounting , Management और Marketing के कई व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू हुए तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्मिक विभाग (Personnel Deptt) स्थापित हुए।
 
 
=== प्रथम आधुनिक युद्ध ===
अमेरिकी गृहयुद्ध को प्रथम आधुनिक युद्ध माना जाता हैं। इतिहास में यह प्रथम युद्ध था जिसमें बख्तरबंद युद्धपोतों ने संघर्ष किया। पहली बार व्यापक रूप से तोपखाने तथा गोला बारूद का प्रयोग किया गया। समाचार पत्रों ने युद्ध गतिविधियों का विस्तृत विवरण दिया और जनमत को प्रभावित किया। पहली बार घायल सैनिकों की चिकित्सा का सुव्यवस्थित ढंग से प्रबंधन किया गया, भूमिगत तथा जलगत सुरंगे बिछाई गई और युद्ध पोतो को डूबा देने वाली पनडुब्बियों का प्रयोग किया गया। इस प्रकार आधुनिक तकनीक पर आधारित यह प्रथम युद्ध माना जाता है।
 
== इन्हें भी देखें ==
== सन्दर्भ ==
<small>{{reflist|2}}</small>
 
{{संयुक्त राज्य अमेरिका के विषय}}
 
[[श्रेणी:संयुक्त राज्य अमेरिका का इतिहास]]
[[श्रेणी:संयुक्त राज्य अमेरिका के युद्ध]]
[[श्रेणी:अलगाववादी विद्रोह-सम्बन्धी गृहयुद्ध]]
 
 
 
 
 
{{संयुक्त राज्य अमेरिका के विषय}}