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! '''अध्याय'''
! '''नाम''' !! '''धाराएं'''
 
 
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* '''धारा ८१''' कार्य जिससे अपहानि कारित होना संभाव्य है, किन्तु जो आपराधिक आशय के बिना और अन्य अपहानि के निवारण के लिये किया गया है
* '''धारा ८२''' सात वर्ष से कम आयु के शिशु का कार्य
* '''धारा ८३''' सात वर्ष से उपरऊपर किन्तु बारह वर्ष से कम आयु अपरिपक्व समझ के शिशु का कार्य
* '''धारा ८४''' विकृतिचित्त व्यक्ति का कार्य
* '''धारा ८५''' ऐसे व्यक्ति का कार्य जो अपनी इच्छा के विरूद्ध मत्तता में होने के कारण निर्णय पर पहुंचने में असमर्थ है
* '''धारा १०८''' दुष्प्रेरक
* '''धारा १०८''' क भारत से बाहर के अपराधों का भारत में दुष्प्रेरण
* '''धारा १०९''' दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित कार्य उसके परिणामस्वरूप किया जाए और जहां तक कि उसके दण्ड के लिये कोई अभिव्यक्त उपबंध नहीनहीं है
* '''धारा ११०''' दुष्प्रेरण का दण्ड, यदि दुष्प्रेरित व्यक्ति दुष्प्रेरक के आशय से भिन्न आशय से कार्य करता है
* '''धारा १११''' दुष्प्रेरक का दायित्व जब एक कार्य का दुष्प्रेरण किया गया है और उससे भिन्न कार्य किया गया है
* '''धारा ११३''' दुष्प्रेरित कार्य से कारित उस प्रभाव के लिए दुष्प्रेरक का दायित्व जो दुष्प्रेरक दवारा आशयित से भिन्न हो
* '''धारा ११४''' अपराध किए जाते समय दुष्प्रेरक की उपस्थिति
* '''धारा ११५''' मृत्यु या आजीवन कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण यदि अपराध नहीनहीं किया जाता यदि अपहानि करने वाला कार्य परिणामस्वरूप किया जाता है
* '''धारा ११६''' कारावास से दण्डनीय अपराध का दुष्प्रेरण अदि अपराध न किया जाए यदि दुष्प्रेरक या दुष्प्रेरित व्यक्ति ऐसा लोक सेवक है, जिसका कर्तव्य अपराध निवारित करना हो
* '''धारा ११७''' लोक साधारण दवारा या दस से अधिक व्यक्तियों दवारा अपराध किये जाने का दुष्प्रेरण
** यदि अपराध कर दिया जाय
** यदि अपराध मृत्यु, आदि से दण्डनीय है
** यदि अपराध नहीनहीं किया जाय
* '''धारा १२०''' कारावास से दण्डनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना
** यदि अपराध कर दिया जाए - यदि अपराध नहीनहीं किया जाए
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| अध्याय ५ क
|2013
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==सन्दर्भ==