"२०१४ की युक्रेन क्राँति एवं क्रीमिया संकट" के अवतरणों में अंतर

ऑटोमेटिक वर्तनी सु, replaced: →
छो (बॉट: वर्तनी एकरूपता।)
(ऑटोमेटिक वर्तनी सु, replaced: →)
[[File:2014-02-21 11-04 Euromaidan in Kiev.jpg|thumb|कीव में विरोध प्रदर्शन 21 फ़रवरी 2014]]
[[File:Hrushevskyi street - 2014 Jan 22 - 30.jpg|thumb|हरुशेव्स्क्यी स्ट्रीट - 22 से 30 जनवरी 2014]]
२०१४ के आरंभ में यूक्रेन की राजधानी [[कीव]] में सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए,<ref name="nbt-hinsa">http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/asian-countries/firebombs-hurled-as-ukrainian-protests-take-violent-turn/articleshow/29415573.cms हिंसा और प्रदर्शन की जद में यूक्रेन</ref> जिसमें सैकड़ों लोग हताहत हुए।<ref name=nbt-khuni>http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/europe/ukraine-60-killed-in-bloody-clashes-500-injured/articleshow/30759382.cms यूक्रेन: खूनी संघर्ष में 60 से ज्यादा की मौत, 500 घायल</ref> फलस्वरूप तत्कालीन राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को अपदस्थ कर [[ओलेक्जेंडर तुर्चिनोव]] को कार्यकारी राष्ट्रपति बनाया गया।<ref name=yahoo>{{cite web|url= http://www.novinite.com/articles/158429/Ukraine's+Parliament+to+Appoint+Opposition+Leader+Acting+PM |title=Ukraine's Parliament Appoints Opposition Leader Acting PM | work = Novinite | publisher = Sofia News Agency |accessdate=3 मार्च 2014|archiveurl = http://web.archive.org/web/20081201194141/http://www.novinite.com/articles/158429/Ukraine's+Parliament+to+Appoint+Opposition+Leader+Acting+PM |archivedate=23 फ़रवरी 2014}}</ref><ref name="hindi.yahoo.com">[http://hindi.yahoo.com/ukrainechar-39-leader-flees-capital-elections-called-130048970.html याहू समाचार, शीर्षक:ओलेक्जेंडर बने यूक्रेन के अंतरिम राष्ट्रपति, दिनांक:23 फ़रवरी 2014]</ref>
 
किन्तु धूल छँटने से पहले, घटनाक्रम ने एक अलग ही मोड़ ले लिया जब रूस ने युक्रेन के [[क्रीमिया]] प्रायद्वीप में अपनी सेनाएँ भेज दी।<ref name = nbt-jang>http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/other-countries/Ukraine-mobilizes-troops-after-Russias-declaration-of-war/articleshow/31350211.cms रूस-यूक्रेन में जंग की आहट</ref>
 
नवंबर २०१३ में यूरोपीय संघ के साथ अंतिम समय में एक व्यापारिक समझौता रद्द कर रूस के साथ जाने पर के बाद यूक्रेन की राजधानी कीव में सरकार विरोधी प्रदर्शन शुरू हो गए। लाखों लोगों ने इंडिपेंडेंट स्क्वेयर पर प्रदर्शन किया। 22 जनवरी को वहां उस वक्त हिंसा शुरू हो गई, जब सरकार ने राजधानी में हो रहे प्रदर्शन पर लगाम कसने के लिए सख्त कानून लागू कर दिया, जिसके अंतर्गत, सरकारी इमारतों तक जाने का रास्ता रोकने पर भी जेल का प्रावधान कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, प्रदर्शन में हेलमेट या मास्क पहनने पर भी रोक लगा दी गई।<ref name="nbt-hinsa"/> 19,20 फ़रवरी 2014 को पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई जिसमें 70 से अधिक मारे गए और लगभग 500 घायल हो गए।<ref name="nbt-1">{{cite web | url= http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/31115001.cms| title= हथियाबंद प्रदर्शनकारियों के कब्जे में यूक्रेन की सरकारी बिल्डिंग| publisher = नवभारत टाईम्स| date= 27 फ़रवरी 2014| accessdate= 4 मार्च 2014}}</ref>
23 फ़रवरी 2014 को यूक्रेन के तत्कालीन राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच के ऊपर महाभियोग लगाए जाने के बाद यूक्रेन की संसद ने स्पीकर [[ओलेक्जेंडर तुर्चिनोव]] को अस्थायी रूप से राष्ट्रपति के कार्यो की जिम्मेदारी सौंप दी।<ref>{{cite web|urlname= http:"yahoo"//www.novinite.com/articles/158429/Ukraine's+Parliament+to+Appoint+Opposition+Leader+Acting+PM |title=Ukraine's Parliament Appoints Opposition Leader Acting PM | work = Novinite | publisher = Sofia News Agency |accessdate=3 मार्च 2014|archiveurl = http://web.archive.org/web/20081201194141/http://www.novinite.com/articles/158429/Ukraine's+Parliament+to+Appoint+Opposition+Leader+Acting+PM |archivedate=23 फ़रवरी 2014}}</ref><ref>[http:// name="hindi.yahoo.com"/ukrainechar-39-leader-flees-capital-elections-called-130048970.html याहू समाचार, शीर्षक:ओलेक्जेंडर बने यूक्रेन के अंतरिम राष्ट्रपति, दिनांक:23 फ़रवरी 2014]</ref> यानुकोविच देश छोड़कर भाग गए।
 
== क्रीमिया संकट ==
26 फ़रवरी 2014 को हथियारबंद रूस समर्थकों ने यूक्रेन के [[क्रीमिया]] प्रायद्वीप में संसद और सरकारी इमारतों पर को कब्जा कर लिया।<ref name="nbt-1"/> रूसी सैनिकों ने क्रीमिया के हवाई अड्डों, एक बंदरगाह और सैन्य अड्डे पर भी कब्जा कर लिया जिससे रूस और यूक्रेन के बीच आमने-सामने की जंग जैसे हालात बन गए।<ref name = nbt-jang/> २ मार्च को रूस की संसद ने भी राष्ट्रपति पुतिन के यूक्रेन में रूसी सेना भेजने के निर्णय का अनुमोदन कर दिया।<ref name="nbt-army">http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/europe/putin-gets-russian-parliament-approval-to-attack-ukraine/articleshow/31232126.cms रूसी संसद ने दी यूक्रेन में आर्मी भेजने की इजाजत</ref> इसके पीछे तर्क दियागया कि वहां रूसी मूल के लोग बहुतायत में हैं जिनके हितों की रक्षा करना रूस की जिम्मेदारी है।<ref name="nbt-7mar14">{{cite web | url= http://hindi.economictimes.indiatimes.com/india/national-india/---/articleshow/31552938.cms| title= रूस के साथ खड़ा है भारत| publisher = नवभारत टाईम्स| date= 7 मार्च 2014| accessdate= 7 मार्च 2014}}</ref> दुनिया भर में इस संकट से चिंता छा गई और कई देशों के राजनयिक अमले हरकत में आ गए। यही नहीं, 3 मार्च को दुनिया भर के शेयर बाजार गिर गए। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके यूरोपीय सहयोगियों ने रूस के कदम को अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया।<ref>http://hindi.economictimes.indiatimes.com/world/europe/World-scrambles-as-Russia-tightens-grip-on-Crimea/articleshow/31348485.cms यूक्रेन संकट : दुनिया बोली रुको रूस</ref> उन्होंने फोन पर रूसी राष्ट्रपति से डेढ़ घंटा बात की।<ref>http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/31350003.cms यूक्रेन पर आमने-सामने</ref>। अन्य देशों द्वारा भी रूस से अपील की गई। 4 मार्च को रूस के राष्ट्रपति ने आँशिक रूप से यूक्रेन की सीमा पर युद्धाभ्यास रत सेनाएँ वापिस बुलाने की घोषणा कर दी, जिससे युद्ध का खतरा तो टल गया लेकिन क्रीमिया पर रूसी सैनिकों का कब्जा जारी रहा।<ref>http://hindi.economictimes.indiatimes.com/articleshow/31356242.cms पुतीन के यूटर्न के बाद सेंसेक्स 250 अंक चढ़ा, निफ्टी 6300 के करीब</ref>
 
क्रीमिया 18वीं सदी से रूस का हिस्सा रहा है लेकिन 1954 में तत्कालीन रूसी नेता ख्रुश्चेव ने यूक्रेन को भेंट के तौर पर क्रीमिया दिया था।<ref name="nbt-7mar14"/> उल्लेखनीय है, कि 6 मार्च को [[क्रीमिया]] की संसद ने [[रूस|रूसी संघ]] का हिस्सा बनने के पक्ष में मतदान किया।<ref>[http://khabar.ibnlive.in.com/news/117047/2 आईबीएन खबर]</ref> जनमत संग्रह के परिणामों को आधार बनाकर 18 मार्च 2014 को क्रीमिया को रूसी फेडरेशन में मिलाने के प्रस्ताव पर [[रूस]] के राष्ट्रपति [[व्लादिमीर पुतिन]] ने हस्ताक्षर कर दिए। इसके साथ ही क्रीमिया रूसी फेडरेशन का हिस्सा बन गया है।<ref>[https://hi.wikipedia.org/wiki/%E0%A4%B5%E0%A4%BF%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%AA%E0%A5%80%E0%A4%A1%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE:%E0%A4%B8%E0%A4%AE%E0%A4%BE%E0%A4%9A%E0%A4%BE%E0%A4%B0/%E0%A4%89%E0%A4%AE%E0%A5%8D%E0%A4%AE%E0%A5%80%E0%A4%A6%E0%A4%B5%E0%A4%BE%E0%A4%B0#.E0.A4.9C.E0.A5.80-8_.E0.A4.B6.E0.A4.BF.E0.A4.96.E0.A4.B0_.E0.A4.AC.E0.A5.88.E0.A4.A0.E0.A4.95_.E0.A4.B0.E0.A4.A6.E0.A5.8D.E0.A4.A6_.E0.A4.95.E0.A5.80_.E0.A4.97.E0.A4.AF.E0.A5.80 क्रीमिया को रूसी फेडरेशन में मिलाने के प्रस्ताव पर पुतिन ने किए हस्ताक्षर] एन॰डी॰ टीवी इंडिया</ref>
 
== अंतर्राष्ट्रीय विरोध ==
क्रीमिया को रूसी संघ में मिलाये जाने का विरोध अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुआ और जी-8 देशों के समूह ने [[रूस]] को जी-8 समूह से निष्कासित कर दिया। यहाँ तक कि [[अमेरिकी]] राष्ट्रपति [[बराक ओबामा]] और शीर्ष आर्थिक शक्तियों ने [[यूक्रेन]] में [[रूस]] की सैन्य कार्रवाई के खिलाफ दबाव बनाने के लिए रूस में होने वाली जी-8 शिखर बैठक को रद्द कर दिया है। द हेग में यूक्रेन संकट पर चर्चा के बाद यह ऐलान किया गया कि जून महीने में सोची में प्रस्तावित जी 8 शिखर बैठक के स्थान पर [[ब्रसेल्स]] में जी 7 की शिखर बैठक बुलाई जाए और इसमें [[रूस]] को शामिल नहीं किया जाए।<ref>[http://hindi.webdunia.com/news-international/%E0%A4%B0%E0%A5%82%E0%A4%B8-%E0%A4%95%E0%A5%8B-%E0%A4%9D%E0%A4%9F%E0%A4%95%E0%A4%BE-%E0%A4%9C%E0%A5%80-8-%E0%A4%B6%E0%A4%BF%E0%A4%96%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A5%88%E0%A4%A0%E0%A4%95-%E0%A4%B0%E0%A4%A6%E0%A5%8D%E0%A4%A6-1140325013_1.htm रूस को झटका, जी 8 शिखर बैठक रद्द] वेब दुनिया हिन्दी,25 मार्च 2014(</ref> परमाणु सुरक्षाशिखर बैठक से इतर द हेग में हुई एक बैठक में यह फैसला किया गया। [[कनाडा]], [[फ्रांस]], [[जर्मनी]], [[इटली]], [[जापान]], [[ब्रिटेन]], [[अमेरिका]], यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय आयोग के अध्यक्ष ने इस फैसले पर अपनी-अपनी मोहर लगायी।
 
== इन्हें भी देखें ==
== बाहरी कड़ियाँ==
*[http://www.chauthiduniya.com/2014/03/yukrein-ki-kranti-or-krimiya-sankat.html यूक्रेन की क्रांति और क्रीमिया संकट] (चौथी दुनिया)
 
 
[[श्रेणी:यूक्रेन]]