"शीतयुद्ध की उत्पत्ति" के अवतरणों में अंतर

द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद ही अमरिका तथा अन्य पश्चिमी देश इटली से अपने सम्बन्ध बढ़ाने के प्रयास करने लग गए। इससे सोवियत संघ को शक हुआ कि इटली में फासीवाद को बढ़ावा देने तथा साम्यवाद को कमजोर करने में इन्हीं ताकतों का हाथ है। इससे सोवियत संघ को अन्तर्राष्ट्रीय सम्बन्धों में अपनी भूमिका सिमटती नजर आई। इस सोच ने दोनों के मध्य दूरियां बढ़ा दी।
 
 
== बर्लिन विवाद ==
[[चित्र:Checkpoint Charlie 1961-10-27.jpg|thumb|right|बर्लिन संकट (१९६१) के समय संयुक्त राज्य अमेरिका एवं सोवियत रूस के टैंक आमने सामने]]
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ही सोवियत संघ का पूर्वी बर्लिन पर तथा अमेरिका तथा ब्रिटेन का पश्चिमी बर्लिन पर अधिकार हो गया था। युद्ध के बाद पश्चिमी ताकतों ने अपने श्रेत्राधीन बर्लिन प्रदेश में नई मुद्रा का प्रचलन शुरू करने का फैसला किया। इस फैसलें के विरुद्ध जून 1948 में बर्लिन की नाकेबन्दी सोवियत संघ ने कर दी। इसके परिणामस्वरूप सोवियत संघ व अमेरिका या ब्रिटेन के बीच हुए प्रोटोकोल का उल्लंघन हो गया। इसके लिए सोवियत संघ को पूर्ण रूप से दोषी माना गया। सोवियत संघ अपना दोष स्वीकार करने को तैयार नहीं था। इससे मामला सुरक्षा परिषद् में पहुंच गया और दोनों महाशक्तियों के मध्य शीतयुद्ध के बादल मंडराने लग गए।
 
बेनामी उपयोगकर्ता