"ताड़का" के अवतरणों में अंतर

1,224 बैट्स् नीकाले गए ,  2 वर्ष पहले
छो
120.56.181.11 (Talk) के संपादनों को हटाकर Dharmadhyaksha के आखिरी अवतरण को पूर्ववत...
छो (120.56.181.11 (Talk) के संपादनों को हटाकर Dharmadhyaksha के आखिरी अवतरण को पूर्ववत...)
टैग: प्रत्यापन्न
[[रामायण]] की एक पात्र। यह [[सुकेतु]] [[यक्ष]] की पुत्री थी जिसका विवाह [[सुड]] नामक [[राक्षस]] के साथ हुआ था। यह [[अयोध्या]] के समीप स्थित [[सुंदर वन]] में अपने पति और दो पुत्रों [[सुबाहु]] और [[मारीच]] के साथ रहती थी। उसके शरीर में हजार हाथियों का बल था। उसके प्रकोप से सुंदर वन का नाम ताड़का वन पड़ गया था। उसी वन में [[विश्वामित्र]] सहित अनेक ऋषि-मुनि भी रहते थे। उनके जप, तप और यज्ञ में ये राक्षस गण हमेशा बाधाएँ खड़ी करते थे। विश्वामित्र राजा [[दशरथ]] से अनुरोध कर [[राम]] और [[लक्ष्मण]] को अपने साथ सुंदर वन लाए। राम ने ताड़का का और विश्वामित्र के यज्ञ की पूर्णाहूति के दिन सुबाहु का भी वध कर दिया। मारीच उनके बाण से आहत होकर दूर दक्षिण में समुद्र तट पर जा गिरा।
== जन्म ==
<span class="notranslate" onmouseover="_tipon(this)" onmouseout="_tipoff()"><span class="google-src-text" style="direction: ltr; text-align: left">== जन्म == सुकेतु नाम का एक अत्यंत बलवान यक्ष था।</span> == Birth == Suketu was a very powerful person at that time.</span> <span class="notranslate" onmouseover="_tipon(this)" onmouseout="_tipoff()"><span class="google-src-text" style="direction: ltr; text-align: left">उसकी कोई भी सन्तान नहीं थी।</span> He had no children.</span> <span class="notranslate" onmouseover="_tipon(this)" onmouseout="_tipoff()"><span class="google-src-text" style="direction: ltr; text-align: left">अतः सन्तान प्राप्ति के उद्देश्य से उसने [[ब्रह्मा]] जी की कठोर तपस्या की।</span> Therefore, for the purpose of attaining the child, he made a hard penance of [[Brahma]].</span> <span class="notranslate" onmouseover="_tipon(this)" onmouseout="_tipoff()"><span class="google-src-text" style="direction: ltr; text-align: left">उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने उसे सन्तान होने का वरदान दे दिया और उस वर के परिणामस्वरूप ताड़का का जन्म हुआ।</span> Pleased with his austerity, Brahma gave him the blessing of bearing a descendant and that resulted in the birth of Taraka.</span> <span class="notranslate" onmouseover="_tipon(this)" onmouseout="_tipoff()"><span class="google-src-text" style="direction: ltr; text-align: left">सुकेतु ने ब्रह्मा जी से ताड़का के अत्यंत बली होने का वर भी ले लिया और ब्रह्मा जी ने उसके शरीर में हजार हाथियों का बल दे दिया।</span> Suketu also took up the brave power of Brahmaji from Tara, and Brahma ji gave strength to thousands of elephants in his body.</span>
 
== विवाह ==
विवाह योग्य आयु होने पर सुकेतु ने ताड़का का विवाह सुन्द नाम के राक्षस से कर दिया और उससे सुबाहु और मारीच का जन्म हुआ। मारीच भी अपनी माता के समान बलवान और पराक्रमी हुआ।