"धर्म के लक्षण" के अवतरणों में अंतर

24 बैट्स् जोड़े गए ,  3 वर्ष पहले
छो
47.31.244.105 (Talk) के संपादनों को हटाकर अनुनाद सिंह के आखिरी अवतर...
टैग: मोबाइल संपादन मोबाइल एप सम्पादन
छो (47.31.244.105 (Talk) के संपादनों को हटाकर अनुनाद सिंह के आखिरी अवतर...)
टैग: प्रत्यापन्न
 
: '''श्रूयतां धर्मसर्वस्वं श्रुत्वा चाप्यवधार्यताम्।'''
: '''आत्मनः प्रतिकूलानि परेषां न ।।समाचरेत्।।''' (पद्मपुराण, शृष्टि 19/357-358)
 
('''अर्थ:''' धर्म का सर्वस्व क्या है, सुनो ! और सुनकर इसका अनुगमन करो। जो आचरण स्वयं के प्रतिकूल हो, वैसा आचरण दूसरों के साथ नहीं करना चाहिये।)