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[[उडुपी जिला|उडुपि]] जिले के एक [[ब्राह्मण]] ने तिगळारि लिपि का प्रयोग करके 'भागवत' नाम का एक ग्रन्थ की रचना की है। कवि [[मन्दार केशव भट]] ने 'मन्दार रामायण' नाम का एक आधुनिक [[महाकाव्य]] लिखा है।
 
== तुळुतुलू की शैलियाँ ==
भाषाविदों के अनुसार तुळुतुलू की चार प्रमुख रूप या शैलियाँ हैं :
 
'''शिवळ्ळिशिवल्लि''' - तुळुतुलू ब्राह्मणों की बोलनेवाली शैली।
 
'''जैन''' - तुळुनाडुतुलुनाडु के अत्तरी भागों के जैनों की बोलनेवाली शैली।
 
'''सामान्य''' - तुळुनाडुतुलुनाडु के ज्यादातर लोगों की बोलनेवाली शैली। वाणिज्य, कला, मनोरंजन में इस शैली की उपयोग होती है।
 
'''आदिवासी''' - आदिवासी लोगों की बोलनेवाली शैली।
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